Ovarian Cancer : 20 साल में पहली बार ओवेरियन कैंसर की ऐसी दवा बनी; इंग्लैंड में मिली मंजूरी! इन मरीजों के लिए लाभकारी

Ovarian Cancer : 20 साल में पहली बार ओवेरियन कैंसर की ऐसी दवा बनी; इंग्लैंड में मिली मंजूरी! इन मरीजों के लिए लाभकारी

Ovarian Cancer New Treatment: यूरोपियन मेडिकल जर्नल के अनुसार, इंग्लैंड की सरकारी स्वास्थ्य संस्था नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) ने ओवेरियन कैंसर यानी अंडाशय के कैंसर के इलाज के लिए मिरवेटुक्सीमैब सोराव्टैन्सिन नाम की एक बेहद आधुनिक टारगेटेड दवा को मंजूरी दे दी है। ये पिछले 20 सालों में इस बीमारी के इलाज में यह अब तक की सबसे बड़ी खोज है। आइए जानते हैं कि ये दवा कैसे काम करती है और इसका फायदा किन मरीजों को मिलेगा?

यह दवा कैसे काम करती है?

यह कोई आम दवा या साधारण कीमोथेरेपी नहीं है, बल्कि इसे टारगेटेड थेरेपी कहा जाता है। यह दवा शरीर में जाते ही एक जासूस की तरह काम करती है। इसमें एक खास तरह का एंटीबॉडी होता है जो सीधे कैंसर वाली कोशिकाओं (Cells) को ढूंढ निकालता है। जैसे ही इसे कैंसर सेल्स मिलते हैं, यह सीधे उन पर हमला करती है और उन्हें खत्म कर देती है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह केवल कैंसर से खराब हो चुके अंगों पर असर करती है, जिससे शरीर के बाकी स्वस्थ हिस्से (Healthy Tissue) सुरक्षित रहते हैं और उन्हें नुकसान नहीं पहुंचता।

किन मरीजों को मिलेगा इसका फायदा?

यह दवा मुख्य रूप से उन महिलाओं के लिए है जिन्हें एपिथेलियल ओवेरियन कैंसर, पेरिटोनियल या फैलोपियन ट्यूब का कैंसर है। जिन पर पुरानी प्लेटिनम-आधारित कीमोथेरेपी दवाएं बेअसर हो चुकी हैं और जिनके शरीर में फोलेट रिसेप्टर अल्फा (FRα) नाम का प्रोटीन पाया जाता है। अनुमान है कि हर साल करीब 400 महिलाओं को इस नए इलाज से सीधे तौर पर फायदा मिलेगा।

ट्रायल के नतीजे और एक्सपर्ट्स की राय

पुरानी कीमोथेरेपी लेने वाले मरीज जहां औसतन 12.8 महीने जीते थे, वहीं इस नई दवा के इस्तेमाल से मरीजों की जिंदगी बढ़कर औसतन 16.5 महीने हो गई। एक तिहाई (30% से ज्यादा) मरीजों में देखा गया कि उनके ट्यूमर का साइज कम से कम 30% तक सिकुड़ गया यानी छोटा हो गया। यह दवा हर तीन हफ्ते में नस (Intravenous) के जरिए दी जाती है।

NHS की नेशनल क्लिनिकल लीड प्रोफेसर रूथ प्लमर ने इसे पिछले दो दशकों का सबसे बड़ा ब्रेकथ्रू बताया है। उन्होंने कहा, यह दवा कैंसर कोशिकाओं की खास कमियों को पहचान कर उन पर हमला करती है, जिससे मरीजों की जिंदगी को बेहतर बनाने में मदद मिल रही है। वहीं, ओवेरियन कैंसर चैरिटी ओवाकोम की सीईओ विक्टोरिया क्लेयर ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा, यह खबर ओवेरियन कैंसर के मरीजों के लिए एक नई उम्मीद की किरण लेकर आई है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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