AIADMK में घमासान, पार्टी मुख्यालय की सुरक्षा बढ़ाई

AIADMK में घमासान, पार्टी मुख्यालय की सुरक्षा बढ़ाई

चेन्नई. एआइएडीएमके विधायक दल के व्हिप सी. विजय भास्कर ने विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर को 22 विधायकों की अयोग्यता के लिए ज्ञापन सौंपा। इनमें एडपाडी के. पलनीस्वामी भी शामिल हैं। आरोप है कि इन विधायकों ने टीवीके सरकार के विश्वास मत में पार्टी व्हिप के निर्देश का उल्लंघन किया है। सी विजय भास्कर ने स्पीकर से मुलाकात के बाद संवाददाताओं को बताया विधानसभा पार्टी का निर्णय बहुमत के आधार पर होता है और षणमुगम-वेलुमणि गुट के पास बहुमत है। विजयभास्कर के अनुसार, उन्होंने बुधवार को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार के विश्वास मत में समर्थन देने का निर्देश व्हाट्सऐप और ईमेल के माध्यम से 47 एआइएडीएमके विधायकों को दिया था। इनमें से 25 विधायकों ने आदेश का पालन किया, जबकि 22 विधायकों, जिनमें पलनीस्वामी भी शामिल हैं, ने आदेश की अवहेलना की। इस कारण गुट ने विधानसभा अध्यक्ष से उनकी अयोग्यता की मांग की है।

EPS पार्टी पदाधिकारियों को निकालने की प्रवृत्ति छोड़ें

दूसरी ओर, एसपी वेलुमणि ने विधायक दल का नेतृत्व करने का दावा करते हुए कहा पार्टी में आंतरिक मतभेदों के चलते पदाधिकारियों को हटाने की कार्रवाई अमान्य है। एनआर विश्वनाथन ने कहा, पलनीस्वामी को पार्टी पदाधिकारियों को बाहर निकालने की प्रवृत्ति छोड़नी चाहिए और जल्द से जल्द आम परिषद की बैठक बुलानी चाहिए, ताकि विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार पर चर्चा हो सके।षणमुगम ने कहा उनके गुट के नेता या विधायक तब तक मुख्यालय नहीं जाएंगे जब तक उनको न्याय नहीं मिलता, साथ ही दोनों गुटों के टकराव से इनकार किया। इस घटनाक्रम के चलते पार्टी मुख्यालय में भारी पुलिस सुरक्षा तैनात की गई। अतीत में पार्टी मुख्यालय पर हिंसा की घटनाएं हो चुकी हैं।

ईपीएस ने विधायक जी. हरि को सभी पदों से हटाया

इसी बीच, पलनीस्वामी के समर्थक और व्हिप ए. कृष्णमूर्ति व विधायक टीएन सुंदरम ने भी स्पीकर से विद्रोही विधायकों की अयोग्यता की मांग की है, जिन्होंने पार्टी के निर्देश के खिलाफ मतदान किया। पलनीस्वामी ने पार्टी विधायक जी. हरि को भी सभी पदों से हटा दिया। पार्टी में जारी खींचतान के कारण कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पलनीस्वामी के निवास पर जमा हुए और नव-नियुक्त पदाधिकारी भी उनसे मिले। इस बीच एआइएडीएमके मुख्यालय में गुरुवार को भारी पुलिस सुरक्षा तैनात की गई। पार्टी में बढ़ती फूट के कारण 2022 में हुई हिंसा जैसी पुनरावृत्ति रोकने के लिए यह कदम उठाया गया।

AIADMK OFFICE SECURITY

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