दरभंगा में रविवार को स्कूटी और ऑटो के बीच टक्कर हो गई है। टक्कर के बाद स्कूटी सवार दो युवक बीच सड़क पर गिर गए। ऑटो दोनों के शरीर के ऊपर से गुजर गई। थोड़ी दूर आगे जाकर 15 फीट गहरे गड्ढे में पलट गई। हादसे में दोनों युवकों की मौत हो गई। मृतकों में कमतौल के बग्घा गांव निवासी मो. एजाज का बेटा मो. तौसीफ उर्फ सोनू (19) और मो. सलाउद्दीन का बेटा मो. समीउल्लाह (22) है। घटना केवटी थाना क्षेत्र के हाजीपुर चौक के पास जेठियाही मोड़ की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर के बाद घायलों को पुलिस और स्थानीय लोगों के सहयोग से बाहर निकाला गया। तत्काल केवटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने चेकअप के बाद मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष सदन राम पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे। आवश्यक कागजी प्रक्रिया के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। कैफे चलाता था समीउल्लाह मो. समीउल्लाह अपने परिवार में अकेला कमाने वाला था। गांव में साइबर कैफे चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। उसके पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। परिवार में मां और एक छोटी बहन है। बचपन से ही अपने नाना मो. ईदरिश के यहां रह रहा था। अपने नाना मो ईदरिश के यहां बचपन से ही रह रहा था। मां का रो-रोकर बुरा हाल वहीं, मृतक मो. तौसीफ उर्फ सोनू तीन भाइयों और चार बहनों में दूसरे नंबर पर था। वह बीए थर्ड सेमेस्टर का छात्र था। बेटे की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। अस्पताल में मौजूद उसकी मां बार-बार बेहोश हो रही थी। दरभंगा में रविवार को स्कूटी और ऑटो के बीच टक्कर हो गई है। टक्कर के बाद स्कूटी सवार दो युवक बीच सड़क पर गिर गए। ऑटो दोनों के शरीर के ऊपर से गुजर गई। थोड़ी दूर आगे जाकर 15 फीट गहरे गड्ढे में पलट गई। हादसे में दोनों युवकों की मौत हो गई। मृतकों में कमतौल के बग्घा गांव निवासी मो. एजाज का बेटा मो. तौसीफ उर्फ सोनू (19) और मो. सलाउद्दीन का बेटा मो. समीउल्लाह (22) है। घटना केवटी थाना क्षेत्र के हाजीपुर चौक के पास जेठियाही मोड़ की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर के बाद घायलों को पुलिस और स्थानीय लोगों के सहयोग से बाहर निकाला गया। तत्काल केवटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने चेकअप के बाद मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष सदन राम पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे। आवश्यक कागजी प्रक्रिया के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। कैफे चलाता था समीउल्लाह मो. समीउल्लाह अपने परिवार में अकेला कमाने वाला था। गांव में साइबर कैफे चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। उसके पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। परिवार में मां और एक छोटी बहन है। बचपन से ही अपने नाना मो. ईदरिश के यहां रह रहा था। अपने नाना मो ईदरिश के यहां बचपन से ही रह रहा था। मां का रो-रोकर बुरा हाल वहीं, मृतक मो. तौसीफ उर्फ सोनू तीन भाइयों और चार बहनों में दूसरे नंबर पर था। वह बीए थर्ड सेमेस्टर का छात्र था। बेटे की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। अस्पताल में मौजूद उसकी मां बार-बार बेहोश हो रही थी।


