जमुई में नल जल योजना बंद:एक महीने से जलापूर्ति नहीं, ग्रामीण दूषित नदी का पानी पीने को मजबूर

जमुई में नल जल योजना बंद:एक महीने से जलापूर्ति नहीं, ग्रामीण दूषित नदी का पानी पीने को मजबूर

जमुई जिले के बरहट प्रखंड की नुमर पंचायत स्थित कटका मुसहरी में हर घर नल-जल योजना पूरी तरह ठप हो गई है। पिछले एक महीने से जलापूर्ति बंद होने के कारण मांझी समुदाय के लोगों में भारी नाराजगी है। दर्जनों महिलाओं और ग्रामीणों ने पानी टंकी के पास विरोध प्रदर्शन किया और जनप्रतिनिधियों व पीएचईडी विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने बताया कि नल-जल योजना की मुख्य पाइपलाइन बीच से क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे पूरे टोले में पानी की सप्लाई रुक गई है। करीब एक हजार की आबादी वाले इस महादलित टोले के लोग भीषण गर्मी में पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा मजबूरी में ग्रामीण गांव के पास बहने वाली आंजन नदी का दूषित पानी पीने को विवश हैं। गांव में मौजूद कुछ निजी चापाकलों पर भी पानी लेने के लिए लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन कर रहे मनोज मांझी, उपेंद्र मांझी, रंजू देवी और अनीता देवी ने बताया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन रखरखाव के अभाव में स्थिति बदहाल हो चुकी है। कई जगह स्टैंड पोस्ट टूट चुके ग्रामीणों ने बताया कि कई जगह स्टैंड पोस्ट टूट चुके हैं और पाइपलाइन जर्जर हो गई है। ग्रामीण बड़ी देवी ने यह भी बताया कि हाल ही में उनकी बेटी की शादी के दौरान पानी की किल्लत से परिवार को भारी परेशानी और शर्मिंदगी झेलनी पड़ी थी। इस संबंध में, पीएचईडी के कनीय अभियंता मशरूर आलम ने कहा कि मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच कर जल्द ही पाइप की मरम्मत की जाएगी और जलापूर्ति बहाल की जाएगी। जमुई जिले के बरहट प्रखंड की नुमर पंचायत स्थित कटका मुसहरी में हर घर नल-जल योजना पूरी तरह ठप हो गई है। पिछले एक महीने से जलापूर्ति बंद होने के कारण मांझी समुदाय के लोगों में भारी नाराजगी है। दर्जनों महिलाओं और ग्रामीणों ने पानी टंकी के पास विरोध प्रदर्शन किया और जनप्रतिनिधियों व पीएचईडी विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने बताया कि नल-जल योजना की मुख्य पाइपलाइन बीच से क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे पूरे टोले में पानी की सप्लाई रुक गई है। करीब एक हजार की आबादी वाले इस महादलित टोले के लोग भीषण गर्मी में पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा मजबूरी में ग्रामीण गांव के पास बहने वाली आंजन नदी का दूषित पानी पीने को विवश हैं। गांव में मौजूद कुछ निजी चापाकलों पर भी पानी लेने के लिए लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन कर रहे मनोज मांझी, उपेंद्र मांझी, रंजू देवी और अनीता देवी ने बताया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन रखरखाव के अभाव में स्थिति बदहाल हो चुकी है। कई जगह स्टैंड पोस्ट टूट चुके ग्रामीणों ने बताया कि कई जगह स्टैंड पोस्ट टूट चुके हैं और पाइपलाइन जर्जर हो गई है। ग्रामीण बड़ी देवी ने यह भी बताया कि हाल ही में उनकी बेटी की शादी के दौरान पानी की किल्लत से परिवार को भारी परेशानी और शर्मिंदगी झेलनी पड़ी थी। इस संबंध में, पीएचईडी के कनीय अभियंता मशरूर आलम ने कहा कि मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच कर जल्द ही पाइप की मरम्मत की जाएगी और जलापूर्ति बहाल की जाएगी।  

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