रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रयागराज दौरे के मद्देनजर नगर निगम ने व्यापक सफाई अभियान चलाया। वे रविवार शाम इंडियन आर्मी के एक कार्यक्रम में शामिल होने शहर पहुंचे थे, जिसके बाद सोमवार सुबह से ही उनके निर्धारित मार्ग पर विशेष सफाई व्यवस्था की गई। एकलव्य चौराहे से लेकर कंटोनमेंट क्षेत्र तक की सड़कों को विशेष रूप से धोया गया। पेड़ों को पानी से साफ किया गया, जबकि सड़क किनारे लगी रेलिंग और फुटपाथों की भी धुलाई की गई। इस अभियान का उद्देश्य पूरे मार्ग को स्वच्छ और धूल-मुक्त बनाना था, ताकि शहर की बेहतर छवि प्रस्तुत की जा सके। इस अस्थायी सफाई व्यवस्था पर स्थानीय लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ राहगीरों ने कहा कि यदि ऐसी सफाई रोजाना की जाए, तो शहर की तस्वीर बदल सकती है। उनका मत था कि झाड़ू तो नियमित रूप से लगती है, लेकिन सड़कों और फुटपाथों की प्रतिदिन धुलाई से धूल और गंदगी से काफी राहत मिल सकती है। दूसरी ओर, शहर की हरियाली को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। महाकुंभ के दौरान करोड़ों रुपये की लागत से लगाए गए पौधे अब देखरेख के अभाव में सूखते दिख रहे हैं। सिविल लाइंस क्षेत्र को छोड़कर अन्य इलाकों में इन पौधों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर निगम के कर्मचारी इन पौधों को कभी-कभार ही पानी देते हैं, जिससे उनकी हालत बिगड़ती जा रही है। शहरवासियों का मानना है कि जिस तरह विशेष अवसरों पर सफाई को प्राथमिकता दी जाती है, उसी तरह नियमित रूप से सफाई और हरियाली के संरक्षण पर ध्यान दिया जाए, तो प्रयागराज को एक स्वच्छ और हरित शहर बनाया जा सकता है। अब यह देखना होगा कि क्या यह सफाई अभियान केवल वीआईपी दौरों तक सीमित रहेगा या इसे स्थायी व्यवस्था का रूप दिया जाएगा।


