Monsoon Update: मानसून का आगमन 4 दिन पहले! 25 से 27 मई तक केरल में दे सकता है दस्तक

Monsoon Update: मानसून का आगमन 4 दिन पहले! 25 से 27 मई तक केरल में दे सकता है दस्तक

Monsoon 2026 Update: देशभर में भीषण गर्मी के बीच मानसून को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य तारीख से करीब 4 दिन पहले दस्तक दे सकता है। आमतौर पर मानसून 1 जून के आसपास केरल पहुंचता है, लेकिन इस बार इसके 25 से 27 मई के बीच केरल तट पर पहुंचने की संभावना जताई गई है।

बंगाल की खाड़ी में बना नया सिस्टम बढ़ाएगा मानसून की रफ्तार

मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक मौसम प्रणाली विकसित हुई है। अगले 48 घंटों में इसके और मजबूत होने की संभावना है। इसकी वजह से दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी और यही सिस्टम मानसून को तेजी से आगे बढ़ने में भी मदद करेगा।

IMD ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में इस सप्ताह के आखिर तक पहुंचने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं।

अंडमान से शुरू होता है मानसून का सफर

हर साल मानसून सबसे पहले मई के तीसरे सप्ताह में अंडमान-निकोबार क्षेत्र में पहुंचता है। इसके बाद यह धीरे-धीरे केरल होते हुए देश के अन्य हिस्सों की ओर बढ़ता है।

मौसम विभाग ने पहले ही संकेत दिए थे कि मानसून 20 मई के आसपास अंडमान-निकोबार द्वीप समूह तक पहुंच सकता है।

केरल में मानसून की आधिकारिक एंट्री की तारीख 1 जून है। केरल में मानसून का आगमन ही आधिकारिक तौर पर देश में मानसून सीजन की शुरुआत माना जाता है, जो इस बार 25 मई के आसपास संभावित है।

इस साल सामान्य से कम बारिश की उम्मीद

हालांकि मानसून के जल्दी आने की उम्मीद के बीच एक चिंताजनक खबर भी है। मौसम विभाग के अनुसार इस साल देश में औसत से कम बारिश हो सकती है। इस बार बारिश दीर्घकालिक औसत (LPA) का करीब 92 प्रतिशत रह सकती है।

विशेषज्ञों के मुताबिक संभावित ‘अल नीनो’ और इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) जैसे मौसमीय प्रभाव इस साल मानसून को प्रभावित कर सकते हैं।

महाराष्ट्र में कब होगी एंट्री?

मौसम विभाग के मुताबिक, मॉनसून आमतौर पर 1 जून को केरल तट पर दस्तक देता है और इसके बाद सात से आठ दिनों में महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों में मॉनसून की एंट्री होती है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में मॉनसून का जल्दी आगमन जरूरी नहीं कि महाराष्ट्र और देश के अन्य हिस्सों में भी मॉनसून जल्दी पहुंचेगा। मॉनसून को आगे बढ़ने के लिए बंगाल की खाड़ी और अरब सागर की जटिल परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है।

बता दें कि पिछले साल महाराष्ट्र में मानसून 25 मई को पहुंचा था। यह आमतौर पर मुंबई में लगभग 10 जून को दस्तक देता है।

हालांकि, अब सभी की नजरें आईएमडी के अगले अपडेट पर टिकी हैं कि मानसून की रफ्तार आगे कैसी रहती है और देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश कब तक पहुंचती है।

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