आरा के प्रसिद्ध होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. (प्रो.) एफ. रज़ा 11 मई 2026 को बैंकॉक में आयोजित अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा सम्मेलन में “सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस और होम्योपैथिक उपचार” विषय पर अपना विशेष व्याख्यान देंगे। भोजपुर के लिए यह गौरव का क्षण माना जा रहा है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मंच पर बिहार के डॉक्टर अपने शोध और अनुभव साझा करेंगे। सम्मेलन में विभिन्न देशों के डॉक्टर, शोधकर्ता और स्वास्थ्य विशेषज्ञ भाग लेंगे, जहां आधुनिक डॉक्टर और वैकल्पिक उपचार पद्धतियों से जुड़े अहम विषयों पर चर्चा होगी। डॉ. रज़ा अपने संबोधन में सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस के कारण, लक्षण, बचाव और होम्योपैथिक उपचार की प्रभावशीलता पर विस्तार से प्रकाश डालेंगे। वे आधुनिक जीवनशैली, लंबे समय तक गलत मुद्रा में बैठकर काम करने, मोबाइल और कंप्यूटर के अत्यधिक उपयोग और मानसिक तनाव को इस बीमारी का प्रमुख कारण बताते हैं। उनका कहना है कि समय पर पहचान, संतुलित दिनचर्या और उचित चिकित्सा से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित हो चुके डॉ. (प्रो.) एफ. रज़ा इससे पूर्व भी डॉक्टर और शोध के क्षेत्र में अपने उत्कृष्ट काम के लिए कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित हो चुके हैं। होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति में उनके लंबे अनुभव और शोध कार्यों ने उन्हें देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों में शामिल किया है। उनका क्लिनिक बिचली रोड में स्थित है, जहां वे सालों से मरीजों को चिकित्सा सेवा प्रदान कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में उनकी भागीदारी को भारत और विशेष रूप से बिहार के लिए सम्मान की दृष्टि से देखा जा रहा है। चिकित्सा जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि ऐसे मंचों पर बिहार के चिकित्सकों की सक्रिय उपस्थिति राज्य की प्रतिभा और चिकित्सा क्षेत्र में बढ़ते योगदान को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आरा के प्रसिद्ध होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. (प्रो.) एफ. रज़ा 11 मई 2026 को बैंकॉक में आयोजित अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा सम्मेलन में “सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस और होम्योपैथिक उपचार” विषय पर अपना विशेष व्याख्यान देंगे। भोजपुर के लिए यह गौरव का क्षण माना जा रहा है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मंच पर बिहार के डॉक्टर अपने शोध और अनुभव साझा करेंगे। सम्मेलन में विभिन्न देशों के डॉक्टर, शोधकर्ता और स्वास्थ्य विशेषज्ञ भाग लेंगे, जहां आधुनिक डॉक्टर और वैकल्पिक उपचार पद्धतियों से जुड़े अहम विषयों पर चर्चा होगी। डॉ. रज़ा अपने संबोधन में सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस के कारण, लक्षण, बचाव और होम्योपैथिक उपचार की प्रभावशीलता पर विस्तार से प्रकाश डालेंगे। वे आधुनिक जीवनशैली, लंबे समय तक गलत मुद्रा में बैठकर काम करने, मोबाइल और कंप्यूटर के अत्यधिक उपयोग और मानसिक तनाव को इस बीमारी का प्रमुख कारण बताते हैं। उनका कहना है कि समय पर पहचान, संतुलित दिनचर्या और उचित चिकित्सा से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित हो चुके डॉ. (प्रो.) एफ. रज़ा इससे पूर्व भी डॉक्टर और शोध के क्षेत्र में अपने उत्कृष्ट काम के लिए कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित हो चुके हैं। होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति में उनके लंबे अनुभव और शोध कार्यों ने उन्हें देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों में शामिल किया है। उनका क्लिनिक बिचली रोड में स्थित है, जहां वे सालों से मरीजों को चिकित्सा सेवा प्रदान कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में उनकी भागीदारी को भारत और विशेष रूप से बिहार के लिए सम्मान की दृष्टि से देखा जा रहा है। चिकित्सा जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि ऐसे मंचों पर बिहार के चिकित्सकों की सक्रिय उपस्थिति राज्य की प्रतिभा और चिकित्सा क्षेत्र में बढ़ते योगदान को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


