हरियाणा में अवैध कालोनियों के मामले में अब सख्त कार्रवाई की तैयारी है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के बाद हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। पिछले 10 वर्षों में प्रदेश में बसी 2600 से अधिक अवैध कॉलोनियों की जांच एसीबी को सौंपी गई है।
अदालत ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बुलडोजर कार्रवाई की अनुमति दी है और नगर निगम अधिकारियों की संभावित मिलीभगत की भी जांच के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में सैकड़ों अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में आई है, जिससे आने वाले समय में कई अफसरों और कुछ प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है। इन सात अहम बिंदुओं पर जांच
हाईकोर्ट ने एसीबी को जांच के दौरान सात प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी जुटाने को कहा है। इनमें शामिल हैं, पिछले 10 वर्षों में बसी अवैध कॉलोनियों की संख्या, उस समय तैनात जिम्मेदार अधिकारियों के नाम, अवैध कॉलोनियों से सरकार को हुए राजस्व नुकसान का आकलन, अवैध कॉलोनियों को रोकने के लिए उठाए गए कदम, कॉलोनी बसाने वालों पर दर्ज मुकदमों की संख्या, मुकदमा दर्ज करने में हुई देरी के कारण, दर्ज मामलों की वर्तमान स्थिति और अंतिम परिणाम शामिल है।
प्रदेश भर में बनाई गई अलग-अलग टीमें
अवैध कॉलोनियों का मामला लगभग सभी जिलों से जुड़ा होने के कारण एसीबी ने रेंज स्तर पर अलग-अलग जांच टीमें गठित की हैं। इन टीमों की अगुवाई एसपी स्तर के अधिकारी कर रहे हैं, जो नगर योजनाकार विभाग, नगर निगम और परिषदों से जरूरी डेटा एकत्र कर रहे हैं।
जांच के तहत पिछले 10 वर्षों में बसी कॉलोनियों की पूरी जानकारी जुटाने के साथ-साथ उस समय तैनात अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। सभी जिलों में एसीबी की टीमें सक्रिय हो चुकी हैं और जिला प्रशासन से जल्द जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है।
गुरुग्राम में मानसून से पहले हटेगा अतिक्रमण
हाईकोर्ट ने विशेष रूप से गुरुग्राम में मानसून से पहले अतिक्रमण और अवैध संरचनाओं को हटाने के निर्देश दिए हैं। खास तौर पर स्टिल्ट प्लस 4 नीति के तहत बने अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी अवैध संरचना को गिराने से पहले संबंधित लोगों को उचित नोटिस देना जरूरी होगा।
क्या बोले- एसीबी प्रमुख
एसीबी के महानिदेशक ए.एस. चावला ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में जांच तेजी से चल रही है और सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि जांच रिपोर्ट जल्द ही हाईकोर्ट को सौंप दी जाएगी।
कुल मिलाकर, अवैध कालोनियों के मामले में अब प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई की संभावना बन गई है और जांच पूरी होने के बाद कई अधिकारियों की जवाबदेही तय हो सकती है।


