सहरसा शहर के कचहरी चौक पर रविवार को भाकपा माले और आरवाईए कार्यकर्ताओं ने TRE-4 अभ्यर्थियों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान महिला अभ्यर्थियों के साथ अभद्र व्यवहार का भी आरोप लगाया गया। प्रदर्शनकारियों ने बिहार के मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। युवाओं की आवाज को दबाने के लिए लाठीचार्ज प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे आरवाईए के राष्ट्रीय पार्षद सह माले नेता कुंदन यादव ने कहा कि अपने भविष्य और रोजगार की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे TRE-4 अभ्यर्थियों पर पुलिस द्वारा किया गया लाठीचार्ज सरकार की दमनकारी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकार आंदोलन को दबाना चाहती कुंदन यादव ने आगे कहा कि बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लाखों पद खाली पड़े हैं। इसके बावजूद सरकार नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने के बजाय युवाओं पर लाठियां बरसा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब भी नौजवान रोजगार, शिक्षा और अधिकार की मांग को लेकर सड़क पर उतरते हैं, तब सरकार आंदोलन को कुचलने की कोशिश करती है। प्रदर्शनकारियों ने महिला अभ्यर्थियों के साथ कथित अमानवीय व्यवहार की भी कड़ी निंदा की। नेताओं ने कहा कि शिक्षकों की बहाली की मांग कर रहे युवाओं के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। लाठीचार्ज के दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो भाकपा माले नेताओं ने सरकार से तत्काल TRE-4 की नई वैकेंसी जारी करने की मांग की। इसके साथ ही, उन्होंने अभ्यर्थियों की मांगों को पूरा करने, लाठीचार्ज के दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने तथा घायल अभ्यर्थियों के इलाज और मुआवजे की व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की। इस प्रदर्शन में भाकपा माले जिला सचिव ललन यादव, खेग्रामस के राष्ट्रीय पार्षद विक्की राम, युवा नेता चंदन कुमार यादव, रणधीर ठाकुर, कमल किशोर यादव, मंटू यादव, सूरज कुमार, मो. मुस्ताक, विपिन कुमार और संतोष कुमार राजा सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। सहरसा शहर के कचहरी चौक पर रविवार को भाकपा माले और आरवाईए कार्यकर्ताओं ने TRE-4 अभ्यर्थियों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान महिला अभ्यर्थियों के साथ अभद्र व्यवहार का भी आरोप लगाया गया। प्रदर्शनकारियों ने बिहार के मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। युवाओं की आवाज को दबाने के लिए लाठीचार्ज प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे आरवाईए के राष्ट्रीय पार्षद सह माले नेता कुंदन यादव ने कहा कि अपने भविष्य और रोजगार की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे TRE-4 अभ्यर्थियों पर पुलिस द्वारा किया गया लाठीचार्ज सरकार की दमनकारी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकार आंदोलन को दबाना चाहती कुंदन यादव ने आगे कहा कि बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लाखों पद खाली पड़े हैं। इसके बावजूद सरकार नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने के बजाय युवाओं पर लाठियां बरसा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब भी नौजवान रोजगार, शिक्षा और अधिकार की मांग को लेकर सड़क पर उतरते हैं, तब सरकार आंदोलन को कुचलने की कोशिश करती है। प्रदर्शनकारियों ने महिला अभ्यर्थियों के साथ कथित अमानवीय व्यवहार की भी कड़ी निंदा की। नेताओं ने कहा कि शिक्षकों की बहाली की मांग कर रहे युवाओं के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। लाठीचार्ज के दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो भाकपा माले नेताओं ने सरकार से तत्काल TRE-4 की नई वैकेंसी जारी करने की मांग की। इसके साथ ही, उन्होंने अभ्यर्थियों की मांगों को पूरा करने, लाठीचार्ज के दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने तथा घायल अभ्यर्थियों के इलाज और मुआवजे की व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की। इस प्रदर्शन में भाकपा माले जिला सचिव ललन यादव, खेग्रामस के राष्ट्रीय पार्षद विक्की राम, युवा नेता चंदन कुमार यादव, रणधीर ठाकुर, कमल किशोर यादव, मंटू यादव, सूरज कुमार, मो. मुस्ताक, विपिन कुमार और संतोष कुमार राजा सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।


