समस्तीपुर में जितवारपुर कोठी के मालिक मनीष मोहन शर्मा और शैलेश मोहन शर्मा की 20 बीघा पैतृक जमीन अवैध जमाबंद के जरिए भू माफिया ने बेच दी है। मनीष और शैलेश के पिता वीरेंद्र मोहन शर्मा की दादी पान वति ठकुराइन के नाम से जमाबंदी थी। जिसमें छेड़छाड़ कर विद्या प्रसाद सिंह के नाम से नए जमाबंदी से जमीन बेच दी गई है। मलिक को जानकारी तब लगी जब उनके कोठी पर भू माफिया 10 दिन पहले कब्जा करने पहुंचे। ये फर्जीवाड़ा अंचल कार्यालय में पिछले साल छुट्टी के दिन 25 दिसंबर को हुई थी। सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा कि अवकाश के बावजूद अंचलाधिकारी कार्यालय से आधी रात में जमाबंदी से संबंधित कागजात तैयार किए गए। इन दस्तावेजों पर न केवल दिनांक बल्कि समय भी अंकित है, जो इस पूरे मामले को संदिग्ध बनाता है। मामले को लेकर सीतामढ़ी के सांसद देवेश चंद्र ने उठाया और जांच कर कार्रवाई की मांग की है। सोमवार को सांसद जमीन के मालिक मनीष और शैलेश के साथ समस्तीपुर डीएम और एसपी के पास पहुंचे। भू-माफियाओं और अंचल कर्मियों की मिलीभगत है कोठी मालिक ने अपने आवेदन में कहा है कि उनकी जमीन को अवैध जमाबंदी के जरिए भू-माफिया बेच रहे हैं। उन्होंने आवेदन देकर प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मनीष मोहन शर्मा ने बताया कि उनकी संपत्ति को भू-माफियाओं और अंचल कर्मियों की मिलीभगत से 25 दिसंबर 2025 को नई जमाबंदी बनाकर बेच दी गई है। इसी मामले में मनीष अपने भाई शैलेश मोहन शर्मा और सीतामढ़ी के सांसद देवेश चंद्र ठाकुर के साथ समस्तीपुर पहुंचे। जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा, जिला पुलिस कप्तान अरविंद प्रताप सिंह को लिखित आवेदन देकर भू माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
जांच के बाद कार्रवाई होगी जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा से बात की गई तो उन्होंने बताया की कोठी मलिक मनीष मोहन शर्मा, शैलेश मोहन शर्मा ने सीतामढ़ी के सांसद देवेश चंद्र ठाकुर के साथ आकर फर्जी तरीके से कोठी की जमीन बेचने को लेकर एक लिखित आवेदन दिया है। जांच कराकर भूमाफियाओं के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी। समस्तीपुर में जितवारपुर कोठी के मालिक मनीष मोहन शर्मा और शैलेश मोहन शर्मा की 20 बीघा पैतृक जमीन अवैध जमाबंद के जरिए भू माफिया ने बेच दी है। मनीष और शैलेश के पिता वीरेंद्र मोहन शर्मा की दादी पान वति ठकुराइन के नाम से जमाबंदी थी। जिसमें छेड़छाड़ कर विद्या प्रसाद सिंह के नाम से नए जमाबंदी से जमीन बेच दी गई है। मलिक को जानकारी तब लगी जब उनके कोठी पर भू माफिया 10 दिन पहले कब्जा करने पहुंचे। ये फर्जीवाड़ा अंचल कार्यालय में पिछले साल छुट्टी के दिन 25 दिसंबर को हुई थी। सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा कि अवकाश के बावजूद अंचलाधिकारी कार्यालय से आधी रात में जमाबंदी से संबंधित कागजात तैयार किए गए। इन दस्तावेजों पर न केवल दिनांक बल्कि समय भी अंकित है, जो इस पूरे मामले को संदिग्ध बनाता है। मामले को लेकर सीतामढ़ी के सांसद देवेश चंद्र ने उठाया और जांच कर कार्रवाई की मांग की है। सोमवार को सांसद जमीन के मालिक मनीष और शैलेश के साथ समस्तीपुर डीएम और एसपी के पास पहुंचे। भू-माफियाओं और अंचल कर्मियों की मिलीभगत है कोठी मालिक ने अपने आवेदन में कहा है कि उनकी जमीन को अवैध जमाबंदी के जरिए भू-माफिया बेच रहे हैं। उन्होंने आवेदन देकर प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मनीष मोहन शर्मा ने बताया कि उनकी संपत्ति को भू-माफियाओं और अंचल कर्मियों की मिलीभगत से 25 दिसंबर 2025 को नई जमाबंदी बनाकर बेच दी गई है। इसी मामले में मनीष अपने भाई शैलेश मोहन शर्मा और सीतामढ़ी के सांसद देवेश चंद्र ठाकुर के साथ समस्तीपुर पहुंचे। जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा, जिला पुलिस कप्तान अरविंद प्रताप सिंह को लिखित आवेदन देकर भू माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
जांच के बाद कार्रवाई होगी जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा से बात की गई तो उन्होंने बताया की कोठी मलिक मनीष मोहन शर्मा, शैलेश मोहन शर्मा ने सीतामढ़ी के सांसद देवेश चंद्र ठाकुर के साथ आकर फर्जी तरीके से कोठी की जमीन बेचने को लेकर एक लिखित आवेदन दिया है। जांच कराकर भूमाफियाओं के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी।


