सुपौल के प्रतापगंज प्रखंड क्षेत्र की सुखानगर पंचायत स्थित मध्य विद्यालय सुखानगर से एक घटना सामने आई है। आरोप है कि विद्यालय के हेडमास्टर ने सातवीं क्लास के एक छात्र को रस्सी से बांधकर बेरहमी से पिटाई कर दी। घटना के बाद छात्र, उसके परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश है। दोपहर में विद्यालय परिसर में काफी देर तक हंगामे जैसी स्थिति बनी रही। देखें,मौके से आई तस्वीरें… सिलसिलेवार पढ़ें, पूरा मामला… 2 छात्रों के बीच हुई थी कहासुनी जानकारी के अनुसार विद्यालय में दो छात्रों के बीच मामूली कहासुनी हुई थी। इसी विवाद को लेकर प्रधानाध्यापक ने पहले छात्रों को डांटा और छड़ी से पीटा। आरोप है कि इसके बाद प्रधानाध्यापक ने एक छात्र के हाथ, पैर और गले में रस्सी बांध दी तथा उसकी बेरहमी से पिटाई की। छात्र की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग विद्यालय पहुंचे और उसे प्रधानाध्यापक के चंगुल से छुड़ाया। लोगों ने छात्र के शरीर से रस्सियां खोलीं और तुरंत घटना की सूचना उसके परिजनों को दी। परिजनों ने छात्र को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया सूचना मिलते ही परिजन विद्यालय पहुंचे और घायल छात्र को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रतापगंज ले गए। वहां चिकित्सक डॉ. ललित कुमार ने उसका उपचार किया। बताया जा रहा है कि छात्र के शरीर पर चोट के कई निशान पाए गए हैं। पीड़ित छात्र बोला-मजाक के दौरान कहासुनी पीड़ित छात्र ने बताया कि कक्षा में एक सहपाठी के साथ हंसी-मजाक के दौरान कहासुनी हो गई थी। इसी बात से नाराज प्रधानाध्यापक ने उसे रस्सी से बांधकर बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। घटना के बाद विद्यालय में ग्रामीणों और अभिभावकों की भीड़ जुट गई। लोगों ने आरोपी प्रधानाध्यापक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। प्रधानाध्यापक अक्सर गाली-गलौज करते हैं विद्यालय के अन्य छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने भी प्रधानाध्यापक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्राओं का कहना है कि प्रधानाध्यापक अक्सर गाली-गलौज करते हैं और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करते हैं। वहीं कुछ शिक्षिकाओं ने भी उनके व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। आरोपी प्रधानाध्यापक ने कहा-बेबुनियाद आरोप हालांकि आरोपी प्रधानाध्यापक मुरली प्रसाद सिंह ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि दोनों छात्र आपस में लड़ रहे थे और उन्होंने दोनों को डांटा तथा पीटा था। छात्राओं और शिक्षिकाओं द्वारा लगाए गए अन्य आरोपों को उन्होंने बेबुनियाद बताया। DEO बोले-मामले की रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी इधर, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सितेश झा ने कहा कि मामले से संबंधित आवेदन प्राप्त हुआ है। पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भेजी जाएगी। सुपौल के प्रतापगंज प्रखंड क्षेत्र की सुखानगर पंचायत स्थित मध्य विद्यालय सुखानगर से एक घटना सामने आई है। आरोप है कि विद्यालय के हेडमास्टर ने सातवीं क्लास के एक छात्र को रस्सी से बांधकर बेरहमी से पिटाई कर दी। घटना के बाद छात्र, उसके परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश है। दोपहर में विद्यालय परिसर में काफी देर तक हंगामे जैसी स्थिति बनी रही। देखें,मौके से आई तस्वीरें… सिलसिलेवार पढ़ें, पूरा मामला… 2 छात्रों के बीच हुई थी कहासुनी जानकारी के अनुसार विद्यालय में दो छात्रों के बीच मामूली कहासुनी हुई थी। इसी विवाद को लेकर प्रधानाध्यापक ने पहले छात्रों को डांटा और छड़ी से पीटा। आरोप है कि इसके बाद प्रधानाध्यापक ने एक छात्र के हाथ, पैर और गले में रस्सी बांध दी तथा उसकी बेरहमी से पिटाई की। छात्र की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग विद्यालय पहुंचे और उसे प्रधानाध्यापक के चंगुल से छुड़ाया। लोगों ने छात्र के शरीर से रस्सियां खोलीं और तुरंत घटना की सूचना उसके परिजनों को दी। परिजनों ने छात्र को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया सूचना मिलते ही परिजन विद्यालय पहुंचे और घायल छात्र को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रतापगंज ले गए। वहां चिकित्सक डॉ. ललित कुमार ने उसका उपचार किया। बताया जा रहा है कि छात्र के शरीर पर चोट के कई निशान पाए गए हैं। पीड़ित छात्र बोला-मजाक के दौरान कहासुनी पीड़ित छात्र ने बताया कि कक्षा में एक सहपाठी के साथ हंसी-मजाक के दौरान कहासुनी हो गई थी। इसी बात से नाराज प्रधानाध्यापक ने उसे रस्सी से बांधकर बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। घटना के बाद विद्यालय में ग्रामीणों और अभिभावकों की भीड़ जुट गई। लोगों ने आरोपी प्रधानाध्यापक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। प्रधानाध्यापक अक्सर गाली-गलौज करते हैं विद्यालय के अन्य छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने भी प्रधानाध्यापक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्राओं का कहना है कि प्रधानाध्यापक अक्सर गाली-गलौज करते हैं और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करते हैं। वहीं कुछ शिक्षिकाओं ने भी उनके व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। आरोपी प्रधानाध्यापक ने कहा-बेबुनियाद आरोप हालांकि आरोपी प्रधानाध्यापक मुरली प्रसाद सिंह ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि दोनों छात्र आपस में लड़ रहे थे और उन्होंने दोनों को डांटा तथा पीटा था। छात्राओं और शिक्षिकाओं द्वारा लगाए गए अन्य आरोपों को उन्होंने बेबुनियाद बताया। DEO बोले-मामले की रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी इधर, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सितेश झा ने कहा कि मामले से संबंधित आवेदन प्राप्त हुआ है। पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भेजी जाएगी।


