लखनऊ IT सिटी में महिला के नाम पर 60% आवेदन:असली खरीदार पर्दे के पीछे, अफसर-नेता काला धन सफेद करने की कोशिश में

लखनऊ IT सिटी में महिला के नाम पर 60% आवेदन:असली खरीदार पर्दे के पीछे, अफसर-नेता काला धन सफेद करने की कोशिश में

लखनऊ विकास प्राधिकरण की प्रस्तावित आईटी सिटी योजना में जमीन खरीद का एक दिलचस्प और चौंकाने वाला ट्रेंड सामने आया है। योजना में महिलाओं के नाम पर बड़े पैमाने पर जमीन खरीदी जा रही है। आंकड़ों के मुताबिक, कुल आवेदनों में महिलाओं की हिस्सेदारी 60% से ज्यादा है, जिससे सवाल खड़े हो रहे हैं। 4600 आवेदन, 400 हेक्टेयर जमीन अब तक 400 हेक्टेयर जमीन के लिए 4600 आवेदन आ चुके हैं। ये आवेदन योजना से जुड़े 12 गांवों से हैं। इनमें से सिद्धपुरा, परेहटा और मोहारी जैसे गांवों में महिलाओं की हिस्सेदारी 80% तक पहुंच गई है, जबकि बाकी गांवों में भी यह आंकड़ा 50% से ऊपर है। पहचान छिपाने का जरिया बन रहीं महिलाएं सूत्रों के अनुसार, बड़े निवेशक, कारोबारी और रसूखदार लोग अपनी पहचान छिपाने के लिए जमीन अपनी पत्नियों, बेटियों या महिला रिश्तेदारों के नाम खरीद रहे हैं। दस्तावेजों में महिलाओं का नाम होने से असली खरीदार पर्दे के पीछे रह जाते हैं। महिलाओं के नाम जमीन खरीदने की एक बड़ी वजह स्टांप ड्यूटी में मिलने वाली 1% छूट भी है। उदाहरण के तौर पर, 1 करोड़ की जमीन पर पुरुष को 7 लाख रुपये स्टांप देना होता है, जबकि महिला के नाम पर यही रकम 6 लाख रुपये होती है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने भी इसे प्रमुख कारण बताया है। 25% विकसित प्लॉट का लालच लैंड पूलिंग स्कीम के तहत कोई भी व्यक्ति जमीन खरीदकर एलडीए को दे सकता है। बदले में उसे कुल जमीन का 25% विकसित प्लॉट मिलता है। यानी 4000 वर्गफुट जमीन देने पर 1000 वर्गफुट विकसित प्लॉट मिलेगा। योजना में चार पीसीएस अधिकारियों द्वारा रिश्तेदारों के नाम जमीन खरीदने की भी जानकारी सामने आई है। आरोप है कि कुछ लोग इस प्रक्रिया के जरिए काले धन को सफेद करने में जुटे हैं। नेता, बिल्डर और डीलर भी एक्टिव आईटी सिटी योजना में आम लोगों के साथ-साथ नेता, अफसर, बिल्डर और प्रॉपर्टी डीलर भी जमकर निवेश कर रहे हैं। भविष्य में मिलने वाले विकसित प्लॉट के बड़े मुनाफे की उम्मीद में खरीदारी जारी है। योजना वाले गांवों में जमीन की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। छह महीने पहले जहां जमीन 50 लाख रुपये प्रति बीघा थी, वहीं अब यह बढ़कर 1.40 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। 1 बीघा में 1.32 करोड़ तक का फायदा एलडीए का अनुमान है कि विकसित प्लॉट की कीमत 4000 रुपये प्रति वर्गफुट से कम नहीं होगी। ऐसे में 5 बिसवा (6805 वर्गफुट) प्लॉट की कीमत करीब 2.72 करोड़ रुपये होगी। जबकि जमीन खरीदने में 1.40 करोड़ रुपये खर्च हुए। यानी एक बीघा पर करीब 1.32 करोड़ रुपये तक का संभावित मुनाफा।

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