सम्राट सरकार बने आज एक महीना पूरा हो गया। 30 दिनों के कामकाज को देखें तो कमोबेश पूरी सरकार मंदिरों में माथा टेकने में बिजी रही। CM सम्राट 30 दिन में 18 मंदिर गए तो 7 मंत्री भी देश भर के मंदिरों में माथा टेकने पहुंच गए। हालांकि, इस बीच सरकार ने 4 कैबिनेट बैठक कीं। जिसमें युवाओं, महिलाओं से लेकर सरकारी कर्मचारियों के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं। सम्राट सरकार ने 30 दिन में क्या-क्या किया, जानिए भास्कर एनालिसिस में…। CM 18 मंदिर गए, 7 मंत्री भगवान की शरण में महावीर मंदिर से लेकर कामाख्या देवी मंदिर तक गए सम्राट सीएम पद की शपथ लेने के बाद सम्राट चौधरी लगातार मंदिर-मंदिर जा रहे हैं। उन्होंने पटना के महावीर मंदिर से लेकर तेलडीहा की देवी मंदिर और कामरुप कामाख्या की कामाख्या देवी मंदिर तक गए। मनौती की पूजा अर्चना के बीच वे और क्या-क्या मैसेज दे रहे हैं समझिए… हिंदुत्व और धार्मिक पहचान: सम्राट चौधरी पर आरोप लगता रहा है कि वे आरएसएस के कट्टर नेताओं में नहीं गिने जाते हैं। बिहार विधान सभा में तेजस्वी यादव ने व्यंग्य करते हुए कहा था कि सम्राट असली भाजपाई नहीं हैं। मंदिर जाकर सम्राट समझाना चाहते हैं कि वे आरएसएस या बीजेपी की धारा में डूबे हुए हैं। हिंदुत्व और धार्मिक पहचान उनके लिए सर्वोपरि है। जनता के बीच के लोकप्रिय नेता: सीएम बनने के बाद से सम्राट अपने घर और ऑफिस में लोगों से मिल रहे हैं। मंदिरों में पूजा-अर्चना करने जाते है तो भी लोगों से खूब मिलते हैं। पटना सिटी में उन्होंने पूजा के बाद काफी लोगों से मुलाकात की और फूल लिए। मंंदिर परिक्रमा के बहाने वे लोगों से मिले। वह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि वे आम लोगों के बीच के नेता हैं। भगवान की पूजा के जरिए वे बिना किसी प्रायोजित यात्रा के लोगों के बीच जा रहे हैं। राज्यव्यापी नई पहचान, नीतीश से अलग छवि बनाने का प्रयास: CM बनने के बाद सम्राट चौधरी अपनी पहचान को विस्तार देने में जुटे हैं। एक ओर वे अपराधियों के एनकाउंटर की बात कहकर सख्त प्रशासक की छवि गढ़ते हैं तो दूसरी ओर मंदिर में परिक्रमा कर बताते हैं कि धार्मिक और सबका ध्यान रखने वाले व्यक्ति हैं। किन-किन मंदिरों में गए सम्राट चौधरी 15 अप्रैल: CM पद की शपथ लेने से पहले सम्राट ने पटना के राजवंशीनगर स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना की। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद वे कई मंदिरों में गए। 16 अप्रैल: सम्राट पटना साहिब गुरुद्वारा पहुंचे और मत्था टेका। 17 अप्रैल: परिवार के साथ हरिहर नाथ मंदिर गए, रूद्राभिषेक कराया। 19 -20 अप्रैल: देवघर के बाबाधाम मंदिर पहुंचे। जलाभिषेक किया। 25 अप्रैल: पुनौरा धाम स्थित माता जानकी मदिर में पूजा- अर्चना की। 26 अप्रैल: बांका के शंभूगंज स्थित तेलडीहा दुर्गा मंदिर में पूजा की। 28 अप्रैल: पटना स्थित बड़ी पटन देवी और छोटी पटन देवी मंदिर में पूजा की। बेगमपुर स्थित जल्ला हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना की। 1 मई: पटना स्थित बुद्ध स्मृति पार्क में भगवान बुद्ध की पूजा अर्चना की। गयाजी स्थित महाबोधि मंदिर में पूजा की। गयाजी में शंकराचार्य मठ और विष्णुपद मंदिर में पूजा अर्चना की। नालंदा के श्रीश्री 108 श्री शरण निवास बाबा महतो साहब मंदिर में दर्शन-पूजन किया। 2 मई: पटना स्थित महावीर मंदिर में भगवान बजरंगबली की पूजा की 5 मई: खगड़िया के कात्यायनी स्थान मंंदिर में मां कात्यायनी की पूजा अर्चना की। मुंगेर स्थित ज्योति मंदिर में पूजा अर्चना की। 6 मई: पटना के राजवंशी नगर स्थित पंचरूपी हनुमान मंदिर में गृह मंत्री अमित शाह के साथ पूजा अर्चना की। साथ में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी थे। 11 मई: पटना के खाजपुरा स्थित शिव मंदिर में पूजा-अर्चना की। 12 मई: असम के गुवाहाटी के नीलांचल पर्वत स्थित शक्तिपीठ माता कामाख्या देवी मंदिर में पूजा अर्चना की। कौन-कौन मंत्री मंदिर गए? 1- विजय कुमार चौधरी, जल संसाधन, संसदीय कार्य मंत्री 15 अप्रैल को शपथ लेने के बाद विजय चौधरी परिवार के साथ देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम गए और पूजा की। उन्होंने 5 मई को खगड़िया में मां कात्यायनी के मंदिर में पूजा की थी। 2- विजय सिन्हा, कृषि मंत्री डिप्टी सीएम पद से हटने के बाद विजय सिन्हा मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर पहुंचे। भस्म आरती में हिस्सा लिया। बंगलामुखी धाम में यज्ञ किया। लौटे तो उन्हें कैबिनेट में कृषि विभाग मिला। 12 मई को उन्होंने मंदिर जाकर भगवान हनुमान की पूजा की। 3- निशांत कुमार, स्वास्थ्य मंत्री नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी निशांत कुमार को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया है। शपथ लेने के बाद वे पटना के महावीर मंदिर पहुंचे और वहां पूजा की। इसके बाद पटना के इस्कॉन मंदिर गए। 4- दिलीप जायसवाल, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने के बाद तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब में मत्था टेकने पहुंचे। 5- मिथिलेश तिवारी, शिक्षा मंत्री मंत्री पद की शपथ लेने के बाद कई मंदिरों में जाकर पूजा की। गोपालगंज के थावे मंदिर में थावे भवानी की पूजा की। काशी जाकर बाबा विश्वनाथ की पूजा की। वाराणसी में काल भैरव मंदिर में पूजा की। विन्ध्यवासिनी धाम गए। सोनपुर स्थित बाबा हरिहर नाथ मंदिर में जल अर्पण किया। 6- कुमार शैलेन्द्र, पथ निर्माण मंत्री शपथ ग्रहण के बाद 9 मई को बांका जिला के बाराहाट स्थित दुर्गा मंदिर, शंभूगंज प्रखंड स्थित तेलडीहा दुर्गा मंदिर में पूजा की। बुधवार को बिहपुर विधानसभा क्षेत्र के भ्रमरपुर ग्राम स्थित दुर्गा मंदिर में पूजा की। 7- संजय सिंह, PHED मंत्री मंत्री पद की शपथ लेने के बाद संजय सिंह अयोध्या गए और राम मंदिर में पूजा की। अब जानिए काम क्या–क्या हुए.. सम्राट सरकार ने बड़े अधिकारियों को बदला? सम्राट चौधरी ने कई बड़े अफसरों के तबादले किए हैं। CMO (मुख्यमंत्री का ऑफिस) में बदलाव किया है। एक प्रिंसिपल सेक्रेटरी दीपक कुमार को छोड़ दें तो पूर्व CM नीतीश कुमार के सभी भरोसेमंद अधिकारियों की छुट्टी कर दी है। दीपक कुमार की जगह दिल्ली से कोई अधिकारी आने वाले हैं। सम्राट ने नीतीश के भरोसेमंद रहे के. रवि को निशांत के स्वास्थ्य विभाग और चंद्रशेखर सिंह को विजय चौधरी के जलसंसाधन विभाग का सचिव बना दिया गया है। इनकी जगह अपने दो भरोसेमंद अधिकारी लोकेश कुमार और संजय सिंह को लेकर आए हैं। लंबे समय से शंटिंग में चल रहे दो IPS अधिकारी IG विकास वैभव और ADG सुधांशु कुमार को बड़ी जिम्मेदारी दी है। सम्राट सरकार ने आम लोगों के लिए क्या किया? सम्राट सरकार बने आज एक महीना पूरा हो गया। 30 दिनों के कामकाज को देखें तो कमोबेश पूरी सरकार मंदिरों में माथा टेकने में बिजी रही। CM सम्राट 30 दिन में 18 मंदिर गए तो 7 मंत्री भी देश भर के मंदिरों में माथा टेकने पहुंच गए। हालांकि, इस बीच सरकार ने 4 कैबिनेट बैठक कीं। जिसमें युवाओं, महिलाओं से लेकर सरकारी कर्मचारियों के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं। सम्राट सरकार ने 30 दिन में क्या-क्या किया, जानिए भास्कर एनालिसिस में…। CM 18 मंदिर गए, 7 मंत्री भगवान की शरण में महावीर मंदिर से लेकर कामाख्या देवी मंदिर तक गए सम्राट सीएम पद की शपथ लेने के बाद सम्राट चौधरी लगातार मंदिर-मंदिर जा रहे हैं। उन्होंने पटना के महावीर मंदिर से लेकर तेलडीहा की देवी मंदिर और कामरुप कामाख्या की कामाख्या देवी मंदिर तक गए। मनौती की पूजा अर्चना के बीच वे और क्या-क्या मैसेज दे रहे हैं समझिए… हिंदुत्व और धार्मिक पहचान: सम्राट चौधरी पर आरोप लगता रहा है कि वे आरएसएस के कट्टर नेताओं में नहीं गिने जाते हैं। बिहार विधान सभा में तेजस्वी यादव ने व्यंग्य करते हुए कहा था कि सम्राट असली भाजपाई नहीं हैं। मंदिर जाकर सम्राट समझाना चाहते हैं कि वे आरएसएस या बीजेपी की धारा में डूबे हुए हैं। हिंदुत्व और धार्मिक पहचान उनके लिए सर्वोपरि है। जनता के बीच के लोकप्रिय नेता: सीएम बनने के बाद से सम्राट अपने घर और ऑफिस में लोगों से मिल रहे हैं। मंदिरों में पूजा-अर्चना करने जाते है तो भी लोगों से खूब मिलते हैं। पटना सिटी में उन्होंने पूजा के बाद काफी लोगों से मुलाकात की और फूल लिए। मंंदिर परिक्रमा के बहाने वे लोगों से मिले। वह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि वे आम लोगों के बीच के नेता हैं। भगवान की पूजा के जरिए वे बिना किसी प्रायोजित यात्रा के लोगों के बीच जा रहे हैं। राज्यव्यापी नई पहचान, नीतीश से अलग छवि बनाने का प्रयास: CM बनने के बाद सम्राट चौधरी अपनी पहचान को विस्तार देने में जुटे हैं। एक ओर वे अपराधियों के एनकाउंटर की बात कहकर सख्त प्रशासक की छवि गढ़ते हैं तो दूसरी ओर मंदिर में परिक्रमा कर बताते हैं कि धार्मिक और सबका ध्यान रखने वाले व्यक्ति हैं। किन-किन मंदिरों में गए सम्राट चौधरी 15 अप्रैल: CM पद की शपथ लेने से पहले सम्राट ने पटना के राजवंशीनगर स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना की। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद वे कई मंदिरों में गए। 16 अप्रैल: सम्राट पटना साहिब गुरुद्वारा पहुंचे और मत्था टेका। 17 अप्रैल: परिवार के साथ हरिहर नाथ मंदिर गए, रूद्राभिषेक कराया। 19 -20 अप्रैल: देवघर के बाबाधाम मंदिर पहुंचे। जलाभिषेक किया। 25 अप्रैल: पुनौरा धाम स्थित माता जानकी मदिर में पूजा- अर्चना की। 26 अप्रैल: बांका के शंभूगंज स्थित तेलडीहा दुर्गा मंदिर में पूजा की। 28 अप्रैल: पटना स्थित बड़ी पटन देवी और छोटी पटन देवी मंदिर में पूजा की। बेगमपुर स्थित जल्ला हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना की। 1 मई: पटना स्थित बुद्ध स्मृति पार्क में भगवान बुद्ध की पूजा अर्चना की। गयाजी स्थित महाबोधि मंदिर में पूजा की। गयाजी में शंकराचार्य मठ और विष्णुपद मंदिर में पूजा अर्चना की। नालंदा के श्रीश्री 108 श्री शरण निवास बाबा महतो साहब मंदिर में दर्शन-पूजन किया। 2 मई: पटना स्थित महावीर मंदिर में भगवान बजरंगबली की पूजा की 5 मई: खगड़िया के कात्यायनी स्थान मंंदिर में मां कात्यायनी की पूजा अर्चना की। मुंगेर स्थित ज्योति मंदिर में पूजा अर्चना की। 6 मई: पटना के राजवंशी नगर स्थित पंचरूपी हनुमान मंदिर में गृह मंत्री अमित शाह के साथ पूजा अर्चना की। साथ में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी थे। 11 मई: पटना के खाजपुरा स्थित शिव मंदिर में पूजा-अर्चना की। 12 मई: असम के गुवाहाटी के नीलांचल पर्वत स्थित शक्तिपीठ माता कामाख्या देवी मंदिर में पूजा अर्चना की। कौन-कौन मंत्री मंदिर गए? 1- विजय कुमार चौधरी, जल संसाधन, संसदीय कार्य मंत्री 15 अप्रैल को शपथ लेने के बाद विजय चौधरी परिवार के साथ देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम गए और पूजा की। उन्होंने 5 मई को खगड़िया में मां कात्यायनी के मंदिर में पूजा की थी। 2- विजय सिन्हा, कृषि मंत्री डिप्टी सीएम पद से हटने के बाद विजय सिन्हा मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर पहुंचे। भस्म आरती में हिस्सा लिया। बंगलामुखी धाम में यज्ञ किया। लौटे तो उन्हें कैबिनेट में कृषि विभाग मिला। 12 मई को उन्होंने मंदिर जाकर भगवान हनुमान की पूजा की। 3- निशांत कुमार, स्वास्थ्य मंत्री नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी निशांत कुमार को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया है। शपथ लेने के बाद वे पटना के महावीर मंदिर पहुंचे और वहां पूजा की। इसके बाद पटना के इस्कॉन मंदिर गए। 4- दिलीप जायसवाल, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने के बाद तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब में मत्था टेकने पहुंचे। 5- मिथिलेश तिवारी, शिक्षा मंत्री मंत्री पद की शपथ लेने के बाद कई मंदिरों में जाकर पूजा की। गोपालगंज के थावे मंदिर में थावे भवानी की पूजा की। काशी जाकर बाबा विश्वनाथ की पूजा की। वाराणसी में काल भैरव मंदिर में पूजा की। विन्ध्यवासिनी धाम गए। सोनपुर स्थित बाबा हरिहर नाथ मंदिर में जल अर्पण किया। 6- कुमार शैलेन्द्र, पथ निर्माण मंत्री शपथ ग्रहण के बाद 9 मई को बांका जिला के बाराहाट स्थित दुर्गा मंदिर, शंभूगंज प्रखंड स्थित तेलडीहा दुर्गा मंदिर में पूजा की। बुधवार को बिहपुर विधानसभा क्षेत्र के भ्रमरपुर ग्राम स्थित दुर्गा मंदिर में पूजा की। 7- संजय सिंह, PHED मंत्री मंत्री पद की शपथ लेने के बाद संजय सिंह अयोध्या गए और राम मंदिर में पूजा की। अब जानिए काम क्या–क्या हुए.. सम्राट सरकार ने बड़े अधिकारियों को बदला? सम्राट चौधरी ने कई बड़े अफसरों के तबादले किए हैं। CMO (मुख्यमंत्री का ऑफिस) में बदलाव किया है। एक प्रिंसिपल सेक्रेटरी दीपक कुमार को छोड़ दें तो पूर्व CM नीतीश कुमार के सभी भरोसेमंद अधिकारियों की छुट्टी कर दी है। दीपक कुमार की जगह दिल्ली से कोई अधिकारी आने वाले हैं। सम्राट ने नीतीश के भरोसेमंद रहे के. रवि को निशांत के स्वास्थ्य विभाग और चंद्रशेखर सिंह को विजय चौधरी के जलसंसाधन विभाग का सचिव बना दिया गया है। इनकी जगह अपने दो भरोसेमंद अधिकारी लोकेश कुमार और संजय सिंह को लेकर आए हैं। लंबे समय से शंटिंग में चल रहे दो IPS अधिकारी IG विकास वैभव और ADG सुधांशु कुमार को बड़ी जिम्मेदारी दी है। सम्राट सरकार ने आम लोगों के लिए क्या किया?


