उदयपुर में मेवाड़ क्षत्रिय महासभा संस्थान द्वारा ‘महाराणा सम्मानरक्षा महाबैठक’ चित्रकूट नगर स्थित मीरा मेदपाट भवन में हुई। विद्या प्रचारिणी सभा द्वारा हाईकोर्ट में पूर्व राजपरिवार सदस्य और नाथद्वारा विधायक विश्वराजसिंह मेवाड़ को प्रतिवादी बनाए जाना मुख्य विषय था। वक्ताओं ने प्रतिवादी बनाए जाने को मेवाड़ की गौरवशाली परंपरा और मान-सम्मान पर सीधा आघात बताया। इस पर गहरी चिंता व्यक्त की। बैठक में समाज प्रमुख पदाधिकारियों ने कहा कि महाराणा केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि मेवाड़ की शताब्दियों पुरानी अस्मिता और परंपरा के प्रतीक हैं, जिनके सम्मान से कोई समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि मेवाड़ क्षत्रिय महासभा संस्थान अपने सभी सदस्यों एवं विभिन्न शाखाओं के साथ मिलकर जल्द ही विद्या प्रचारिणी सभा कार्यालय पहुंचेगी। वहां लगे ताले खुलवा कर संस्थान के मूल उद्देश्य को वापस स्थापित करेगी। मेवाड़ के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं होगा
बैठक में चर्चा हुई कि किसी भी परिस्थिति में मेवाड़ क्षत्रिय महासभा अपने संरक्षक विश्वराजसिंह मेवाड़ के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं करेगी। समाज के प्रत्येक स्तर पर जनजागरण चलाकर इस विषय की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प भी लिया गया। बैठक में अध्यक्ष बालू सिंह कानावत, शहर अध्यक्ष डॉ. पृथ्वी राज सिंह चौहान, तेज सिंह बांसी, प्रताप सिंह तलावदा, चंद्रगुप्त सिंह चौहान, युवराज सिंह झाला, लक्ष्मण सिंह झाला, प्रेम सिंह मदारा, विश्वबंधु सिंह आदि मौजूद थे।


