सोशल मीडिया पर वर्दी में रील बनाकर पोस्ट करना पूर्णिया की महिला थानाध्यक्ष को महंगा पड़ गया। नियमों को ताक पर रखकर इंस्टाग्राम पर वीडियो डालने के मामले में थानाध्यक्ष शबाना आजमी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस मुख्यालय पहले ही ये निर्देश जारी कर चुका है कि कोई भी पुलिसकर्मी वर्दी में रील या वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं करेगा। इसे अनुशासन और वर्दी की गरिमा से जुड़ा गंभीर मामला माना गया है। बावजूद इसके, पूर्णिया में तैनात महिला थानाध्यक्ष लगातार अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर वर्दी में रील्स पोस्ट कर रही थीं। जैसे ही यह मामला सामने आया, विभाग ने इसे सीधे-सीधे SOP का उल्लंघन माना। पहले भी विवादों में घिर चुकी हैं प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया गया कि पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बिना देरी के कड़ी कार्रवाई की और शबाना आजमी को सस्पेंड कर दिया गया। ये कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी शबाना आजमी के सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सवाल उठते रहे हैं। हालांकि, इस बार मामला विभागीय नियमों के स्पष्ट उल्लंघन से जुड़ा था, इसलिए कार्रवाई भी सख्त हुई। एसपी की सख्त चेतावनी एसपी स्वीटी सहरावत ने बताया कि वर्दी की गरिमा के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच पुलिसकर्मियों के आचरण पर अब खास नजर रखी जा रही है। सभी पुलिसकर्मियों को चेतावनी दी गई है कि वे सोशल मीडिया का इस्तेमाल बेहद सावधानी और नियमों के तहत ही करें। रिश्तेदार को सरकारी कार्यालय में अपनी कुर्सी पर बिठा दिया था इससे पहले फणीश्वरनाथ रेणु टीओपी प्रभारी रहते हुए वे सोशल मीडिया पर फोटो शेयर करने को लेकर विवादों में आ गई थीं। रिश्तेदारों को टीओपी में अपनी कुर्सी पर बैठाने की तस्वीरों को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने सवाल उठाया था और इसे पुलिस मैनुअल एक्ट का उल्लंघन माना गया था। मामला जब बढ़ा तो शबाना आजमी ने पोस्ट को फेसबुक और इंस्टाग्राम से डिलीट कर दिया था। सोशल मीडिया पर वर्दी में रील बनाकर पोस्ट करना पूर्णिया की महिला थानाध्यक्ष को महंगा पड़ गया। नियमों को ताक पर रखकर इंस्टाग्राम पर वीडियो डालने के मामले में थानाध्यक्ष शबाना आजमी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस मुख्यालय पहले ही ये निर्देश जारी कर चुका है कि कोई भी पुलिसकर्मी वर्दी में रील या वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं करेगा। इसे अनुशासन और वर्दी की गरिमा से जुड़ा गंभीर मामला माना गया है। बावजूद इसके, पूर्णिया में तैनात महिला थानाध्यक्ष लगातार अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर वर्दी में रील्स पोस्ट कर रही थीं। जैसे ही यह मामला सामने आया, विभाग ने इसे सीधे-सीधे SOP का उल्लंघन माना। पहले भी विवादों में घिर चुकी हैं प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया गया कि पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बिना देरी के कड़ी कार्रवाई की और शबाना आजमी को सस्पेंड कर दिया गया। ये कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी शबाना आजमी के सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सवाल उठते रहे हैं। हालांकि, इस बार मामला विभागीय नियमों के स्पष्ट उल्लंघन से जुड़ा था, इसलिए कार्रवाई भी सख्त हुई। एसपी की सख्त चेतावनी एसपी स्वीटी सहरावत ने बताया कि वर्दी की गरिमा के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच पुलिसकर्मियों के आचरण पर अब खास नजर रखी जा रही है। सभी पुलिसकर्मियों को चेतावनी दी गई है कि वे सोशल मीडिया का इस्तेमाल बेहद सावधानी और नियमों के तहत ही करें। रिश्तेदार को सरकारी कार्यालय में अपनी कुर्सी पर बिठा दिया था इससे पहले फणीश्वरनाथ रेणु टीओपी प्रभारी रहते हुए वे सोशल मीडिया पर फोटो शेयर करने को लेकर विवादों में आ गई थीं। रिश्तेदारों को टीओपी में अपनी कुर्सी पर बैठाने की तस्वीरों को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने सवाल उठाया था और इसे पुलिस मैनुअल एक्ट का उल्लंघन माना गया था। मामला जब बढ़ा तो शबाना आजमी ने पोस्ट को फेसबुक और इंस्टाग्राम से डिलीट कर दिया था।


