Panchayat Chunav Update: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में पंचायत चुनाव की घोषणा में हो रही देरी को लेकर ग्राम प्रधानों का गुस्सा सोमवार को खुलकर सामने आ गया। बड़ी संख्या में ग्राम प्रधानों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर DM कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। साथ ही प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका आरोप है कि पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासन लगातार टालमटोल कर रहा है, जिससे गांवों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
DM आवास की ओर बढ़े प्रधान, गेट पर लगा ताला
प्रदर्शन के दौरान जब ग्राम प्रधान कलेक्ट्रेट परिसर स्थित DM आवास की ओर बढ़ने लगे, तो प्रशासन ने एहतियातन मुख्य गेट पर ताला लगवा दिया। इससे नाराज प्रधान वहीं गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। करीब 45 मिनट तक चले इस प्रदर्शन के कारण कलेक्ट्रेट परिसर में आवागमन भी बाधित रहा और वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
‘जनता की सेवा के बावजूद हो रही अनदेखी’
धरने पर बैठे ग्राम प्रधानों ने कहा कि वे दिन-रात गांव की जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान करते हैं, लेकिन इसके बावजूद सबसे ज्यादा अनदेखी उन्हीं की हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक स्तर पर उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है और उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
पंचायत चुनाव की तारीख और मतदाता सूची पर सवाल
प्रधानों की नाराजगी की एक बड़ी वजह पंचायत चुनाव की तारीख का अब तक घोषित ना होना भी है। उनका कहना है कि अभी तक ना तो चुनाव की तिथि घोषित की गई है और ना ही अंतिम मतदाता सूची जारी की गई है। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उल्लेखनीय है कि वर्तमान ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त होने जा रहा है, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है।
खाते सीज करने पर उठाए सवाल
ग्राम प्रधानों ने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ आने वाली शिकायतों पर बिना किसी ठोस जांच के ही उनके बैंक खातों को सीज कर दिया जा रहा है। इससे गांवों में चल रहे विकास कार्य रुक गए हैं और आम जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रधानों ने इसे प्रशासन की मनमानी करार दिया।
ज्ञापन सौंपकर रखी मांगें
प्रदर्शन के बाद ग्राम प्रधानों ने DM कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में उन्होंने पंचायत चुनाव की तिथि जल्द घोषित करने, अंतिम मतदाता सूची जारी करने और बिना जांच के खातों को सीज करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की। साथ ही उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चुनाव कराने की अपील की।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ग्राम प्रधानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो प्रदेश स्तर पर भी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।


