रोहतास जिले के काराकाट प्रखंड स्थित गोरखपरासी और धर्मागतपरासी (सातों परसियां) में मां काली मंदिर परिसर गुरुवार को भक्तिमय हो गया। यहां श्री लक्ष्मी प्रपन्न श्री जीयर स्वामी जी महाराज के सानिध्य में श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ सह श्री हनुमंत प्राण-प्रतिष्ठा महामहोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव के शुभारंभ के अवसर पर एक भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई। वैदिक विधि-विधान और विद्वानों द्वारा पूजन-अर्चन के बाद यह यात्रा प्रारंभ हुई, जिसने पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया। मां काली मंदिर से निकली यह शोभायात्रा नगर भ्रमण करते हुए बिक्रमगंज-डिहरी मुख्य मार्ग से गुजरी। इसके बाद यह काराकाट बाजार स्थित सूर्य मंदिर पोखरा के भगवान भास्कर मंदिर प्रांगण पहुंची। यहां वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच कलश पूजन कर श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगाजल भरा और यज्ञ स्थल की ओर प्रस्थान किया। यात्रा के दौरान “जय श्रीराम”, “हर-हर महादेव” और वैदिक मंत्रों के उद्घोष से वातावरण धर्ममय बना रहा। हाथी, घोड़े, ऊंट और सुसज्जित रथों ने शोभायात्रा की भव्यता बढ़ाई। पारंपरिक वेशभूषा में कलश लिए महिलाओं और युवतियों की लंबी कतारें आस्था का अनुपम दृश्य प्रस्तुत कर रही थीं। हजारों श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ से सातों परसियां से काराकाट बाजार तक का पूरा इलाका भक्ति में लीन हो गया। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और व्यवस्था के लिए व्यापक इंतजाम किए थे, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और आध्यात्मिक उल्लास छा गया। रोहतास जिले के काराकाट प्रखंड स्थित गोरखपरासी और धर्मागतपरासी (सातों परसियां) में मां काली मंदिर परिसर गुरुवार को भक्तिमय हो गया। यहां श्री लक्ष्मी प्रपन्न श्री जीयर स्वामी जी महाराज के सानिध्य में श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ सह श्री हनुमंत प्राण-प्रतिष्ठा महामहोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव के शुभारंभ के अवसर पर एक भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई। वैदिक विधि-विधान और विद्वानों द्वारा पूजन-अर्चन के बाद यह यात्रा प्रारंभ हुई, जिसने पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया। मां काली मंदिर से निकली यह शोभायात्रा नगर भ्रमण करते हुए बिक्रमगंज-डिहरी मुख्य मार्ग से गुजरी। इसके बाद यह काराकाट बाजार स्थित सूर्य मंदिर पोखरा के भगवान भास्कर मंदिर प्रांगण पहुंची। यहां वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच कलश पूजन कर श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगाजल भरा और यज्ञ स्थल की ओर प्रस्थान किया। यात्रा के दौरान “जय श्रीराम”, “हर-हर महादेव” और वैदिक मंत्रों के उद्घोष से वातावरण धर्ममय बना रहा। हाथी, घोड़े, ऊंट और सुसज्जित रथों ने शोभायात्रा की भव्यता बढ़ाई। पारंपरिक वेशभूषा में कलश लिए महिलाओं और युवतियों की लंबी कतारें आस्था का अनुपम दृश्य प्रस्तुत कर रही थीं। हजारों श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ से सातों परसियां से काराकाट बाजार तक का पूरा इलाका भक्ति में लीन हो गया। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और व्यवस्था के लिए व्यापक इंतजाम किए थे, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और आध्यात्मिक उल्लास छा गया।


