IPS Vikas Vaibhav: 6 साल बाद फील्ड पुलिसिंग में लौटे IPS विकास वैभव ने पुलिस अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है कि भ्रष्टाचार और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने 5 बड़ी गलतियों पर थाना प्रभारियों के सीधे निलंबन का आदेश जारी किया है।
IPS Vikas Vaibhav: बिहार के चर्चित आईपीएस अधिकारी विकास वैभव ने एक लंबे समय के बाद फील्ड पुलिसिंग में वापसी की है। रविवार को गृह विभाग द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार उन्हें मगध रेंज का IG बनाया गया है। जिसके बाद अब विकास वैभव ने स्पष्ट किया है कि उनकी प्राथमिकता बिना किसी डर या पक्षपात के रूल ऑफ लॉ स्थापित करना है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जनता के प्रति लापरवाही और भ्रष्टाचार अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इन 5 गलतियों पर सीधा सस्पेंशन
आईजी विकास वैभव ने फील्ड पुलिसिंग में लौटते ही जीरो टॉलरेंस नीति की घोषणा की है। उन्होंने 5 ऐसी विशेष परिस्थितियां बताई हैं, जिनमें दोषी पाए जाने पर संबंधित थाना प्रभारी को बिना किसी समझौते या देरी के तुरंत निलंबित कर दिया जाएगा।
- FIR दर्ज न करना: पीड़ितों को थाने से भगाना या प्राथमिकी दर्ज करने में आनाकानी करना।
- अपराध को छोटा दिखाना: आंकड़ों को कम रखने के लिए बड़ी धाराओं को हटाकर मामला दर्ज करना।
- सूचना छिपाना: किसी भी बड़ी घटना की जानकारी तुरंत एसपी या वरिष्ठ अधिकारियों को न देना।
- अवैध वसूली: पुलिसकर्मियों द्वारा जनता या व्यापारियों से धन उगाही (Extortion) करना।
- पक्षपातपूर्ण रवैया: शिकायतों के निपटारे के दौरान किसी एक पक्ष का साथ देना और तटस्थ न रहना।
विकास वैभव ने कहा कि यदि इन मामलों में थाना प्रभारी की भूमिका प्रथम दृष्टया स्थापित होती है, तो एसपी या आईजी द्वारा तत्काल निलंबन की कार्रवाई की जाएगी और विभागीय कार्यवाही शुरू होगी।
हर महीने के पहले शनिवार को जनता के बीच होगी पुलिस
जनता का विश्वास जीतने के लिए आईजी ने एक नई पहल की घोषणा की है। उन्होंने निर्देश दिया है कि हर महीने के पहले शनिवार को थाना परिसर के बाहर किसी सार्वजनिक स्थान पर पब्लिक-पुलिस संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जहां आम नागरिक अपनी समस्याएं, सुझाव और शिकायतें सीधे पुलिस के सामने रख सकेंगे। इसके अलावा, मगध रेंज के सभी थानों में बुजुर्गों की सहायता और उनसे नियमित संवाद के लिए एक सीनियर सिटीजन सेल भी स्थापित किया जाएगा।
रात में थानों का औचक निरीक्षण और लॉक-अप की जांच
पुलिसिंग की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आईजी विकास वैभव खुद एक्शन मोड में रहेंगे। उन्होंने कहा कि रात के समय थानों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान विशेष रूप से थानों के लॉक-अप की जांच होगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहां कोई अवैध हिरासत या किसी भी प्रकार की वसूली की घटना न हो रही हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की कार्यप्रणाली संवेदनशील और मानवीय होनी चाहिए।
जमीन विवाद और अवैध शराब पर जीरो टॉलरेंस
आईजी ने अपने प्राथमिक क्षेत्रों में संपत्ति संबंधी अपराधों पर नियंत्रण, रात्रि गश्त को मजबूत करना, जमीन विवादों में निष्पक्ष कार्रवाई और शराब माफिया के खिलाफ सख्त अभियान को शामिल किया है। उन्होंने अवैध सड़क जाम करने वालों के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि परिस्थितियों की परवाह किए बिना ऐसे लोगों के खिलाफ अनिवार्य रूप से FIR दर्ज की जाएगी।
जनता के लिए 24 घंटे उपलब्ध रहूंगा – विकास वैभव
6 साल से अधिक समय के बाद फील्ड में लौटे विकास वैभव ने मगध रेंज की जनता को आश्वस्त किया है कि वे कार्यालय समय के अलावा भी 24 घंटे जन शिकायतों को सुनने और उनका समाधान करने के लिए उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने कहा, ‘मैं अपनी क्षमता के अनुसार जिम्मेदारियों का निर्वहन करने और मगध रेंज के लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करूंगा।’


