Norovirus Vaccine : बदलते हुए मौसम में अचानक से होने वाली उल्टी और दस्त, जिसे अक्सर हम स्टमक फ्लू (Stomach Flu) समझ लेते हैं, उसका एक बड़ा कारण नोरोवायरस होता है। अब तक इसका कोई सटीक इलाज या वैक्सीन उपलब्ध नहीं थी। लेकिन The Lancet की हालिया स्टडी ने एक नई उम्मीद जगाई है। ट्रायल के दौरान इस वैक्सीन ने सुरक्षित परिणाम दिए। जानें रिसर्च में क्या बात सामने आई है?
क्या कहती है रिसर्च?
The Lancet की रिसर्च के अनुसार, नोरोवायरस के खिलाफ तैयार की गई नई वैक्सीन (जिसमें आधुनिक mRNA टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल किया जा रहा है) का बुजुर्गों पर परीक्षण किया गया। वैक्सीन की खुराक मिलने के बाद बुजुर्गों के शरीर ने वायरस के प्रमुख वेरिएंट्स (जैसे GII.4) के खिलाफ एंटीबॉडी बनाई।
ट्रायल में यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित पाई गई और इसके कोई गंभीर साइड इफेक्ट्स नहीं देखे गए। यह वैक्सीन बुजुर्गों को लंबे समय तक पेट के इस खतरनाक इन्फेक्शन से बचाकर रख सकती है।
नोरोवायरस के लक्षण (Symptoms)
- लगातार उल्टी होना और जी मिचलाना।
- पानी जैसे दस्त होना।
- पेट में तेज दर्द और क्रैम्प्स महसूस होना।
- हल्का बुखार और सिरदर्द।
- कमजोरी और चक्कर आना।
कैसे फैलता है यह वायरस?
- संक्रमित व्यक्ति के छूने से या उसके सीधे संपर्क में आने से।
- दूषित पानी पीने या संक्रमित खाना खाने से।
- वायरस से दूषित हुई सतहों को छूने के बाद बिना हाथ धोए खाना खाने से।
बुजुर्गों के लिए क्यों है खतरनाक?
उम्र बढ़ने के साथ इंसानी शरीर की बीमारियों से लड़ने की प्राकृतिक क्षमता (Immunity) कमजोर होने लगती है। इस वजह से बुजुर्गों का शरीर नोरोवायरस के हमले को कम झेल पाता है और वायरस पेट तथा आंतों को बहुत जल्दी और ज्यादा नुकसान पहुंचा देता है। बुजुर्गों के शरीर में पानी का स्तर युवाओं के मुकाबले पहले ही कम होता है। ऐसे में लगातार उल्टी-दस्त होने से उनके शरीर से पानी और जरूरी मिनरल्स (जैसे सोडियम, पोटैशियम) बहुत तेजी से खत्म हो जाते हैं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


