शेखपुरा में साइबर अपराध से अर्जित रुपयों के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में एक पांच वर्षीय मासूम की गला दबाकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शनिवार दोपहर बाद आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी बलराम कुमार चौधरी ने मामले का खुलासा किया। यह घटना 7 मई को शेखपुरा जिले के कसार थाना अंतर्गत बरसा गांव में हुई। कन्हैया कुमार पंडित के पांच वर्षीय पुत्र दीपांशु कुमार को अगवा कर उसकी हत्या कर दी गई थी। बाद में शव को नवादा जिले के कौवाकोल स्थित पहाड़ के जंगल में फेंक दिया गया। दीपांशु कुमार खेलने के दौरान गायब हो गया था
एसपी चौधरी ने बताया कि 7 मई को दीपांशु कुमार खेलने के दौरान गायब हो गया था। उसके पिता कन्हैया पंडित ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जांच के दौरान सामने आया कि कन्हैया पंडित अपने गांव के सुदामा मांझी, गोरे मांझी, दिलखुश मांझी, संतोष रविदास और प्रदीप मांझी के साथ साइबर अपराध में शामिल था। ये सभी नवादा जिले के वारसलीगंज क्षेत्र में सक्रिय थे। साइबर अपराध से अर्जित 15 लाख रुपये कन्हैया पंडित के बैंक खाते में आए थे। सुदामा मांझी और अन्य आरोपी लगातार इस पैसे में अपने हिस्से की मांग कर रहे थे, लेकिन कन्हैया पंडित पैसे देने से इनकार कर रहा था। इस विवाद को लेकर पिछले एक महीने से कन्हैया पंडित और सुदामा मांझी के बीच तकरार चल रही थी। नवादा जिले के सुंभा पहाड़ पर फेंक दिया
इसी विवाद के चलते सुदामा मांझी, अजीत मांझी, संदीप मांझी, गोरे मांझी और दिलखुश मांझी ने मिलकर दीपांशु कुमार का अपहरण किया। 7 मई को ही गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और शव को नवादा जिले के सुंभा पहाड़ पर फेंक दिया। पुलिस की विशेष टीम ने इस मामले में चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। शेखपुरा में साइबर अपराध से अर्जित रुपयों के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में एक पांच वर्षीय मासूम की गला दबाकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शनिवार दोपहर बाद आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी बलराम कुमार चौधरी ने मामले का खुलासा किया। यह घटना 7 मई को शेखपुरा जिले के कसार थाना अंतर्गत बरसा गांव में हुई। कन्हैया कुमार पंडित के पांच वर्षीय पुत्र दीपांशु कुमार को अगवा कर उसकी हत्या कर दी गई थी। बाद में शव को नवादा जिले के कौवाकोल स्थित पहाड़ के जंगल में फेंक दिया गया। दीपांशु कुमार खेलने के दौरान गायब हो गया था
एसपी चौधरी ने बताया कि 7 मई को दीपांशु कुमार खेलने के दौरान गायब हो गया था। उसके पिता कन्हैया पंडित ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जांच के दौरान सामने आया कि कन्हैया पंडित अपने गांव के सुदामा मांझी, गोरे मांझी, दिलखुश मांझी, संतोष रविदास और प्रदीप मांझी के साथ साइबर अपराध में शामिल था। ये सभी नवादा जिले के वारसलीगंज क्षेत्र में सक्रिय थे। साइबर अपराध से अर्जित 15 लाख रुपये कन्हैया पंडित के बैंक खाते में आए थे। सुदामा मांझी और अन्य आरोपी लगातार इस पैसे में अपने हिस्से की मांग कर रहे थे, लेकिन कन्हैया पंडित पैसे देने से इनकार कर रहा था। इस विवाद को लेकर पिछले एक महीने से कन्हैया पंडित और सुदामा मांझी के बीच तकरार चल रही थी। नवादा जिले के सुंभा पहाड़ पर फेंक दिया
इसी विवाद के चलते सुदामा मांझी, अजीत मांझी, संदीप मांझी, गोरे मांझी और दिलखुश मांझी ने मिलकर दीपांशु कुमार का अपहरण किया। 7 मई को ही गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और शव को नवादा जिले के सुंभा पहाड़ पर फेंक दिया। पुलिस की विशेष टीम ने इस मामले में चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।


