बरेली। शहर में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बारादरी क्षेत्र की एक युवती ने खुद को गजरौला में एडीएम एफआर पद पर तैनात बताकर कई युवकों को अपने जाल में फंसाया और उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिए। जब सच्चाई खुली तो पीड़ितों के पैरों तले जमीन खिसक गई। मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।
बारादरी के ग्रीन पार्क निवासी विप्रा मिश्रा ने खुद को गजरौला में एडीएम एफआर पद पर तैनात बताकर लोगों से संपर्क बढ़ाया। वह पहले दोस्ती करती, फिर सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर भरोसे का जाल बुनती। उसकी बातों में आकर कई युवक फंस गए और मोटी रकम देने लगे।
कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी का झांसा, 5 लाख से ज्यादा ठगे
बारादरी निवासी मुसाहिद पुत्र मुजाहिद ने बताया कि युवती ने उन्हें कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इस झांसे में आकर उन्होंने अलग-अलग किस्तों में 5 लाख 21 हजार रुपये दे दिए। लंबे समय तक नौकरी न मिलने पर जब शक हुआ तो सच्चाई सामने आई और ठगी का खुलासा हो गया। पीड़ित का आरोप है कि इस पूरे खेल में युवती का परिवार भी शामिल है। बताया गया कि उसकी बहन शिखा भी इसी तरह लोगों को फंसाकर रुपये ऐंठने का काम करती है। दोनों बहनों ने मिलकर कई लोगों को निशाना बनाया है।
पुलिस के दावे और हकीकत में टकराव
सूत्रों का कहना है कि युवती को पुलिस ने हिरासत में लिया है, लेकिन बारादरी इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह का कहना है कि उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं आया है। ठगी का शिकार हुए युवक अब पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि आरोपी के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो और लोग भी इस तरह के जाल में फंस सकते हैं। फिलहाल मामला चर्चा में है और लोग प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।


