आगरा में आई मदर मिल्क स्टोर मशीन:हर नवजात को मिले सकेगा मां का दूध, डॉ बोले अतिरिक्त दूध से मां के स्तन में पड़ती हैं गांठे

आगरा में आई मदर मिल्क स्टोर मशीन:हर नवजात को मिले सकेगा मां का दूध, डॉ बोले अतिरिक्त दूध से मां के स्तन में पड़ती हैं गांठे

आगरा में अब माताओं का अतिरिक्त दूध बर्बाद नहीं होगा। पहली बार शहर में ऐसी आधुनिक मशीन शुरू हुई है, जो अतिरिक्त ब्रेस्ट मिल्क को सुरक्षित रखकर जरूरतमंद नवजातों तक पहुंचाएगी। इससे एक ओर माताओं को राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर कई शिशुओं को जीवनदायी पोषण मिल सकेगा। आगरा के प्रताप नगर स्थित गर्भाधान संस्कार एवं मेटरनिटी होम में ‘मुंशी पन्ना मातृ-शिशु दुग्ध बैंक’ का शुभारंभ किया गया। जहां मदर मिल्क स्टोर मशीन रखी गई हैं। यह उत्तर भारत का आधुनिक तकनीक से लैस पहला ऐसा केंद्र है, जहां माताओं के अतिरिक्त (एक्सेस) दूध को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस कर सुरक्षित रखा जाएगा। लेडी लॉयल हॉस्पिटल की अधीक्षक डॉ. पुष्पलता ने बताया कि कई बार माताओं के स्तनों में जरूरत से ज्यादा दूध बन जाता है, जिससे दर्द, सूजन और गांठ बनने की समस्या हो जाती है। अब तक इस अतिरिक्त दूध को निकालकर फेंकना पड़ता था, लेकिन अब इस मशीन के जरिए इसे सुरक्षित रूप से स्टोर किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि मशीन में दूध को एक निश्चित तापमान पर गर्म (पाश्चराइज) किया जाता है, फिर तुरंत ठंडा कर रेफ्रिजरेटर में रखा जाता है। इस प्रक्रिया से दूध में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं, जबकि पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं। इस तरह तैयार दूध लंबे समय तक सुरक्षित रहता है और जरूरतमंद नवजातों को दिया जा सकता है। नवजातों के लिए होगा वरदान
मुख्य अतिथि एसएन मेडिकल कॉलेज की स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. शिखा सिंह ने कहा कि यह मदर मिल्क बैंक नवजात शिशुओं के लिए जीवनदायी साबित होगा। इससे उन बच्चों को भी माँ का दूध मिल सकेगा, जिनकी माताएं स्तनपान कराने में असमर्थ हैं या जिनका निधन हो चुका है। विशिष्ट अतिथि डॉ. पुष्पलता ने कहा कि माँ का दूध अमृत के समान है और इस तकनीक के माध्यम से इसे सुरक्षित रखकर अधिक से अधिक बच्चों तक पहुंचाया जा सकेगा। एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज कुमार ने कहा कि माँ का दूध हर नवजात का मूल अधिकार है। यह शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ उसके संपूर्ण विकास के लिए जरूरी है। यह मिल्क बैंक उन बच्चों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगा, जिन्हें पर्याप्त मात्रा में माँ का दूध नहीं मिल पाता।
डिप्टी सीएमओ डॉ. पीयूष जैन ने बताया कि ऐसे बच्चों को फायदा मिलेगा जिनको मां का दूध नहीं मिल पाता। उनके परिजन यहां से नेचुरल और बैक्टीरियल लैस दूध ले जा सकते हैं। समाजसेवियों ने किया आह्वान
प्रमुख दानदाता मुंशी पन्ना मसाले परिवार की कृष्णा गोयल और सुलेखा गोयल ने कहा कि धन तभी सार्थक है, जब वह समाज के हित में काम आए। सेवा प्रकल्प के प्रेरणा स्रोत अशोक कुमार गोयल ने माताओं से अपील की कि वे अपने अतिरिक्त दूध का दान करें, क्योंकि हर एक बूंद किसी नवजात के लिए जीवनदान बन सकती है। ट्रस्ट के अध्यक्ष अशोक कुमार अग्रवाल ने बताया कि यह तकनीकी व्यवस्था विशेष रूप से प्री-मैच्योर और कमजोर नवजातों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में डिप्टी सीएमओ डॉ. पीयूष जैन, डॉ. सुधा बंसल, डॉ. आरके मिश्रा, कांता माहेश्वरी, रश्मि मगन सहित कई चिकित्सक और समाजसेवी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन रमेश चंद्र अग्रवाल ने किया।

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