पूर्णिया डीएम अंशुल कुमार एक साथ दो जिम्मेदारियां संभालेंगे:प्रमंडलीय आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार मिला, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों हो चुके हैं सम्मानित

पूर्णिया डीएम अंशुल कुमार एक साथ दो जिम्मेदारियां संभालेंगे:प्रमंडलीय आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार मिला, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों हो चुके हैं सम्मानित

बिहार में हुए प्रशासनिक फेरबदल में 15 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों का तबादला किया गया है। प्रशासनिक बदलाव के बीच पूर्णिया के डीएम अंशुल कुमार को बड़ी जिम्मेदारी मिली है। 2016 बैच के आईएस अधिकारी अंशुल कुमार को पूर्णिया प्रमंडल के आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। खास बात है कि वे पूर्णिया के डीएम पद पर भी बने रहेंगे और साथ ही प्रमंडलीय आयुक्त की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी संभालेंगे। इस फैसले को प्रशासनिक स्तर पर पूर्णिया के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। आमतौर पर प्रमंडलीय आयुक्त और जिलाधिकारी दोनों अलग-अलग पद होते हैं, लेकिन सरकार ने अंशुल कुमार पर भरोसा जताते हुए उन्हें दोनों महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इससे साफ माना जा रहा है कि राज्य सरकार उनके कामकाज और प्रशासनिक क्षमता से काफी संतुष्ट है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर बेस्ट डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन अवॉर्ड मिला था डीएम अंशुल कुमार को उनकी बेहतरीन प्रशासनिक कार्यशैली और उत्कृष्ट चुनाव प्रबंधन के लिए राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर बेस्ट डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। अंशुल कुमार अपनी बेहतरीन कार्यशैली, प्रशासनिक दक्षता और जनता से सीधे संवाद के लिए जाने जाते हैं। पूर्णिया में जिलाधिकारी के रूप में उनका कार्यकाल कई मायनों में चर्चा में रहा है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा, सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग और कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार सक्रिय भूमिका निभाई। आम लोगों की समस्याओं को सुनने और उन पर त्वरित कार्रवाई करने की वजह से उनकी प्रशासनिक छवि काफी मजबूत बनी है। जिले में उन्होंने कई जनहित से जुड़े अभियानों को तेज गति दी। सरकारी दफ्तरों की कार्यप्रणाली में सुधार, समय पर योजनाओं का क्रियान्वयन, बाढ़ और आपदा प्रबंधन को लेकर तैयारी, साथ ही विकास योजनाओं की लगातार समीक्षा को लेकर वे लगातार सक्रिय रहे। जिले में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी उनकी भूमिका अहम मानी जाती है। अब प्रमंडलीय आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद उनकी जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। पूर्णिया प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले जिलों के प्रशासनिक कार्यों की निगरानी, विकास योजनाओं की समीक्षा और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी भी वे निभाएंगे। ऐसे में माना जा रहा है कि उनके अनुभव और कार्यशैली का फायदा पूरे प्रमंडल को मिल सकता है। प्रशासनिक हलकों में ये चर्चा भी है कि किसी अधिकारी को एक साथ डीएम और प्रमंडलीय आयुक्त जैसी दो बड़ी जिम्मेदारियां मिलना सरकार के विशेष विश्वास को दर्शाता है। पूर्णिया में उनके कामकाज को देखते हुए लोगों के बीच भी इस फैसले को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी जा रही है। पूर्णिया के लोगों को अब उम्मीद है कि अंशुल कुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी साथ ही विकास कार्यों में और तेजी आएगी। बिहार में हुए प्रशासनिक फेरबदल में 15 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों का तबादला किया गया है। प्रशासनिक बदलाव के बीच पूर्णिया के डीएम अंशुल कुमार को बड़ी जिम्मेदारी मिली है। 2016 बैच के आईएस अधिकारी अंशुल कुमार को पूर्णिया प्रमंडल के आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। खास बात है कि वे पूर्णिया के डीएम पद पर भी बने रहेंगे और साथ ही प्रमंडलीय आयुक्त की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी संभालेंगे। इस फैसले को प्रशासनिक स्तर पर पूर्णिया के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। आमतौर पर प्रमंडलीय आयुक्त और जिलाधिकारी दोनों अलग-अलग पद होते हैं, लेकिन सरकार ने अंशुल कुमार पर भरोसा जताते हुए उन्हें दोनों महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इससे साफ माना जा रहा है कि राज्य सरकार उनके कामकाज और प्रशासनिक क्षमता से काफी संतुष्ट है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर बेस्ट डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन अवॉर्ड मिला था डीएम अंशुल कुमार को उनकी बेहतरीन प्रशासनिक कार्यशैली और उत्कृष्ट चुनाव प्रबंधन के लिए राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर बेस्ट डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। अंशुल कुमार अपनी बेहतरीन कार्यशैली, प्रशासनिक दक्षता और जनता से सीधे संवाद के लिए जाने जाते हैं। पूर्णिया में जिलाधिकारी के रूप में उनका कार्यकाल कई मायनों में चर्चा में रहा है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा, सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग और कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार सक्रिय भूमिका निभाई। आम लोगों की समस्याओं को सुनने और उन पर त्वरित कार्रवाई करने की वजह से उनकी प्रशासनिक छवि काफी मजबूत बनी है। जिले में उन्होंने कई जनहित से जुड़े अभियानों को तेज गति दी। सरकारी दफ्तरों की कार्यप्रणाली में सुधार, समय पर योजनाओं का क्रियान्वयन, बाढ़ और आपदा प्रबंधन को लेकर तैयारी, साथ ही विकास योजनाओं की लगातार समीक्षा को लेकर वे लगातार सक्रिय रहे। जिले में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी उनकी भूमिका अहम मानी जाती है। अब प्रमंडलीय आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद उनकी जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। पूर्णिया प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले जिलों के प्रशासनिक कार्यों की निगरानी, विकास योजनाओं की समीक्षा और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी भी वे निभाएंगे। ऐसे में माना जा रहा है कि उनके अनुभव और कार्यशैली का फायदा पूरे प्रमंडल को मिल सकता है। प्रशासनिक हलकों में ये चर्चा भी है कि किसी अधिकारी को एक साथ डीएम और प्रमंडलीय आयुक्त जैसी दो बड़ी जिम्मेदारियां मिलना सरकार के विशेष विश्वास को दर्शाता है। पूर्णिया में उनके कामकाज को देखते हुए लोगों के बीच भी इस फैसले को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी जा रही है। पूर्णिया के लोगों को अब उम्मीद है कि अंशुल कुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी साथ ही विकास कार्यों में और तेजी आएगी।  

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