दतिया मेडिकल कॉलेज के ऑर्थो वार्ड में मंगलवार देर रात जूनियर डॉक्टरों द्वारा एक मरीज के अटेंडर से मारपीट का मामला सामने आया है। विवाद के बाद डॉक्टरों पर युवक को ड्यूटी रूम में बंद करने का आरोप है, जहां उसने परेशान होकर फांसी लगाने की कोशिश की। अस्पताल चौकी पुलिस ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर ताला तोड़ा और युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बरगाय निवासी प्रदीप पाल अपने चाचा का इलाज कराने के लिए मेडिकल कॉलेज आए थे। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, किसी बात को लेकर प्रदीप की जूनियर डॉक्टरों के साथ कहासुनी हो गई। आरोप है कि इसके बाद 6 से 7 जूनियर डॉक्टरों ने एक साथ आकर प्रदीप के साथ मारपीट की और उसे ड्यूटी रूम में बंद कर दिया। पर्दे का फंदा बनाकर की आत्महत्या की कोशिश
जानकारी के मुताबिक, युवक करीब एक घंटे तक ड्यूटी रूम में बंद रहा। इस दौरान उसने कमरे में लगे पर्दे को फाड़कर फंदा बनाया और फांसी लगाने का प्रयास किया। बाहर खड़े परिजनों और अन्य मरीजों द्वारा हंगामा शुरू किए जाने के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने ताला तोड़कर बचाई जान
घटना की सूचना मिलने पर अस्पताल चौकी पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शुरुआत में दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कमरे का ताला तोड़ दिया और युवक को सकुशल बाहर निकाल लिया। इलाज के लिए परेशान हुए अन्य मरीज
इस पूरे घटनाक्रम के कारण मेडिकल कॉलेज में देर रात तक तनाव की स्थिति बनी रही। कई गंभीर मरीज इलाज के लिए तड़पते रहे और वीडियो में मदद की गुहार लगाते भी नजर आए। मरीजों के परिजनों ने डॉक्टरों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रबंधन ने आरोपों को नकारा
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन इस पूरे मामले को दबाने का प्रयास करता नजर आया। मेडिकल कॉलेज के सुपरिटेंडेंट डॉ. अर्जुन सिंह ने मामले को गंभीर मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “ऐसा कुछ नहीं हुआ है। मामला आपस में सुलझा लिया गया है।” फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है।


