10 मई को आर्ट ऑफ लिविंग के 45 वर्ष पूरे होने पर बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने श्री श्री रविशंकर के 70वें जन्मदिवस पर उन्हें शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने कार्यक्रम में नए ध्यान मंदिर का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा- यह ध्यान मंदिर आने वाली पीढ़ियों के लिए शांति और सुकून का बड़ा केंद्र बनेगा। जब संकल्प साफ हो और काम सेवा भाव से किया जाए तो हर प्रयास सफल होता है। यह ध्यान मंदिर दुनिया के बड़े ध्यान केंद्रों में शामिल माना जा रहा है, जहां अलग-अलग देशों से आने वाले लोग ध्यान और मंत्रोच्चारण के जरिए मानसिक शांति का अनुभव कर सकेंगे। पीएम बोले- विकसित भारत के लिए मानसिक शांति जरूरी पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब युवा मानसिक रूप से मजबूत और सामाजिक रूप से जिम्मेदार होंगे। उन्होंने योग, ध्यान और मानसिक स्वास्थ्य को राष्ट्र निर्माण के लिए बेहद जरूरी बताया। पीएम ने कहा, ‘आर्ट ऑफ लिविंग जैसे संगठन लोगों में अपनापन और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि समाज की ताकत सरकार से भी ज्यादा बड़ी होती है और देश तभी आगे बढ़ता है जब लोग राष्ट्र निर्माण में भागीदारी करते हैं।’ श्री श्री रविशंकर बोले- देश में बढ़ा आत्मविश्वास श्री श्री रविशंकर ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश में आत्मविश्वास और गर्व की भावना बढ़ी है। स्वच्छ भारत अभियान से देश ज्यादा साफ और सुंदर बना है। श्री श्री रविशंकर ने कहा, ‘पहले विदेशों में लोग भारत की प्रगति को लेकर सवाल उठाते थे, लेकिन अब भारत नई ऊंचाइयों तक पहुंच रहा है। भारत अब मांगने वाला नहीं, बल्कि दुनिया को देने वाला देश बन रहा है।’ 9 बड़ी सेवा योजनाओं की शुरुआत कार्यक्रम में पीएम मोदी ने शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण, स्वास्थ्य और डिजिटल साक्षरता से जुड़ी 9 बड़ी सेवा पहलों की शुरुआत भी की। आर्ट ऑफ लिविंग ने मिशन ग्रीन अर्थ के तहत पिछले एक साल में 90 लाख से ज्यादा पौधे लगाने की जानकारी दी। अब संगठन 45 लाख मोरिंगा और हजारों पवित्र वृक्ष लगाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। गांवों में डिजिटल और स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर संगठन ने 11 राज्यों में स्मार्ट विलेज सेंटर शुरू करने की घोषणा की। इसके जरिए गांवों में तकनीक, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी सुविधाएं पहुंचाई जाएंगी। ग्रामीण युवाओं को एआई आधारित डिजिटल सेवाओं की ट्रेनिंग देने की भी योजना है, ताकि वे गांवों में सरकारी योजनाओं और टेली-हेल्थ सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान बना सकें। दूरदराज इलाकों के लिए नौ नए टेलीमेडिसिन सेंटर भी शुरू किए जाएंगे। जेल सुधार और शिक्षा अभियान का विस्तार आर्ट ऑफ लिविंग ने जेल सुधार कार्यक्रम को भी आगे बढ़ाने की घोषणा की। इसके तहत देशभर की 550 जेलों में कार्यक्रम चलाए जाएंगे, जिससे करीब 60 हजार कैदियों और कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। संगठन के मुफ्त शिक्षा नेटवर्क को भी बढ़ाया जाएगा। अभी यह 22 राज्यों के 1.2 लाख से ज्यादा बच्चों तक पहुंच रहा है। 182 देशों से पहुंचे लोग इन कार्यक्रमों में 182 देशों से एक लाख से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में कई केंद्रीय मंत्री, राज्यपाल, उद्योगपति और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। साढ़े चार दशक में आर्ट ऑफ लिविंग दुनिया के बड़े स्वयंसेवी संगठनों में शामिल हो चुका है। संगठन का दावा है कि उसने ध्यान, शिक्षा और सेवा कार्यों के जरिए दुनिया भर में करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित किया है।


