‘शारीरिक रूप से टूट गई थी’ एग फ्रीज का एक्ट्रेस आकांक्षा ने शेयर किया डरावना किस्सा, बोलीं- शरीर टूटा हुआ लगता था

‘शारीरिक रूप से टूट गई थी’ एग फ्रीज का एक्ट्रेस आकांक्षा ने शेयर किया डरावना किस्सा, बोलीं- शरीर टूटा हुआ लगता था

Akansha Ranjan Kapoor On Egg Freezing Struggles: बॉलीवुड और वेब सीरीज की दुनिया में अपनी पहचान बना चुकीं एक्ट्रेस आकांक्षा रंजन कपूर ने हाल ही में महिलाओं की सेहत और प्रजनन से जुड़े एक बेहद निजी और संवेदनशील विषय पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। सोहा अली खान के पॉडकास्ट ‘ऑल अबाउट हर’ (All About Her) में बातचीत के दौरान आकांक्षा ने अपनी ‘एग फ्रीजिंग प्रक्रिया के दौरान आई शारीरिक और मानसिक तकलीफों का एक डरावना अनुभव शेयर किया है।

एग फ्रीज के समय आकांक्षा की हो गई थी हालत खराब (Akansha Ranjan Kapoor On Egg Freezing Struggles)

पॉडकास्ट के दौरान जब सोहा अली खान ने उनसे पूछा कि आखिर इस प्रक्रिया ने उन्हें किस हद तक थकाया, तो आकांक्षा काफी भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि इस मेडिकल प्रक्रिया का पहला साइकिल ही उनके लिए किसी बुरे सपने जैसा था। आकांक्षा ने कहा, “शारीरिक रूप से मुझे इतना दर्द हो रहा था कि मैं उसे शब्दों में बयान नहीं कर सकती। मुझे पता है कि यह हर महिला के साथ नहीं होता, लेकिन मेरे लिए यह असहनीय था। मैं सीधी खड़ी तक नहीं हो पा रही थी।”

Akansha Ranjan Kapoor On Egg Freezing Struggles

‘ऐसा लगा जैसे पेट में गुब्बारा फट जाएगा’ (Akansha Ranjan Kapoor News)

अपनी तकलीफ को समझाते हुए आकांक्षा ने बताया कि उन्हें हर वक्त अपने शरीर के अंदर एक अजीब सा भारीपन महसूस होता था। उन्होंने कहा, “मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मेरे पेट के अंदर कोई बहुत बड़ा गुब्बारा हो जो किसी भी पल फट सकता है। डॉक्टर का कहना था कि मेरा शरीर थोड़ा छोटा है, इसलिए शायद मुझे यह खिंचाव और भारीपन ज्यादा महसूस हो रहा है।”

Akansha Ranjan Kapoor On Egg Freezing Struggles

आकांक्षा ने उस दौर के संघर्ष को याद करते हुए बताया कि वह अक्सर मदद के लिए अपनी बहन के पास जाती थीं। उन्होंने कहा, “मैं बी-विंग में रहती हूं और मेरी बहन ए-विंग में। दर्द के बावजूद मैं पैदल चलकर उसके घर जाती थी ताकि वह मुझे इंजेक्शन लगा सके। दो-तीन दिन तो ऐसे आए जब मेरा चलना-फिरना भी बंद हो गया था।”

पीरियड्स जैसा नहीं था यह दर्द (Akansha Ranjan Kapoor Says it is Painful Process)

आकांक्षा ने स्पष्ट किया कि यह दर्द पीरियड्स के दौरान होने वाली सामान्य ऐंठन जैसा बिल्कुल नहीं था। यह एक किस्म की लगातार बनी रहने वाली बेचैनी और भारीपन था। उन्होंने बताया कि हॉर्मोन्स में हो रहे बदलावों ने उनकी मानसिक स्थिति को भी प्रभावित किया। आकांक्षा के मुताबिक, उन्हें उम्मीद नहीं थी कि यह प्रक्रिया उन्हें शारीरिक रूप से इतना बेजान और थका हुआ महसूस कराएगी।

सोहा अली खान के इस पॉडकास्ट ने एग फ्रीजिंग जैसे आधुनिक लेकिन जटिल विषय पर एक नई बहस छेड़ दी है। आकांक्षा का यह अनुभव उन महिलाओं के लिए एक रियलिटी चेक की तरह है जो भविष्य के लिए इस विकल्प को चुनना चाहती हैं।

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