भिवानी जिले के तोशाम में सोमवार को बिजली टावर लगाने वाली भूमि के रेट लिफाफे खोले गए। एसडीएम संदीप कुमार ने छप्पार जोगियान, छप्पार रांगडान और डाडम गांवों में यह प्रक्रिया सरपंचों, कंपनी अधिकारियों और किसानों की मौजूदगी में पूरी की। इस दौरान प्रशासन, बिजली कंपनी के अधिकारी और किसान उपस्थित रहे। इससे पहले, एसडीएम की अध्यक्षता में प्रशासन ने सरपंचों, बिजली कंपनी के अधिकारियों और किसानों के साथ संयुक्त बातचीत की थी। इसमें यह सहमति बनी थी कि किसानों की सहमति और उचित मुआवजा देने के बाद ही बिजली लाइन का काम शुरू किया जाएगा।
एसडीएम संदीप कुमार ने बताया कि सरकार किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखेगी और उनके साथ कोई अन्याय नहीं होने देगी। यह पावर ग्रिड लाइन सिवानी से सोनीपत तक बिछाई जाएगी। तोशाम उपमंडल के 13 गांव, जिनमें भेरा, मिरान, दरियापुर, छप्पार जोगियान, छप्पार रांगडान, पिंजोखरा, डाडम, बागनवाला, तोशाम, अलखपुरा, सागबन और भूरटाना शामिल हैं, के खेतों से होकर यह लाइन गुजरेगी। भूमि की कीमत तय करने के लिए तीन सर्वे एजेंसियां नियुक्त की गई थीं। इनमें एक एजेंसी किसानों की तरफ से, एक प्रशासन की तरफ से और एक बिजली कंपनी की तरफ से थी। इन तीनों एजेंसियों ने अपने-अपने रेट बंद लिफाफों में जमा किए थे। किसानों के साथ हुई बैठक में ड्रा के माध्यम से इन लिफाफों को खोला गया और गांववार रेट तय किए गए। बंद लिफाफों में आए दो रेटों के बीच की धनराशि को किसानों की सहमति से अंतिम दर के रूप में तय किया गया। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि बिजली के टावर किसानों की सहमति से ही उनके खेतों में लगाए जाएंगे। जहां टावर स्थापित होगा, वहां किसानों को तय रेट का दोगुना मुआवजा मिलेगा। वहीं, जहां से तारें गुजरेंगी, वहां 46 मीटर तक की भूमि के लिए तय रेट का 30 प्रतिशत मुआवजा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, तीन फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के बराबर मुआवजा और खेतों में बने ट्यूबवेल, मकान तथा पेड़ों आदि की कीमत भी अलग से दिलवाई जाएगी।


