राजस्थान में युवाओं में बढ़ते हाइपरटेंशन को कंट्रोल करने के लिए अब स्क्रीनिंग 30 के बजाय 18 साल की उम्र में की जाएगी। इसको लेकर एम्स जोधपुर के स्कूल ऑफ पब्लिक हैल्थ की ओर से हाइपरटेंशन पर तीसरी राज्य स्तरीय टेक्निकल एडवाइजरी मीटिंग का आयोजन किया गया। मीटिंग का आयोजन हाइपरटेंशन कंट्रोल इनीशिएटिव प्रोजेक्ट के तहत किया गया। इस प्रोजेक्ट में मुख्य केंद्र बिंदु युवाओं में हाई ब्लड प्रेशर से निपटने के लिए नई रणनीतियों पर चर्चा की गई। ICMR के निदेशक डॉक्टर पंकज भारद्वाज ने कहा- जल्दी जांच और युवाओं पर केंद्रित देखभाल आपको आदर्श लक्ष्य नहीं बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के अनिवार्य जिम्मेदारी है। इसके साथ ही स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ ने एक अभियान की शुरुआत की। इसके तहत टू यंग टू लेट नाम से कम्युनिकेशन ब्रीफ का विवेचन किया गया। इसमें हाइपरटेंशन की स्क्रीनिंग को 30 की उम्र से घटकर 18 से ऊपर करने पर जोर दिया गया। बैठक में एम्स जोधपुर के डॉक्टर अखिल धनेश गोयल यशिका भाटी और श्रेया सिंह ने प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस रिपोर्ट और निष्कर्ष के बारे में जानकारी दी। वहीं, बैठक में राजस्थान के जन स्वास्थ्य निदेशक डॉ रवि प्रकाश शर्मा के साथ राज्य सरकार के चिकित्सा विभागों, मेडिकल कॉलेज से जुड़े डॉक्टर ओर अधिकारी भी मौजूद रहे।


