भास्कर न्यूज |लुधियाना पंजाबी भवन में ‘पंजाब बचाओ-पंचायत बचाओ’ अभियान के तहत विशेष सेमिनार आयोजित किया गया। इसमें डॉक्टरों, प्रोफेसरों, लेखकों के साथ विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सेमिनार का मुख्य उद्देश्य गांवों के गिरते स्तर, पंचायतों के अधिकारों में कटौती और युवाओं के पलायन जैसे मुद्दों पर मंथन करना रहा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रोफेसर जगमोहन सिंह ने कहा कि सरकार ने पंचायतों की वास्तविक शक्तियां कमजोर कर दी हैं। पहले ग्राम पंचायतें अपने स्तर पर विकास से जुड़े फैसले लेती थीं, लेकिन अब हर निर्णय में राजनीतिक दखल बढ़ गया है, जिससे पंचायतें सीमित होकर रह गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गांवों की शामलात जमीनों पर कब्जे हो रहे हैं या उन्हें निजी कंपनियों को सौंपा जा रहा है, जिससे पंचायतों की आय प्रभावित हो रही है और विकास कार्य ठप पड़ रहे हैं। वक्ताओं ने यह भी चिंता जताई कि रोजगार के अभाव में युवा नशे की ओर बढ़ रहे हैं और बड़ी संख्या में विदेशों की तरफ पलायन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर यह स्थिति नहीं बदली तो पंजाब सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर हो सकता है। सेमिनार में मौजूद वक्ताओं ने सामूहिक रूप से आह्वान किया कि ग्राम पंचायतों को उनके संवैधानिक अधिकार वापस दिलाने और युवाओं को प्रदेश में ही अवसर उपलब्ध कराने के लिए समाज को एकजुट होकर प्रयास करने होंगे।


