बीएचयू के मधुबन में संविदा कर्मचारियों का धरना 15वें दिन भी जारी रहा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय संविदा कर्मचारियों से मिलने धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों को अपना समर्थन दिया। साथ ही घोषणा की कि 28 अप्रैल तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वह भी कर्मचारियों के साथ धरने पर बैठेंगे। कर्मचारियों ने कहा कि 30 से 35 साल तक सेवाएं देने के बावजूद उन्हें स्थायी नहीं किया गया। कर्मचारियों ने बताया कि तापमान 44-45 डिग्री तक पहुंच चुका है मगर वे आंदोलन जारी रखे हुए हैं। इस बीच दो बार कुलपति से मिलकर अपनी समस्याएं रखी गईं लेकिन हर बार ठोस निर्णय के बजाए सिर्फ आश्वासन मिला। भीषण गर्मी में धरने पर बैठी कई महिलाओं की तबीयत भी बिगड़ चुकी है। अब जानिए कर्मचारियों ने क्या कहा संविदाकर्मी कंचन लता राय ने बताया कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय में 1300 संविदा और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी हैं। हमारी मांग है कि हमें नियमित किया जाए। हम लोग पिछले कई सालों से मांग कर रहे है। हम लोगों की सुनवाई नहीं हो रही है। इसके लिए कमेटी बनाई गई है, जबकि अभी तक उसका कोई फैसला नहीं आया है। कर्मचारियों ने बताया कि नियमितीकरण को लेकर पिछले कई सालों से वार्ता कर रहे है। हर बार देखने की बात कहकर टाल दिया जाता है। पिछ्ले कई सालों से हमारे पद पर ही वैकेंसी निकाली जाती है, जबकि हम लोगों को नियमित नहीं किया जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मार्च 2026 में समिति का गठन किया है। कर्मचारियों ने कहा कि समिति का जब तक अंतिम निर्णय नहीं आ जाता है। तब तक नई भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं किया जाएं। कर्मचारियों के तृतीय श्रेणी के कनिष्ठ लिपिक के 199 पदों पर भर्ती निकाली गई है। उनका कहना है कि यदि समिति के निर्णय से पहले भर्ती कर ली गई, तो इससे वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों के हित प्रभावित हो सकते हैं।


