Reliance Power Share: शेयर बाजार में कभी-कभी कुछ स्टॉक्स ऐसे भागते हैं कि निवेशक सोच में पड़ जाते हैं। इन दिनों कुछ ऐसा ही हाल अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस पावर का है। अप्रैल 2026 में इस शेयर ने जैसी रफ्तार पकड़ी है, वैसी लंबे समय से नहीं देखी गयी। मंगलवार को कारोबार शुरू होते ही इस शेयर ने छलांग लगाई और 28.66 रुयये पर पहुंच गया। अगर पूरे अप्रैल महीने की बात करें तो यह शेयर 40% से ज्यादा चढ़ चुका है। मार्च के आखिर में इसकी कीमत करीब 20.36 रुपये थी।
आखिर अचानक क्यों चमकने लगा ये शेयर?
बाजार के जानकार इसे महज संयोग नहीं मानते। उनका कहना है कि कंपनी के हालात पहले से बेहतर हुए हैं। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि कंपनी अब कर्ज से काफी हद तक मुक्त हो चुकी है। यही वजह है कि निवेशकों ने नीचे के स्तर पर खरीदारी शुरू कर दी है।
तकनीकी चार्ट भी कहानी बदलने की तरफ इशारा कर रहा है। आनंद राठी के गणेश डोंगरे के मुताबिक, साप्ताहिक चार्ट पर शेयर ने ट्रेंडलाइन तोड़ी है। आसान भाषा में कहें तो गिरावट का दौर खत्म होकर अब तेजी के संकेत मिल रहे हैं। 20 रुपये के आसपास मजबूत सपोर्ट बन चुका है और फिलहाल शेयर उसी के ऊपर ट्रेड कर रहा है।
लेकिन क्या यह तेजी टिकेगी?
यहीं से कहानी थोड़ी पेचीदा हो जाती है। बोनांजा के रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि अभी तक कोई ठोस वजह सामने नहीं आई है जो इस तेजी को पूरी तरह समझा सके। बाजार शायद भविष्य की उम्मीदों पर दांव लगा रहा है- बेहतर नतीजे, सुधार या कोई बड़ा ऐलान। मतलब साफ है, यह तेजी थोड़ी भावनाओं और उम्मीदों पर टिकी हुई है।
मौका भी और खतरा भी
रिलायंस पावर इस समय एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां से रास्ता साफ भी हो सकता है और उलझ भी सकता है। कंपनी में सुधार के संकेत जरूर हैं, लेकिन अभी लगातार मुनाफा, मजबूत कैश फ्लो या कोई बड़ा बिजनेस ट्रिगर साफ नजर नहीं आया है। ऐसे में बिना पक्के संकेत के ऊंचे स्तर पर निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।
आगे कहां तक जा सकता है शेयर?
टेक्निकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक 36 से 40 रुपये के बीच मजबूत रुकावट है। अगर यह स्तर पार हो गया, तो 45 रुपये तक जाने की संभावना बन सकती है। एक्सपर्ट्स ने ट्रेडर्स के लिए सलाह दी है कि अगर खरीदारी करें तो 20 रुपये के आसपास स्टॉप लॉस जरूर रखें।
अंबानी परिवार की हिस्सेदारी
मार्च 2026 के आंकड़ों के मुताबिक अनिल अंबानी के पास कंपनी में 0.01% हिस्सेदारी है। टीना अंबानी और अनमोल अंबानी के पास भी 0.01% हिस्सेदारी है। कोकिला डी अंबानी के पास 0.02% हिस्सेदारी है। यानी प्रमोटर हिस्सेदारी बहुत कम है, लेकिन परिवार की मौजूदगी बनी हुई है।


