हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में लाखन सिंह के सुसाइड मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है। परिवार ने लाखन सिंह (50) की मौत को हार्ट अटैक से होना मान लिया था, लेकिन मोबाइल में वीडियो मिलने के बाद सारी कहानी पलट गई। मोबाइल में लाखन सिंह की वीडियो देखकर परिवार ने शिकायत दर्ज करवाई। लाखन सिंह के बड़े बेटे अरुण कुमार (27) निवासी ने बताया कि वह प्राइवेट कंपनी में जॉब करता है। तकरीबन एक साल पहले उसकी जिला यमुनानगर के छछरौली की रहने वाली डोली के साथ लव मैरिज हुई थी। शादी के बाद से डोली ने उनको तंग करना शुरू कर दिया। डोली गांव के माहौल को एडजस्ट नहीं कर पा रही थी। घर नाम करवाने का डाला दबाव अरुण ने बताया कि उसकी पत्नी 15 दिन ससुराल तो 15 दिन अपने मायके रहती थी। इसलिए डोली ने उसके पिता के मोबाइल में रिकॉर्डिंग ऑन कर दी। जब भी उसके पिता अपने रिश्तेदारी में बात करते थे, तो डोली उनको मोबाइल लेकर रिकॉर्डिंग सुनती थी। कुछ बातों को लेकर उसने घर पर क्लेश करना शुरू कर दिया। घर नाम करवाने के लिए करने लगी ब्लैकमेल ये बातें डोली ने अपने मायके के लोगों तक पहुंचाई, जिसके बाद उसके मायके के लोग भी उसका साथ देने लगे। डोली उनके मकान उसके नाम करवाने को लेकर उसके पिता को ब्लैकमेल करने लगे। इसके लिए डोली उनको तरह-तरह की धमकियां देती थी। उसके मायके के लोग उसे सुपोर्ट करते थे। 30 अप्रैल को आए थे पंचायत लेकर अरुण ने बताया कि 30 अप्रैल को उसके ससुराल के लोग पंचायत लेकर उनके घर आए थे। पंचायत में उन्होंने शादी पर खर्च किए 18 लाख रुपए देने की मांग रखी। मांग पूरी नहीं होन पर उन लोगों ने मकान डोली के नाम करने के लिए उसके पिता पर दबाव डाला। पिता बोले- छोटे बेटे का हिस्सा कैसे नाम कर दू अरुण ने बताया कि उनके पास करीब 100 गज का मकान है। डोली के बर्ताव को देखकर उसके पिता ने उसके नाम मकान नहीं करवाया। उनको डर था कि मकान नाम होने के बाद डोली उन सबको बाहर निकाल देगी। इसी के चलते उसके पिता ने आत्महत्या कर ली। खाना खाने के बाद नहीं लौटे अरुण ने बताया कि दोपहर को उसके पिता खाना खाकर गांव में अपनी साइकिल और टायर पंक्चर की दुकान पर चले गए थे। शाम को 5 बजे तक चाय पीने के लिए घर नहीं आए तो वह दुकान पर चला गया। यहां दुकान का शटर बंद था। उसने शटर खोला तो उसके पिता जमीन पर पड़े थे। पंखे लटका था परना उनके मुंह से झाग निकल रहा था। पंखे पर परना लटका हुआ था। उसे दुकान से किसी जहरीली चीज की स्मैल भी आ रही थी। उसने तब ज्यादा ध्यान ना देते हुए पिता को संभालने की कोशिश की, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी। उसे लगा कि हार्ट अटैक से उसके पिता की मौत हुई है। मोबाइल देखते हुए वीडियो आया सामने अरुण ने बताया कि पिता की मौत की खबर रिश्तेदार को देते वक्त वीडियो सामने आई। इस वीडियो में उसके पिता ने डोली, उसके चाचा अश्विनी, विनोद, चाची सुमन, मां सीमा उर्फ ममता, साला विशु, मामा राकेश व नवीन पर पिता को आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने के आरोप लगाए थे। पुलिस कर रही मामले जांच- रणधीर सिंह SHO रणधीर सिंह ने बताया कि बयान के आधार पर पुलिस ने डोली समेत उसके मायके पक्ष के 8 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। हालांकि मौत की वजह साफ नहीं हो पाई है। पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।


