अररिया में नशे के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत, लंबे समय से सक्रिय 13 नशा तस्करों के खिलाफ पहली बार ‘पिट एनडीपीएस एक्ट’ लगाने का प्रस्ताव भेजा गया है। यह कार्रवाई जिले में नशा तस्करी पर अंकुश लगाने की अब तक की सबसे सख्त पहल मानी जा रही है। इन 13 आरोपियों पर पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। बार-बार गिरफ्तारी के बावजूद इनका नशे का अवैध कारोबार जारी था। इन्हें आदतन अपराधी मानते हुए, इनकी गतिविधियों और आपराधिक इतिहास की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर यह प्रस्ताव भेजा गया है। एक साल तक नहीं मिल पाती जमानत ‘पिट एनडीपीएस एक्ट’ उन गंभीर और लगातार नशे का कारोबार करने वाले अपराधियों पर लगाया जाता है, जिन्हें जेल में रखना बेहद जरूरी हो। इस कानून के तहत आरोपी को एक साल तक जमानत नहीं मिल पाती है और उनकी संपत्ति भी जब्त की जा सकती है। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद इन आरोपियों पर निवारक निरोध के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। अररिया पुलिस के अनुसार, पिछले 15 दिनों में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से लगभग 13 सौ ग्राम से अधिक स्मैक और बड़ी मात्रा में गांजा बरामद किया गया है। लगातार छापेमारी और गिरफ्तारियों के बावजूद, नशे के बड़े सप्लायर और सरगना अब भी सक्रिय हैं। अवैध नेटवर्क पर अंकुश लगाना उद्देश्य पुलिस सिर्फ छोटे धंधेबाजों तक ही नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क के बड़े लोगों तक पहुंचकर कार्रवाई कर रही है। जरूरत पड़ने पर अन्य संदिग्धों के खिलाफ भी ‘पिट एनडीपीएस एक्ट’ का प्रस्ताव भेजा जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इस सख्त कदम से नशे के अवैध नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगेगा और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने में मदद मिलेगी। अररिया में नशे के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत, लंबे समय से सक्रिय 13 नशा तस्करों के खिलाफ पहली बार ‘पिट एनडीपीएस एक्ट’ लगाने का प्रस्ताव भेजा गया है। यह कार्रवाई जिले में नशा तस्करी पर अंकुश लगाने की अब तक की सबसे सख्त पहल मानी जा रही है। इन 13 आरोपियों पर पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। बार-बार गिरफ्तारी के बावजूद इनका नशे का अवैध कारोबार जारी था। इन्हें आदतन अपराधी मानते हुए, इनकी गतिविधियों और आपराधिक इतिहास की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर यह प्रस्ताव भेजा गया है। एक साल तक नहीं मिल पाती जमानत ‘पिट एनडीपीएस एक्ट’ उन गंभीर और लगातार नशे का कारोबार करने वाले अपराधियों पर लगाया जाता है, जिन्हें जेल में रखना बेहद जरूरी हो। इस कानून के तहत आरोपी को एक साल तक जमानत नहीं मिल पाती है और उनकी संपत्ति भी जब्त की जा सकती है। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद इन आरोपियों पर निवारक निरोध के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। अररिया पुलिस के अनुसार, पिछले 15 दिनों में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से लगभग 13 सौ ग्राम से अधिक स्मैक और बड़ी मात्रा में गांजा बरामद किया गया है। लगातार छापेमारी और गिरफ्तारियों के बावजूद, नशे के बड़े सप्लायर और सरगना अब भी सक्रिय हैं। अवैध नेटवर्क पर अंकुश लगाना उद्देश्य पुलिस सिर्फ छोटे धंधेबाजों तक ही नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क के बड़े लोगों तक पहुंचकर कार्रवाई कर रही है। जरूरत पड़ने पर अन्य संदिग्धों के खिलाफ भी ‘पिट एनडीपीएस एक्ट’ का प्रस्ताव भेजा जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इस सख्त कदम से नशे के अवैध नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगेगा और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने में मदद मिलेगी।


