Covid Vaccine Side Effects: अक्सर खबर आती है, कोई फिट दिखने वाला 30-35 साल का व्यक्ति जिम में अचानक गिर जाता है और मौत हो जाती है। ऐसे मामलों के बाद सबसे पहले शक COVID-19 वैक्सीन पर जाता है। लेकिन सच्चाई थोड़ी अलग और ज्यादा समझने वाली है।
क्या वैक्सीन से अचानक मौत होती है?
वैज्ञानिकों और हेल्थ एजेंसियों के मुताबिक, वैक्सीन से होने वाले गंभीर साइड इफेक्ट बहुत ही रेयर होते हैं और वो भी आमतौर पर वैक्सीन लगने के 4 से 30 दिन के अंदर दिखते हैं। यानि अगर किसी को सालों बाद अचानक हार्ट अटैक या मौत होती है, तो उसका सीधा कनेक्शन वैक्सीन से नहीं माना जाता।
Rare केस: खून जमने की समस्या
कुछ मामलों में एक दुर्लभ कंडीशन देखी गई थी, जिसे VITT (Vaccine-Induced Thrombosis) कहा जाता है। इसमें शरीर का इम्यून सिस्टम गलती से एक ब्लड प्रोटीन (PF4) को खतरा समझ लेता है। इससे खून के थक्के बनने लगते हैं। New England Journal of Medicine में पब्लिश रिसर्च के अनुसार, यह रिएक्शन बहुत ही कम लोगों में होता है और इसे अब बेहतर तरीके से समझ लिया गया है।
अचानक मौत का असली कारण क्या है?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्यादातर मामलों में असली वजह पुरानी दिल की बीमारी होती है, जो पहले से छुपी होती है। हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, अनडायग्नोज्ड हार्ट प्रॉब्लम, ज्यादा वर्कआउट या स्ट्रेस ये सभी फैक्टर अचानक कार्डियक अरेस्ट का कारण बन सकते हैं।
रिसर्च क्या कहती है?
CDC और Indian Council of Medical Research की स्टडी में पाया गया है कि वैक्सीन और अचानक दिल की मौत के बीच कोई सीधा लिंक नहीं है, खासकर स्वस्थ युवाओं में। कुछ मामलों में mRNA वैक्सीन के बाद हल्की दिल की सूजन (myocarditis) देखी गई, लेकिन ज्यादातर मरीज जल्दी ठीक हो गए।
किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें?
अगर ये संकेत दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:
- सीने में दर्द
- सांस फूलना
- तेज सिरदर्द
- पैरों में सूजन
- अचानक कमजोरी
खुद को कैसे सुरक्षित रखें?
- रेगुलर हेल्थ चेकअप कराएं
- दिल की जांच (ECG, BP) करवाएं
- ओवर-एक्सरसाइज से बचें
- हेल्दी डाइट और लाइफस्टाइल अपनाएं
- किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें
जागरूक रहना ज्यादा जरूरी
हर अचानक मौत के पीछे वैक्सीन को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। असली खतरा अक्सर हमारे लाइफस्टाइल और छुपी हुई दिल की बीमारियां होती हैं। इसलिए डरने के बजाय जागरूक रहना ज्यादा जरूरी है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


