राजगीर का आधुनिक रोपवे सेवा 13 दिन बाद शुरू:मेंटेनेंस कार्य को लेकर बंद किया था, भीषण गर्मी में पर्यटकों को मिली राहत

राजगीर का आधुनिक रोपवे सेवा 13 दिन बाद शुरू:मेंटेनेंस कार्य को लेकर बंद किया था, भीषण गर्मी में पर्यटकों को मिली राहत

विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल राजगीर आने वाले देशी-विदेशी सैलानियों के लिए राहत भरी खबर है। तकनीकी कारणों और नियमित मेंटेनेंस के चलते बीते कई दिनों से बंद पड़ा राजगीर का आधुनिक आठ सीटर आकाशीय रज्जुपथ (रोपवे) एक बार फिर पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। रोपवे प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा जांच और जरूरी सुधार कार्यों के पूरा होने के बाद आज से(21 अप्रैल 2026) इसका परिचालन नियमित समय के अनुसार फिर से शुरू कर दिया जाएगा। रोपवे प्रबंधक दीपक कुमार ने बताया कि पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 8 अप्रैल 2026 से 20 अप्रैल 2026 तक रोपवे की सेवाओं को स्थगित रखा गया था। इस 13 दिनों की अवधि के दौरान विशेषज्ञों की देखरेख में रोपवे के तकनीकी हिस्सों की बारीकी से जांच की गई। आवश्यक मेंटेनेंस कार्य संपन्न किए गए। परिचालन शुरू करने से पहले दो अलग-अलग चरणों में भार क्षमता का सफलता पूर्वक ट्रायल भी किया गया है, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए। अगले महीने मलमास मेला राजगीर में लगने वाला है, जिसके चलते यह मेंटेनेंस काफी खास था। पर्यटकों को मिली राहत रत्नागिरी पर्वत की चोटी पर स्थित विश्व शांति स्तूप तक पहुंचने के लिए यह रोपवे पर्यटकों के बीच आकर्षण का मुख्य केंद्र है। हवा में सैर करते हुए पहाड़ियों के सौंदर्य को निहारने की सुविधा देने वाला यह साधन बंद होने के कारण पिछले कुछ दिनों से यहां आने वाले पर्यटकों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही थी। उन्हें पैदल ही चढ़ाई तय करनी पड़ रही थी। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल राजगीर आने वाले देशी-विदेशी सैलानियों के लिए राहत भरी खबर है। तकनीकी कारणों और नियमित मेंटेनेंस के चलते बीते कई दिनों से बंद पड़ा राजगीर का आधुनिक आठ सीटर आकाशीय रज्जुपथ (रोपवे) एक बार फिर पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। रोपवे प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा जांच और जरूरी सुधार कार्यों के पूरा होने के बाद आज से(21 अप्रैल 2026) इसका परिचालन नियमित समय के अनुसार फिर से शुरू कर दिया जाएगा। रोपवे प्रबंधक दीपक कुमार ने बताया कि पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 8 अप्रैल 2026 से 20 अप्रैल 2026 तक रोपवे की सेवाओं को स्थगित रखा गया था। इस 13 दिनों की अवधि के दौरान विशेषज्ञों की देखरेख में रोपवे के तकनीकी हिस्सों की बारीकी से जांच की गई। आवश्यक मेंटेनेंस कार्य संपन्न किए गए। परिचालन शुरू करने से पहले दो अलग-अलग चरणों में भार क्षमता का सफलता पूर्वक ट्रायल भी किया गया है, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए। अगले महीने मलमास मेला राजगीर में लगने वाला है, जिसके चलते यह मेंटेनेंस काफी खास था। पर्यटकों को मिली राहत रत्नागिरी पर्वत की चोटी पर स्थित विश्व शांति स्तूप तक पहुंचने के लिए यह रोपवे पर्यटकों के बीच आकर्षण का मुख्य केंद्र है। हवा में सैर करते हुए पहाड़ियों के सौंदर्य को निहारने की सुविधा देने वाला यह साधन बंद होने के कारण पिछले कुछ दिनों से यहां आने वाले पर्यटकों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही थी। उन्हें पैदल ही चढ़ाई तय करनी पड़ रही थी।  

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