अमेरिका से बातचीत को लेकर ईरानी विदेश मंत्री का आ गया बयान, बोले- ‘हम बात नहीं करना चाहते’, पाकिस्तान से हो गए रवाना, क्या होगा अमेरिका का रुख?

अमेरिका से बातचीत को लेकर ईरानी विदेश मंत्री का आ गया बयान, बोले- ‘हम बात नहीं करना चाहते’, पाकिस्तान से हो गए रवाना, क्या होगा अमेरिका का रुख?

Iran US Talks: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच शनिवार को एक पल के लिए ऐसा लगा था कि शायद बातचीत की कोई राह निकल सकती है। लेकिन अब वो उम्मीद भी ठंडी पड़ती दिख रही है। हालात फिर वहीं आकर खड़े हो गए हैं। अनिश्चितता और कूटनीतिक खींचतान के बीच। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची अपनी टीम के साथ पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचे थे। मकसद साफ था, अमेरिका के साथ जारी तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान के जरिए बातचीत का रास्ता तलाशना। पाकिस्तान खुद को मध्यस्थ के तौर पर पेश कर रहा था, क्योंकि ईरान सीधे अमेरिका से बात करने के मूड में नहीं है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल बिना अमेरिकी पक्ष के पहुंचे ही इस्लामाबाद से रवाना हो गया। यानी जिस बातचीत की उम्मीद थी, वो शुरू होने से पहले ही खत्म हो गई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ईरानी के विदेश मंत्री ने भी बातचीत से मना कर दिया है।

जान लें डिटेल्स

इस दौरान अराघची ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की। बैठक में पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और सेना प्रमुख सैयद आसिम मुनीर भी मौजूद थे। चर्चा सिर्फ अमेरिका-ईरान तनाव तक सीमित नहीं रही, बल्कि दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने पर भी बात हुई। ईरान का रुख इस पूरे मामले में बिल्कुल साफ है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने दो टूक कहा कि फिलहाल अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं होगी। उनका कहना है कि अमेरिका का रवैया ‘थोपा हुआ आक्रामक कदम’ जैसा है, और ऐसे माहौल में सीधे संवाद की गुंजाइश नहीं बनती।

अमेरिका का रुख क्या है?

अब सवाल ये है कि अमेरिका की तरफ से क्या होता। खबर थी कि डोनाल्ड ट्रंप के करीबी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर इस्लामाबाद आने वाले थे। लेकिन ईरानी टीम के लौट जाने के बाद इस योजना पर फिलहाल सस्पेंस बना हुआ है। दिलचस्प बात ये है कि ईरान अब एक साथ कई देशों से संपर्क साध रहा है। इस्लामाबाद के बाद अराघची का अगला पड़ाव ओमान का मस्कट और फिर रूस का मॉस्को बताया जा रहा है। यानी तेहरान हर संभव रास्ता आजमा रहा है ताकि तनाव कम करने का कोई फार्मूला निकल सके। अमेरिका फिलहाल किसी प्रकार के एक्शन के मूड में नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान कोई प्रस्ताव बना रहा है, जिसका उन्हें इंतजार है। लेकिन अमेरिका ईरान के यूरेनियम को छोड़ने को तैयार नहीं है।

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