नालंदा के राजगीर थाना क्षेत्र अंतर्गत विरचयत गांव में आज एक 41 साल के व्यक्ति का शव पेड़ से लटका हुआ मिला। मृतक की पहचान गांव के ही निवासी प्रहलाद विश्वकर्मा के रूप में की गई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। हालांकि, इस घटना को लेकर मृतक के परिजनों और पुलिस के बयानों में स्पष्ट विरोधाभास नजर आ रहा है, जिससे मामला पूरी तरह संदिग्ध बना हुआ है। साले ने आत्महत्या की थ्योरी पर उठाए सवाल मृतक के साले निरंजन विश्वकर्मा ने घटना स्थल की स्थिति पर सवाल उठाते हुए इसे हत्या करार दिया है। उनका कहना है कि जिस आम के पेड़ से शव लटका मिला, वह मात्र 5-6 फीट ऊंचा था और मृतक के पैर पूरी तरह जमीन को छू रहे थे। उन्होंने तर्क दिया कि कोई भी व्यक्ति ऐसी स्थिति में खुद फांसी नहीं लगा सकता, क्योंकि दर्द महसूस होते ही इंसान जमीन पर खड़ा हो सकता है। निरंजन ने यह भी बताया कि घटनास्थल पर किसी अनजान व्यक्ति की गंजी और टी-शर्ट बरामद हुई है। त्रिशूल बनाने पहुंचा था एक ग्राहक साले ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 10 बजे कोई व्यक्ति मृतक अधेड़ से त्रिशूल बनवाने के सिलसिले में मिलने आया था और उसके कुछ ही समय बाद यह घटना घट गई। मृतक के छोटे बेटे ने पुलिस को एक ड्राइंग भी दिखाई है जो संभवतः उसी त्रिशूल से संबंधित थी। साढु की बेटी की शादी में नवादा गया है परिवार वहीं, दूसरी ओर मृतक के साढू अरुण विश्वकर्मा ने बताया कि परिवार के अधिकांश सदस्य शादी समारोह में नवादा गए हुए थे और घर पर प्रहलाद अपने छोटे बेटे के साथ अकेले थे। दोपहर करीब 12 से 1 बजे के बीच यह हादसा हुआ। नवादा में साढू की बेटी की शादी 20 अप्रैल को संम्पन्न हुई है। परिवार के लोग घटना के वक्त नवादा में ही थे। नशे का आदि था मृतक इस मामले पर राजगीर थाना अध्यक्ष रमन कुमार का कहना है कि शुरुआती जांच और बेटे के बयान के अनुसार प्रहलाद खुद घर से रस्सी लेकर निकले थे। पुलिस का यह भी कहना है कि मृतक अक्सर नशे की हालत में रहता था, जिससे मामला आत्महत्या की ओर संकेत करता है। पुलिस फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। थानाध्यक्ष ने कहा कि लिखित आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नालंदा के राजगीर थाना क्षेत्र अंतर्गत विरचयत गांव में आज एक 41 साल के व्यक्ति का शव पेड़ से लटका हुआ मिला। मृतक की पहचान गांव के ही निवासी प्रहलाद विश्वकर्मा के रूप में की गई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। हालांकि, इस घटना को लेकर मृतक के परिजनों और पुलिस के बयानों में स्पष्ट विरोधाभास नजर आ रहा है, जिससे मामला पूरी तरह संदिग्ध बना हुआ है। साले ने आत्महत्या की थ्योरी पर उठाए सवाल मृतक के साले निरंजन विश्वकर्मा ने घटना स्थल की स्थिति पर सवाल उठाते हुए इसे हत्या करार दिया है। उनका कहना है कि जिस आम के पेड़ से शव लटका मिला, वह मात्र 5-6 फीट ऊंचा था और मृतक के पैर पूरी तरह जमीन को छू रहे थे। उन्होंने तर्क दिया कि कोई भी व्यक्ति ऐसी स्थिति में खुद फांसी नहीं लगा सकता, क्योंकि दर्द महसूस होते ही इंसान जमीन पर खड़ा हो सकता है। निरंजन ने यह भी बताया कि घटनास्थल पर किसी अनजान व्यक्ति की गंजी और टी-शर्ट बरामद हुई है। त्रिशूल बनाने पहुंचा था एक ग्राहक साले ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 10 बजे कोई व्यक्ति मृतक अधेड़ से त्रिशूल बनवाने के सिलसिले में मिलने आया था और उसके कुछ ही समय बाद यह घटना घट गई। मृतक के छोटे बेटे ने पुलिस को एक ड्राइंग भी दिखाई है जो संभवतः उसी त्रिशूल से संबंधित थी। साढु की बेटी की शादी में नवादा गया है परिवार वहीं, दूसरी ओर मृतक के साढू अरुण विश्वकर्मा ने बताया कि परिवार के अधिकांश सदस्य शादी समारोह में नवादा गए हुए थे और घर पर प्रहलाद अपने छोटे बेटे के साथ अकेले थे। दोपहर करीब 12 से 1 बजे के बीच यह हादसा हुआ। नवादा में साढू की बेटी की शादी 20 अप्रैल को संम्पन्न हुई है। परिवार के लोग घटना के वक्त नवादा में ही थे। नशे का आदि था मृतक इस मामले पर राजगीर थाना अध्यक्ष रमन कुमार का कहना है कि शुरुआती जांच और बेटे के बयान के अनुसार प्रहलाद खुद घर से रस्सी लेकर निकले थे। पुलिस का यह भी कहना है कि मृतक अक्सर नशे की हालत में रहता था, जिससे मामला आत्महत्या की ओर संकेत करता है। पुलिस फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। थानाध्यक्ष ने कहा कि लिखित आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


