शाहजहांपुर में मान्यता प्राप्त बेसिक विद्यालय शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई और अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों का कहना है कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा निजी विद्यालयों पर निर्भर है, जहां लाखों शिक्षक सीमित संसाधनों में बच्चों को पढ़ा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें न तो उचित मानदेय मिलता है और न ही सरकारी योजनाओं का लाभ। संघ की प्रमुख मांग ‘समान कार्य के लिए समान वेतन’ है। उन्होंने मांग की है कि शिक्षामित्रों की तर्ज पर निजी विद्यालयों के शिक्षकों के लिए भी न्यूनतम मानदेय निर्धारित किया जाए। अन्य सुविधाएं प्रदान करने की मांग इसके अतिरिक्त, संघ ने मान्यता प्राप्त विद्यालयों के छात्रों को निःशुल्क ड्रेस, पुस्तकें और अन्य सुविधाएं प्रदान करने की मांग की। उन्होंने अभिभावकों के खातों में ₹1200 की सहायता राशि उपलब्ध कराने और आरटीई 2009 के तहत मिलने वाली सुविधाओं का लाभ इन विद्यालयों तक बढ़ाने की भी अपील की। सुविधाओं में समानता लाने की बात ज्ञापन में विभिन्न शिक्षा बोर्डों (जैसे सीबीएसई, आईसीएसई, यूपी बोर्ड) के बीच पाठ्यक्रम और सुविधाओं में समानता लाने की बात कही गई है। संघ ने निजी विद्यालयों के शिक्षकों को भी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान का अधिकार देने की मांग की, ताकि वे अपने प्रतिनिधि चुन सकें। अन्य मांगों में जूडिस पोर्टल पर नामांकन प्रक्रिया को सरल बनाना, विद्यालयों को प्रशासनिक स्वतंत्रता देना और शिक्षा प्रणाली में समान अवसर सुनिश्चित करना शामिल है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो वे भविष्य में आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।


