अमेरिकी डेलिगेशन से नहीं मिलना चाहते हैं ईरानी नेता, पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट में दावा

अमेरिकी डेलिगेशन से नहीं मिलना चाहते हैं ईरानी नेता, पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट में दावा

US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच जारी शांति वार्ता की कोशिशें धूमिल होती हुई दिख रही हैं। पाकिस्तानी मीडिया में ऐसी रिपोर्टें सामने आ रही है कि तेहरान और वॉशिंगटन के बीच चल रही कूटनीतिक बातचीत से जल्द कोई राहत की खबर नहीं आ सकती है।

पाकिस्तानी न्यूज चैनल ARY News के चेयरमैन कामरान खान के मुताबिक, इस्लामाबाद में दोनों पक्षों के बीच शांति वार्ता की उम्मीदें तेजी से खत्म होती जा रही हैं, क्योंकि ईरानी नेताओं (Iranian Leaders) ने अभी तक सीधे तौर पर अमेरिकी डेलिगेशन (US Delegation) से मिलने पर हामी नहीं भरी है।

शांतिवार्ता को लेकर अनिश्चितता का माहौल

कामरान खान ने एक्स पर लिखा कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रहने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। यह बातचीत इस सप्ताहांत पाकिस्तानी राजधानी में होनी तय थी। खान ने अपनी पोस्ट में कहा कि इस्लामाबाद में आज अमेरिका-ईरान बातचीत के दूसरे दौर के फिर से शुरू होने की उम्मीदें तेजी से खत्म हो रही हैं, क्योंकि तेहरान अभी भी अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से मिलने को तैयार नहीं है, जिसके आज देर रात वॉशिंगटन से पहुंचने की उम्मीद थी।

ईरान ने रख दी होर्मुज स्ट्रेट में ब्लॉकेड हटाने की शर्त

उन्होंने आगे संकेत दिया कि ईरान ने बातचीत फिर से शुरू करने के लिए एक सख्त शर्त रखी है, जो रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) से जुड़ी है। यह दुनिया भर में तेल परिवहन का एक अहम रास्ता है।
खान ने बताया कि ईरानी डेलिगेशन ने पाकिस्तान को साफ तौर पर बता दिया है कि बातचीत का दूसरा दौर आयोजित करने के लिए अमेरिका को सबसे पहले अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई नाकेबंदी हटानी होगी। उन्होंने अपने पोस्ट में आगे कहा कि ईरान लगातार इस बात पर जोर दे रहा है कि बातचीत का दूसरा दौर शुरू करने की शर्त के तौर पर अमेरिकी पक्ष हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अपनी नाकेबंदी खत्म करे।

विटकॉफ और जेरेड कुशनर बातचीत के लिए पाकिस्तान पहुंचेंगे

अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के वरिष्ठ सलाहकार और दामाद, जेरेड कुशनर के नेतृत्व में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल, ईरान के साथ शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान जाने वाला है। इससे पहले शुक्रवार को, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस्लामाबाद पहुंचे, जिससे तेहरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच फिर से शांति वार्ता शुरू होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। यह यात्रा व्हाइट हाउस की उस घोषणा के बाद हो रही है, जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, तेहरान से जुड़ी बातचीत में शामिल होने के लिए विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर को पाकिस्तान भेजेंगे।

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