कोरबा में ‘सही दवा-शुद्ध आहार’ अभियान के अंतर्गत कोटपा एक्ट, 2003 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन नियंत्रक तथा जिला दंडाधिकारी कुणाल दुदावत के निर्देश पर राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 7 मई को प्रवर्तन दल ने चालानी कार्रवाई की। औषधि निरीक्षक सुनील सांडे, ऋषि साहू, वीरेंद्र भगत और तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के संतोष केवट की संयुक्त टीम ने कोरबा के रिस्दी क्षेत्र, जिला अस्पताल परिसर के आसपास और कोसाबाड़ी क्षेत्र में सघन जांच की। इस जांच का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान और नाबालिगों को तंबाकू उत्पादों की बिक्री रोकना था। 35 दुकानों पर कार्रवाई,30 दुकानों पर चालान दो दिवसीय अभियान के दौरान कोटपा एक्ट की धारा 4 और 6 के उल्लंघन पर कुल 35 दुकानों पर कार्रवाई की गई। इनमें से 5 दुकानों को पहली बार उल्लंघन पर चेतावनी देकर छोड़ा गया, जबकि शेष 30 दुकानों पर कुल 2,070 रुपये का चालान किया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह प्रवर्तन कार्य कोरबा जिले के सभी विकासखंडों में निरंतर जारी रहेगा। कोटपा एक्ट, 2003 के तहत धारा 4 में सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंधित है। धारा 5 सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन पर रोक लगाती है। धारा 6 के तहत नाबालिगों और शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है। वहीं, धारा 7, 8 और 10 में बिना विशिष्ट स्वास्थ्य चेतावनी के तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। धारा 4 और 6 के उल्लंघन पर 200 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ‘सही दवा-शुद्ध आहार’ अभियान का उद्देश्य लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभावों से बचाना और युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखना है। दुकानदारों को कोटपा एक्ट के नियमों की जानकारी दी जा रही है और नियम तोड़ने वालों पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान न करें और बच्चों को तंबाकू से दूर रखें।


