ग्वालियर में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और अवैध कॉलोनियां विकसित किए जाने के आरोपों से जुड़ी जनहित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। हाई कोर्ट ने याची को उन सभी बिल्डर्स को पक्षकार बनाने का निर्देश दिया, जिन पर याचिका में अतिक्रमण करने का आरोप लगाया गया है। याचिका में मुख्य रूप से कॉस्मो आनंदा, कॉस्मो वैली, विंडसर हिल्स, अचलनाथ, रोजवुड, ब्लू लोटस, जैतल विहार, एलिक्सिर एमके सिटी आदि के नाम का हवाला दिया गया है। शासन इस मामले में प्रारंभिक रिपोर्ट पेश कर चुका है। इसमें सिरोल, रमौआ व अन्य क्षेत्र में अतिक्रमण के संबंध में जांच करने का दावा किया गया है। बता दें कि एडवोकेट चंद्रशेखर साहू ने जनहित याचिका दायर कर सरकारी जमीनों पर हुए अतिक्रमण का मुद्दा उठाया है। याचिका में दावा… 2700 करोड़ का घोटाला, 54 हेक्टेयर पर कब्जा याचिका के अनुसार, भू-माफियाओं और कॉलोनाइजरों द्वारा लगभग 54 हेक्टेयर की प्रमुख सरकारी और कृषि भूमि पर अतिक्रमण किया गया है। सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र सिटी सेंटर तहसील के साथ-साथ सिरोल, डोंगरपुर पुतलीघर, अलापुर, रमौआ, नैनगिर क्षेत्र बताया गया है। याचिका में ये भी दावा किया कि कथित घोटाले की कीमत 2700 करोड़ से ज्यादा है। साथ ही आठ से ज्यादा टाउनशिप के भी सरकारी जमीन पर निर्माण करने की बात कही गई है। याचिका में ये प्रमुख मांगे:


