बेखौफ चोर:पुलिस का फोकस ड्रिंक एंड ड्राइव केस पर, चोरों को पकड़ने का ट्रैकिंग सिस्टम ही नहीं, 4 महीने में 1 हजार से ज्यादा वाहन चोरी

बेखौफ चोर:पुलिस का फोकस ड्रिंक एंड ड्राइव केस पर, चोरों को पकड़ने का ट्रैकिंग सिस्टम ही नहीं, 4 महीने में 1 हजार से ज्यादा वाहन चोरी

शहर में वाहन चोरों का खौफ इस कदर बढ़ गया है कि अब घर के बाहर वाहन खड़े रखना सुरक्षित नहीं लगा रहा। पुलिस का फोकस सिर्फ ‘ड्रिंक एंड ड्राइव’ केस बनाने पर है। रात 1 बजे तक चेकिंग और सड़कों पर मुस्तैदी के दावों के बीच हर माह ढाई सौ से ज्यादा वाहन चोरी हो रहे हैं। पिछले 4 महीने में शहर में 1 हजार से ज्यादा वाहन चोरी हो गए। 32 में से 28 थानों में दर्ज वाहन चोरी की शिकायत के आंकड़े बताते हैं कि देर रात वाहनों के लॉक तोड़कर अधिकतर चोरी हो रही है। पुलिस के पास वाहन चोरों को पकड़ने का ट्रैकिंग सिस्टम ही नहीं है। अप्रैल के 30 दिन में 248 वाहन चोरी हो चुके हैं। चोरी के वाहन देवास की धानी घाटी जाते हैं
पुलिस जांच में साफ हुआ कि इंदौर से चोरी होने वाले अधिकांश वाहन देवास की धानी घाटी भेजे जा रहे हैं। मार्च में इन बदमाशों ने अकेले हीरानगर से 27, बाणगंगा से 12 और तुकोगंज से 8 वाहन चुराए। वाहनों की रिकवरी बेहद सुस्त है। जोन 03 की एसीपी ने मार्च में हुई दर्जनों वाहन चोरी के बाद एक्शन लेते हुए धानी घाटी से 20 वाहन जब्त किए थे। बुलेट-स्पोर्ट्स बाइक निशाने पर
जांच में सामने आया कि चोरी में कंजर गैंग के बदमाश ज्यादा सक्रिय हैं। चोरी में बुलेट, स्पोर्ट्स और महंगी बाइक शामिल हैं। फरियादी खुद फुटेज लेकर थाने पहुंच रहे हैं, लेकिन पुलिस एफआईआर दर्ज करने में 3 से 5 दिन लगा रही है। पीड़ितों का कहना है, पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही। फुटेज देने के बाद भी कार्रवाई के नाम पर आश्वासन ही मिलता है। सीसीटीवी सर्विलांस भी काम नहीं आ रहा
शहरभर में थाना स्तर पर सीसीटीवी सर्विलांस तैयार किया जा रहा है। इसमें करीब 50% काम पूरा हो चुका है, लेकिन जनता द्वारा दिए गए फुटेज मिलने के बाद भी चोरों को पकड़ने में खास कार्रवाई नहीं हुई है। घर से हर दिन 10 वाहन चोरी हो रहे हैं। चोरी के हॉट स्पॉट चिह्नित किए पुलिस की टीमें चेकिंग अभियान चला रही हैं। कुछ बदमाशों को गिरफ्तार भी किया है। हमने वाहन चोरी के ‘हॉटस्पॉट’ चिह्नित किए हैं, जहां विशेष गश्त और चेकिंग की जा रही है। निर्धारित पार्किंग स्थल पर वाहन खड़े न करने से भी वारदातें हो रही हैं। हम अपील करते हैं कि अपने वाहनों को सुरक्षित स्थान पर ही पार्क करें। – अमरेंद्र सिंह, एडिशनल डीसीपी

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