हरदोई में पूर्व जिला पंचायत सदस्य और शाहाबाद विधानसभा से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके अखिलेश पाठक मंगलवार को लखनऊ में समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे। पिछले कुछ दिनों से उनके सपा में शामिल होने की अटकलें लगाईं जा रहीं थीं। इस दौरान उनकी सपा नेताओं से करीबी चर्चा का विषय बनी रही। उनके इस कदम से उनके समर्थकों में जोश भर दिया है। हालांकि उनका यह कदम उन सपा नेताओं के लिए चुनौती साबित हो सकता है जो आने वाले विधानसभा चुनाव के तहत क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा कर टिकट मिलने की आस लगाएं हैं। साल 2005 में शाहाबाद प्रथम से जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए अखिलेश पाठक को जमीनी नेता माना जाता है। बताया जाता है शाहाबाद और सवायजपुर विधानसभा क्षेत्रों में उनका प्रभाव है। साल 2012 में उन्होंने शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली थी। फिर भी वह क्षेत्र की जनता के साथ जुड़े रहे। साल 2017 और 2022 के चुनावों में भी वह टिकट के दावेदार थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। साल 2022 के चुनाव में वह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे थे। चुनाव में सफलता न मिलने के बावजूद वह क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहे। पिछले कुछ महीनों से उन्हें सपा के मंचों पर भी देखा जा रहा था। अखिलेश पाठक ने बताया कि मंगलवार को लखनऊ में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के सामने वह पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे। उन्होंने दावा किया कि सवायजपुर और शाहाबाद के बड़ी संख्या में लोग उनके साथ सपा में शामिल होंगे। अखिलेश पाठक दो बार शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन इस बार उनके सवायजपुर से दावेदार होने की चर्चाएं हैं। सपा से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पार्टी इस बार सवायजपुर सीट से ब्राह्मण चेहरे पर दांव लगाना चाहती है और अखिलेश पाठक इस लिहाज से एक प्रमुख चेहरा हैं। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। इस लिहाज से अखिलेश पाठक का यह कदम अहम माना जा रहा है।


