उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के दूसरे मंत्रिमंडल विस्तार में फतेहपुर जिले की खागा विधानसभा सीट से विधायक कृष्णा पासवान ने राज्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उन्होंने रविवार को लखनऊ में दोपहर साढ़े तीन बजे मंत्री पद की शपथ ग्रहण की। कृष्णा पासवान का राजनीतिक सफर संघर्ष और जनसेवा से भरा रहा है। उनका जन्म 1 अगस्त 1963 को एक साधारण परिवार में हुआ था। उनके पति का नाम श्रीपाल पासवान है। शुरुआती दौर में उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्री के रूप में कार्य किया। इसी दौरान उन्होंने समाजसेवा और जनसमस्याओं के समाधान के लिए राजनीति में सक्रिय होने का निर्णय लिया। साल 1995 में पार्टी से जुड़ी थीं उन्होंने वर्ष 1995 में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। भाजपा से जुड़ने के बाद उन्होंने संगठन स्तर पर सक्रियता से कार्य किया और महिलाओं तथा दलित वर्ग के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साल 1995 में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में वह वार्ड खेसहन से भाजपा समर्थित प्रत्याशी के रूप में जिला पंचायत सदस्य चुनी गईं। इसके बाद वर्ष 2000 में वार्ड गाजीपुर से उन्होंने दूसरी बार जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीता। उसी वर्ष भाजपा ने उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया। हालांकि वह मामूली अंतर से चुनाव हार गईं।
साल 1996 में महिला मोर्चा का जिला मंत्री बनाया गया उनकी राजनीतिक सक्रियता और संगठन के प्रति समर्पण को देखते हुए पार्टी ने उन्हें लगातार महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपीं। वर्ष 1996 में उन्हें महिला मोर्चा की जिला मंत्री बनाया गया। 1998 में वह हंसवा मंडल अध्यक्ष बनीं और 2004 में भाजपा अनुसूचित मोर्चा की राष्ट्रीय मंत्री मनोनीत हुईं। इस दौरान उन्होंने विभिन्न राज्यों का दौरा कर पार्टी के जनाधार को मजबूत करने में योगदान दिया। वर्ष 2002 में भाजपा ने उन्हें किशनपुर विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया। उन्होंने यह चुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा पहुंचने का इतिहास रचा और जनसंघ तथा भाजपा के लिए इस सीट पर पहली जीत दर्ज कराई। इसके बाद वह विधानसभा की अनुसूचित जाति एवं जनजाति समिति की सदस्य भी बनीं।
साल 2007 में हार गई थीं चुनाव हालांकि, वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में वह करीब ढाई हजार वोटों के अंतर से हार गईं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और संगठन में लगातार सक्रिय रहीं।इसी वर्ष उन्हें भाजपा का जिलाध्यक्ष बनाया गया। परिसीमन के बाद खागा विधानसभा सीट सुरक्षित हुई तो भाजपा ने वर्ष 2012 में उन्हें खागा सीट से प्रत्याशी बनाया। उन्होंने करीब 20 हजार वोटों से जीत दर्ज की। इसके बाद 2017 में उन्होंने बसपा प्रत्याशी को 56 हजार से अधिक मतों से हराया। वहीं 2022 विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने लगातार चौथी बार जीत हासिल की। कृष्णा पासवान ने विधानसभा के साथ संगठन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। उन्हें भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष,कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्रीय संयोजक और भाजपा विधानमंडल दल की सचेतक जैसी अहम जिम्मेदारियां मिलीं। पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उनकी छवि एक मजबूत और संघर्षशील नेता की रही है।
जनसमस्याओं को लेकर कई बार आंदोलन किए क्षेत्रीय विकास के मुद्दों पर भी वह लगातार सक्रिय रहीं। यमुना कटरी क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी और सिंचाई जैसी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए उन्होंने आंदोलन से लेकर धरना-प्रदर्शन तक किए। सपा और बसपा सरकारों के दौरान जनसमस्याओं को लेकर कई बार आंदोलन करने पर उनके खिलाफ मुकदमे भी दर्ज हुए। भाजपा विधायक ने दो माह पहले भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी पीडब्ल्यूडी की बनी सड़क को खुद ही खोद डाला था। फतेहपुर को सरकार में मिलेगी मजबूती अभी हाल ही में चर्चित खागा प्रकरण को लेकर भी उन्होंने कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया था। उन्होंने साफ कहा था कि अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और कानून से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके इस रुख की क्षेत्र में काफी चर्चा रही। अब मंत्री पद की जिम्मेदारी मिलने के बाद जिले के लोगों को उम्मीद है कि फतेहपुर को सरकार में मजबूत प्रतिनिधित्व मिलेगा। विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। साइकिल से जाकर करती थीं पार्टी का प्रचार एक समय था जब कृष्णा पासवान भाजपा की सदस्यता लिया तो पार्टी को मजबूत बनाने के लिए साइकिल से विधानसभा क्षेत्र में जाकर लोगों को पार्टी में जोड़ने का काम कर रही थीं। इनके 3 पुत्र में सबसे बड़े पुत्र विकास पासवान हसवा ब्लाक प्रमुख हैं और 3 बेटियों है।


