हरियाणा के पंचकूला में नगर निगम चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। BJP ने चुनाव प्रबंधन को लेकर पूरी तैयारी कर ली है और करीब 150 कार्यकर्ताओं की टीम को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंप दी हैं। इसके लिए पार्टी ने विभिन्न समितियों का गठन कर संगठनात्मक ढांचे को मजबूत किया है। BJP की ओर से जारी सूची के अनुसार चुनाव संचालन, प्रचार, सोशल मीडिया, आईटी, कॉल सेंटर, आवास, यातायात और विशेष संपर्क जैसे करीब दो दर्जन से अधिक विभाग बनाए गए हैं, जिनमें अलग-अलग पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। इससे पार्टी का मैनेजमेंट चुनाव मैदान में व्यवस्थित और सक्रिय नजर आ रहा है।
प्रचार के लिए बड़े नेताओं को सौंपी जिम्मेदारी चुनाव को लेकर BJP ने वरिष्ठ नेताओं को भी सक्रिय भूमिका में उतारा है। सह-प्रभारी के तौर पर पूर्व मंत्री कंवरपाल गुर्जर, अंबाला लोकसभा से जुड़ी नेता बंतो कटारिया, पंचकूला के नेता ज्ञानचंद गुप्ता, राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा और पूर्व मेयर कुलभूषण गोयल को जिम्मेदारी दी गई है। इन नेताओं की सक्रियता के चलते पार्टी का प्रचार अभियान संगठित तरीके से आगे बढ़ रहा है।
प्रचार के दौरान भी BJP की रणनीति साफ तौर पर नजर आ रही है। अलग-अलग टीमों के जरिए बूथ स्तर तक पहुंच बनाई जा रही है, जबकि सोशल मीडिया और कॉल सेंटर के माध्यम से भी मतदाताओं तक संपर्क साधा जा रहा है। कांग्रेस में चंद्रमोहन ही मुख्य चेहरा कांग्रेस का चुनावी प्रबंधन अभी उतना मजबूत नजर नहीं आ रहा है। कांग्रेस की तरफ से मेयर प्रत्याशी सुधा भारद्वाज के अलावा केवल विधायक चंद्रमोहन ही सक्रिय रूप से प्रचार में दिखाई दे रहे हैं।इसके अलावा न तो बड़े स्तर पर कोई प्रबंधन संरचना सामने आई है और न ही वरिष्ठ नेताओं की वैसी सक्रियता दिख रही है, जैसी BJP में देखने को मिल रही है। अंबाला लोकसभा सांसद की दूरी और हुड्डा गुट की निष्क्रियता भी चर्चा का विषय बनी हुई है। मुकाबले में रणनीति बनेगी निर्णायक राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार चुनाव में केवल उम्मीदवार नहीं, बल्कि संगठन और मैनेजमेंट भी अहम भूमिका निभाएगा। ऐसे में BJP जहां संगठित तैयारी के साथ आगे बढ़ती दिख रही है, वहीं कांग्रेस को अपनी रणनीति और टीम को मजबूत करना बड़ी चुनौती होगी।


