वैशाली में सुसाइड करने वाले दरोगा की कहानी:पिता बोले-पत्नी तलाक के लिए एक करोड़ मांग रही थी, कांस्टेबल गर्लफ्रेंड शादी का दबाव बना रही थी

वैशाली में सुसाइड करने वाले दरोगा की कहानी:पिता बोले-पत्नी तलाक के लिए एक करोड़ मांग रही थी, कांस्टेबल गर्लफ्रेंड शादी का दबाव बना रही थी

“हमें एक करोड़ रुपये दे दो, इसके बाद भाव्या तुम्हें तलाक दे देगी। अगर पैसा नहीं दोगे तो इतना प्रताड़ित करेंगे कि तुम आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाओगे। तुम्हारी मौत के बाद हमारी बेटी को अनुकंपा पर नौकरी मिल जाएगी। उधर, उसकी कांस्टेबल गर्लफ्रेंड शादी का दबाव बना रही थी, उन लोगों ने बेटे को इतना टॉर्चर किया कि उसने सुसाइड कर लिया ” ये कहना है वैशाली में खुद को गोली मारकर सुसाइड करने वाले दरोगा के पिता का। पिता ने एफआईआर दर्ज कराई है, जिसमें दरोगा की पत्नी और उसके परिवार पर आरोप लगाया है। दरोगा कब से परेशान चल रहा था, ससुराल वाले उसे किस तरह से टॉर्चर कर रहे थे, महिला कांस्टेबल से कैसे संबंध बने? पढ़िए पूरी रिपोर्ट…। पहले पूरा मामला क्या है, पढ़िए… दरोगा कौशल किशोर कुमार साल 2019 बैच के सब-इंस्पेक्टर थे और मूल रूप से खगड़िया जिले के रहने वाले थे। 6 अप्रैल की शाम उनका शव हाजीपुर के जढुआ स्थित किराए के मकान में खून से लथपथ मिला था। एसपी ने बताया कि उन्होंने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर खुद को गोली मारी थी। प्रारंभिक जांच में मामला निजी कारणों से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। आत्महत्या से महज 15 दिन पहले ही उन्हें जढुआ ओपी का प्रभारी बनाया गया था। इससे पहले वे विदुपुर थाने में तैनात थे। ड्यूटी छोड़कर फरार है महिला कॉन्सटेबल कॉन्सटेबल की आत्महत्या के बाद से ही हाजीपुर के ट्रेजरी ऑफिस में तैनात महिला कॉन्सटेबल राखी फरार है। वो अपने सर्विस से जुड़ी किट कार्यालय में ही छोड़कर निकल गई। पुलिस का कहना है कि उसे जल्दी ही पूछताछ में शामिल होने की मोहलत दिया गया है। फिलहाल उसकी तलाश की जा रही है। कॉन्सटेबल राखी मुंगेर की रहने वाली है। दरोगा कौशल से उसकी पहली मुलाकात विदुपुर के थाने में तैनाती के दौरान हुई थी। उस समय दोनों एक ही थाने में ड्यूटी देते थे। DIG चंदन कुशवाहा का कहना है कि कॉन्सटेबल दरोगा को अपनी पत्नी को छोड़ देने का दबाव बनाने लगी थी, जिससे वह तनाव में रहने लगा। अब पढ़िए, पिता ने FIR में क्या-क्या आरोप लगाए बेटे का पहले किसी लड़की से संबंध था मृतक पुलिस अधिकारी के पिता सच्चिदानंद रजक ने एफआईआर में बताया कि उनका बेटा कौशल किशोर कुमार बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद पर हाजीपुर के जढुआ ओपी में तैनात था और वहीं किराए के मकान में रहता था। उसकी शादी 30 नवंबर 2025 को समस्तीपुर निवासी भाव्या के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद उन्हें पता चला कि उनके बेटे का पहले किसी लड़की से प्रेम संबंध था। इस पर उन्होंने बेटे को समझाया कि अब शादी हो चुकी है, इसलिए पुरानी बातों को भूलकर पत्नी के साथ खुशहाल जीवन बिताओ। पिता के अनुसार शुरुआत में बेटा और बहू साथ रह रहे थे, लेकिन बाद में बहू भाव्या मेरे बेटे को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगी। बेटे ने इसकी जानकारी उन्हें दी थी, जिसके बाद उन्होंने बहू को भी समझाया था कि वह कौशल को परेशान न करे। मेरी बेटी को अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिल जाएगी एफआईआर में पिता ने आरोप लगाया कि घटना से तीन-चार दिन पहले भाव्या के पिता जितेंद्र रजक, मां सुदामा भारती और भाई शाश्वत राज उनके बेटे के हाजीपुर स्थित किराए के मकान पर पहुंचे और तीनों ने मिलकर उनके बेटे को धमकी दी कि वह उन्हें एक करोड़ रुपये दे दे, जिसके बाद भाव्या तलाक दे देगी। यह भी कहा गया कि यदि पैसा नहीं दिया गया तो उसे इतना प्रताड़ित किया जाएगा कि वह आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाएगा। उसकी मौत के बाद भाव्या को अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिल जाएगी। पिता ने कहा कि उस समय उनकी पत्नी वहां मौजूद थीं और उन्होंने फोन कर उन्हें यह पूरी बात बताई थी। बेटे को कोर्ट परिसर में भी अपमानित किया गया पिता ने आगे कहा कि 6 अप्रैल को भाव्या की मां सुदामा भारती ने उनकी पत्नी को वहां से घर भेज दिया और खुद उनके बेटे के पास रुक गईं। उसी दिन उनका बेटा किसी काम से व्यवहार न्यायालय हाजीपुर गया था, जहां सुदामा भारती भी उसके पीछे-पीछे पहुंच गईं और कोर्ट परिसर में ही उसे अपमानित करने लगीं। उन्होंने बेटे पर प्रेमिका से मिलने का आरोप लगाया और सार्वजनिक रूप से बेइज्जत किया। पिता के अनुसार कोर्ट से लौटने के बाद बेटे ने फोन कर उन्हें यह पूरी घटना की जानकारी दी थी। इसके कुछ देर बाद बहू भाव्या ने फोन कर सूचना दी कि उनके बेटे ने कमरे में बंद होकर अपनी सर्विस पिस्टल से खुद को गोली मार ली है। यह खबर मिलते ही पूरा परिवार सदर अस्पताल हाजीपुर पहुंचा। घटना के दिन दरोगा के साथ थी मां मां विमला देवी का कहना है कि शादी के दो महीने तक सबकुछ नॉर्मल था। इसके बाद छोटी-छोटी बात को लेकर झगड़ा होने लगा। मां का कहना है कि उसका बेटा जब ड्यूटी पर जाता था तो पत्नी कहती थी कि वह किसी से मिलने जा रहा है। ड्यूटी के बीच भी वीडियो कॉल पर चेक करती कि वह कहां है, क्या कर रहा है। घर आते ही मोबाइल से सिमकार्ड निकालकर अपने फोन में डाल लेती थी। मेरा सिमकार्ड भी चेक करती थी। पता नहीं उसके दिमाग में क्या चल रहा था। पत्नी पूरी सैलरी जमा कराने को कहती। घर में नौकरानी रखने के लिए उसे परेशान करती थी। वह अपनी मां से हर बात पर राय लेकर उसे कंट्रोल कर रही थी। मैं जब बेटे के साथ रहने गई तो मेरे बेटे पर दबाव बनाकर मुझे वहां से निकलवा दिया। कुछ दिन पहले भावना की मां, पिता और भाई मेरे पास आए थे बातचीत के लिए। कह रहे थे कि मेरी एक ही बेटी है। उसे परेशान नहीं कीजिए, वह घर का काम नहीं कर सकती, नौकरानी रखिए। एक बार तो मेरे बेटे को उसकी सास ने गाली भी दे दी थी। कहती थी मेरी बेटी को बाहर लेकर जाओ, घुमाओ। उसे टाइम दो। लेकिन उसकी ड्यूटी ही वैसी है तो वह टाइम अपने हिसाब से ही देगा। पिछले पांच दिनों में दोनों मां-बेटी ने मेरे बेटे को नाक में दम कर दिया था। मुझे नहीं पता था कि जैसे ही मैं बेटे के पास से हटूंगी, मेरा बेटा आत्महत्या कर लेगा। घटना के दिन क्या-क्या हुआ मां ने आगे बताया, मौत से एक दिन पहले बेटे की सास वैशाली आई थी, उस वक्त मैं खाना खा रही थी। गुस्से में मेरे पास आकर बोली कि भावना को कमजोरी है, एक नौकरानी रखिए और आप यहां से अपने घर जाइए। इसी पर मेरा बेटा बोला- आप भी जाइए और मैं मां को भी खगड़िया भेज देता हूं। अगली सुबह मेरा बेटा मुझे वैशाली से खगड़िया के लिए गाड़ी पर चढ़ा दिया। मैं जब खगड़िया पहुंची तो बेटे को फोन किया। बेटा रोते हुए कह रहा था मां, दोनों मां-बेटी(पत्नी और उसकी मां) ने मुझे बहुत बेइज्जत किया। मेरे साथ गाली-गलौज की। मैं कोर्ट में फाइल देने जा रहा हूं, हालांकि बेटे ने यह क्लीयर नहीं किया कि वो फाइल किस चीज की थी। कोर्ट परिसर में भी दोनों मां-बेटी उससे लड़ाई-झगड़ा और बेईज्जत करने लगी। कोर्ट से लौटने के बाद ही मेरे बेटे ने खुद को खत्म कर लिया। “हमें एक करोड़ रुपये दे दो, इसके बाद भाव्या तुम्हें तलाक दे देगी। अगर पैसा नहीं दोगे तो इतना प्रताड़ित करेंगे कि तुम आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाओगे। तुम्हारी मौत के बाद हमारी बेटी को अनुकंपा पर नौकरी मिल जाएगी। उधर, उसकी कांस्टेबल गर्लफ्रेंड शादी का दबाव बना रही थी, उन लोगों ने बेटे को इतना टॉर्चर किया कि उसने सुसाइड कर लिया ” ये कहना है वैशाली में खुद को गोली मारकर सुसाइड करने वाले दरोगा के पिता का। पिता ने एफआईआर दर्ज कराई है, जिसमें दरोगा की पत्नी और उसके परिवार पर आरोप लगाया है। दरोगा कब से परेशान चल रहा था, ससुराल वाले उसे किस तरह से टॉर्चर कर रहे थे, महिला कांस्टेबल से कैसे संबंध बने? पढ़िए पूरी रिपोर्ट…। पहले पूरा मामला क्या है, पढ़िए… दरोगा कौशल किशोर कुमार साल 2019 बैच के सब-इंस्पेक्टर थे और मूल रूप से खगड़िया जिले के रहने वाले थे। 6 अप्रैल की शाम उनका शव हाजीपुर के जढुआ स्थित किराए के मकान में खून से लथपथ मिला था। एसपी ने बताया कि उन्होंने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर खुद को गोली मारी थी। प्रारंभिक जांच में मामला निजी कारणों से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। आत्महत्या से महज 15 दिन पहले ही उन्हें जढुआ ओपी का प्रभारी बनाया गया था। इससे पहले वे विदुपुर थाने में तैनात थे। ड्यूटी छोड़कर फरार है महिला कॉन्सटेबल कॉन्सटेबल की आत्महत्या के बाद से ही हाजीपुर के ट्रेजरी ऑफिस में तैनात महिला कॉन्सटेबल राखी फरार है। वो अपने सर्विस से जुड़ी किट कार्यालय में ही छोड़कर निकल गई। पुलिस का कहना है कि उसे जल्दी ही पूछताछ में शामिल होने की मोहलत दिया गया है। फिलहाल उसकी तलाश की जा रही है। कॉन्सटेबल राखी मुंगेर की रहने वाली है। दरोगा कौशल से उसकी पहली मुलाकात विदुपुर के थाने में तैनाती के दौरान हुई थी। उस समय दोनों एक ही थाने में ड्यूटी देते थे। DIG चंदन कुशवाहा का कहना है कि कॉन्सटेबल दरोगा को अपनी पत्नी को छोड़ देने का दबाव बनाने लगी थी, जिससे वह तनाव में रहने लगा। अब पढ़िए, पिता ने FIR में क्या-क्या आरोप लगाए बेटे का पहले किसी लड़की से संबंध था मृतक पुलिस अधिकारी के पिता सच्चिदानंद रजक ने एफआईआर में बताया कि उनका बेटा कौशल किशोर कुमार बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद पर हाजीपुर के जढुआ ओपी में तैनात था और वहीं किराए के मकान में रहता था। उसकी शादी 30 नवंबर 2025 को समस्तीपुर निवासी भाव्या के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद उन्हें पता चला कि उनके बेटे का पहले किसी लड़की से प्रेम संबंध था। इस पर उन्होंने बेटे को समझाया कि अब शादी हो चुकी है, इसलिए पुरानी बातों को भूलकर पत्नी के साथ खुशहाल जीवन बिताओ। पिता के अनुसार शुरुआत में बेटा और बहू साथ रह रहे थे, लेकिन बाद में बहू भाव्या मेरे बेटे को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगी। बेटे ने इसकी जानकारी उन्हें दी थी, जिसके बाद उन्होंने बहू को भी समझाया था कि वह कौशल को परेशान न करे। मेरी बेटी को अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिल जाएगी एफआईआर में पिता ने आरोप लगाया कि घटना से तीन-चार दिन पहले भाव्या के पिता जितेंद्र रजक, मां सुदामा भारती और भाई शाश्वत राज उनके बेटे के हाजीपुर स्थित किराए के मकान पर पहुंचे और तीनों ने मिलकर उनके बेटे को धमकी दी कि वह उन्हें एक करोड़ रुपये दे दे, जिसके बाद भाव्या तलाक दे देगी। यह भी कहा गया कि यदि पैसा नहीं दिया गया तो उसे इतना प्रताड़ित किया जाएगा कि वह आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाएगा। उसकी मौत के बाद भाव्या को अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिल जाएगी। पिता ने कहा कि उस समय उनकी पत्नी वहां मौजूद थीं और उन्होंने फोन कर उन्हें यह पूरी बात बताई थी। बेटे को कोर्ट परिसर में भी अपमानित किया गया पिता ने आगे कहा कि 6 अप्रैल को भाव्या की मां सुदामा भारती ने उनकी पत्नी को वहां से घर भेज दिया और खुद उनके बेटे के पास रुक गईं। उसी दिन उनका बेटा किसी काम से व्यवहार न्यायालय हाजीपुर गया था, जहां सुदामा भारती भी उसके पीछे-पीछे पहुंच गईं और कोर्ट परिसर में ही उसे अपमानित करने लगीं। उन्होंने बेटे पर प्रेमिका से मिलने का आरोप लगाया और सार्वजनिक रूप से बेइज्जत किया। पिता के अनुसार कोर्ट से लौटने के बाद बेटे ने फोन कर उन्हें यह पूरी घटना की जानकारी दी थी। इसके कुछ देर बाद बहू भाव्या ने फोन कर सूचना दी कि उनके बेटे ने कमरे में बंद होकर अपनी सर्विस पिस्टल से खुद को गोली मार ली है। यह खबर मिलते ही पूरा परिवार सदर अस्पताल हाजीपुर पहुंचा। घटना के दिन दरोगा के साथ थी मां मां विमला देवी का कहना है कि शादी के दो महीने तक सबकुछ नॉर्मल था। इसके बाद छोटी-छोटी बात को लेकर झगड़ा होने लगा। मां का कहना है कि उसका बेटा जब ड्यूटी पर जाता था तो पत्नी कहती थी कि वह किसी से मिलने जा रहा है। ड्यूटी के बीच भी वीडियो कॉल पर चेक करती कि वह कहां है, क्या कर रहा है। घर आते ही मोबाइल से सिमकार्ड निकालकर अपने फोन में डाल लेती थी। मेरा सिमकार्ड भी चेक करती थी। पता नहीं उसके दिमाग में क्या चल रहा था। पत्नी पूरी सैलरी जमा कराने को कहती। घर में नौकरानी रखने के लिए उसे परेशान करती थी। वह अपनी मां से हर बात पर राय लेकर उसे कंट्रोल कर रही थी। मैं जब बेटे के साथ रहने गई तो मेरे बेटे पर दबाव बनाकर मुझे वहां से निकलवा दिया। कुछ दिन पहले भावना की मां, पिता और भाई मेरे पास आए थे बातचीत के लिए। कह रहे थे कि मेरी एक ही बेटी है। उसे परेशान नहीं कीजिए, वह घर का काम नहीं कर सकती, नौकरानी रखिए। एक बार तो मेरे बेटे को उसकी सास ने गाली भी दे दी थी। कहती थी मेरी बेटी को बाहर लेकर जाओ, घुमाओ। उसे टाइम दो। लेकिन उसकी ड्यूटी ही वैसी है तो वह टाइम अपने हिसाब से ही देगा। पिछले पांच दिनों में दोनों मां-बेटी ने मेरे बेटे को नाक में दम कर दिया था। मुझे नहीं पता था कि जैसे ही मैं बेटे के पास से हटूंगी, मेरा बेटा आत्महत्या कर लेगा। घटना के दिन क्या-क्या हुआ मां ने आगे बताया, मौत से एक दिन पहले बेटे की सास वैशाली आई थी, उस वक्त मैं खाना खा रही थी। गुस्से में मेरे पास आकर बोली कि भावना को कमजोरी है, एक नौकरानी रखिए और आप यहां से अपने घर जाइए। इसी पर मेरा बेटा बोला- आप भी जाइए और मैं मां को भी खगड़िया भेज देता हूं। अगली सुबह मेरा बेटा मुझे वैशाली से खगड़िया के लिए गाड़ी पर चढ़ा दिया। मैं जब खगड़िया पहुंची तो बेटे को फोन किया। बेटा रोते हुए कह रहा था मां, दोनों मां-बेटी(पत्नी और उसकी मां) ने मुझे बहुत बेइज्जत किया। मेरे साथ गाली-गलौज की। मैं कोर्ट में फाइल देने जा रहा हूं, हालांकि बेटे ने यह क्लीयर नहीं किया कि वो फाइल किस चीज की थी। कोर्ट परिसर में भी दोनों मां-बेटी उससे लड़ाई-झगड़ा और बेईज्जत करने लगी। कोर्ट से लौटने के बाद ही मेरे बेटे ने खुद को खत्म कर लिया।  

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