लग्जरी गाड़ी छोड़ बैलगाड़ी पर चढ़े JDU विधायक:दूल्हे के साथ 10KM तक सफर, बेगूसराय से समस्तीपुर तक निकली ‘देसी बारात’

लग्जरी गाड़ी छोड़ बैलगाड़ी पर चढ़े JDU विधायक:दूल्हे के साथ 10KM तक सफर, बेगूसराय से समस्तीपुर तक निकली ‘देसी बारात’

आज के आधुनिक युग में जहां शादियों का मतलब ऊंची चमक-धमक, महंगी गाड़ियां और लाखों का दिखावा है। वहीं, बेगूसराय से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। छौड़ाही प्रखंड में एक ऐसी बारात निकली, जिसमें न तो गाड़ियों का शोर था और न ही पेट्रोल-डीजल का धुआं। यहां दूल्हा अपनी दुल्हनिया लेने किसी ऑडी या मर्सिडीज में नहीं, बल्कि पूर्वजों की याद दिलाने वाली सजी-धजी बैलगाड़ी पर सवार होकर निकला। चर्चा की बात तो तब हुई जब क्षेत्र के जेडीयू विधायक अभिषेक आनंद ने भी अपनी गाड़ी किनारे खड़ी कर दी। दूल्हे के साथ बैलगाड़ी पर बैठकर करीब 10 किलोमीटर का सफर तय किया। यह अनोखा नजारा 17 अप्रैल को पुरपथार निवासी चंद्रकांत यादव के बेटे प्रिंस यादव की शादी में देखने को मिला। प्रिंस की यह बारात छौड़ाही से समस्तीपुर जिले के हसनपुर तक जानी थी। आम तौर पर लोग बारात में एसयूवी या लग्जरी कारों का काफिला पसंद करते हैं। लेकिन प्रिंस ने अपनी संस्कृति और पर्यावरण को चुनकर एक मिसाल पेश की। बैलगाड़ी वाले आइडिया ने प्रभावित किया सफेद बैलों की जोड़ी और फूलों से लदी बैलगाड़ी जब सड़क पर निकली, तो देखने वालों का तांता लग गया। लोग छतों पर चढ़कर इस पारंपरिक बारात का दीदार करने लगे। चेरिया बरियारपुर विधानसभा क्षेत्र के जेडीयू विधायक अभिषेक आनंद को जब इस शादी का निमंत्रण मिला, तो उन्हें इस बैलगाड़ी वाले आइडिया ने बेहद प्रभावित किया। विधायक न केवल शादी में शामिल हुए, बल्कि उन्होंने खुद भी बैलगाड़ी पर बैठकर बारात का हिस्सा बनने का फैसला किया। विधायक को बैलगाड़ी की सवारी करते देख स्थानीय लोग दंग रह गए। उनके साथ अंगरक्षक और सुरक्षाकर्मी भी चल रहे थे। अपनी परंपराओं को जिंदा रख सकते हैं जेडीयू विधायक ने कहा कि यह पहल समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करेगी। आज जब पूरी दुनिया ग्लोबल वॉर्मिंग और प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है, बेगूसराय की इस शादी ने एक बड़ा संदेश दिया है। विधायक के सहयोगी महेश कुशवाहा ने बताया कि आज कल शादियों में दिखावे के नाम पर बेतहाशा खर्च और प्रदूषण फैलाया जाता है। प्रिंस यादव और उनके परिवार ने बैलगाड़ी को चुनकर यह बताया है कि हम अपनी परंपराओं के साथ भी शान से शादी कर सकते हैं। यह इको-फ्रेंडली’ बारात भविष्य की पीढ़ी के लिए एक मार्गदर्शक है। बारात बेगूसराय की सीमा पार कर समस्तीपुर के हसनपुर पहुंची तो रास्ते भर लोग वीडियो बनाते दिखे। जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। आज के आधुनिक युग में जहां शादियों का मतलब ऊंची चमक-धमक, महंगी गाड़ियां और लाखों का दिखावा है। वहीं, बेगूसराय से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। छौड़ाही प्रखंड में एक ऐसी बारात निकली, जिसमें न तो गाड़ियों का शोर था और न ही पेट्रोल-डीजल का धुआं। यहां दूल्हा अपनी दुल्हनिया लेने किसी ऑडी या मर्सिडीज में नहीं, बल्कि पूर्वजों की याद दिलाने वाली सजी-धजी बैलगाड़ी पर सवार होकर निकला। चर्चा की बात तो तब हुई जब क्षेत्र के जेडीयू विधायक अभिषेक आनंद ने भी अपनी गाड़ी किनारे खड़ी कर दी। दूल्हे के साथ बैलगाड़ी पर बैठकर करीब 10 किलोमीटर का सफर तय किया। यह अनोखा नजारा 17 अप्रैल को पुरपथार निवासी चंद्रकांत यादव के बेटे प्रिंस यादव की शादी में देखने को मिला। प्रिंस की यह बारात छौड़ाही से समस्तीपुर जिले के हसनपुर तक जानी थी। आम तौर पर लोग बारात में एसयूवी या लग्जरी कारों का काफिला पसंद करते हैं। लेकिन प्रिंस ने अपनी संस्कृति और पर्यावरण को चुनकर एक मिसाल पेश की। बैलगाड़ी वाले आइडिया ने प्रभावित किया सफेद बैलों की जोड़ी और फूलों से लदी बैलगाड़ी जब सड़क पर निकली, तो देखने वालों का तांता लग गया। लोग छतों पर चढ़कर इस पारंपरिक बारात का दीदार करने लगे। चेरिया बरियारपुर विधानसभा क्षेत्र के जेडीयू विधायक अभिषेक आनंद को जब इस शादी का निमंत्रण मिला, तो उन्हें इस बैलगाड़ी वाले आइडिया ने बेहद प्रभावित किया। विधायक न केवल शादी में शामिल हुए, बल्कि उन्होंने खुद भी बैलगाड़ी पर बैठकर बारात का हिस्सा बनने का फैसला किया। विधायक को बैलगाड़ी की सवारी करते देख स्थानीय लोग दंग रह गए। उनके साथ अंगरक्षक और सुरक्षाकर्मी भी चल रहे थे। अपनी परंपराओं को जिंदा रख सकते हैं जेडीयू विधायक ने कहा कि यह पहल समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करेगी। आज जब पूरी दुनिया ग्लोबल वॉर्मिंग और प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है, बेगूसराय की इस शादी ने एक बड़ा संदेश दिया है। विधायक के सहयोगी महेश कुशवाहा ने बताया कि आज कल शादियों में दिखावे के नाम पर बेतहाशा खर्च और प्रदूषण फैलाया जाता है। प्रिंस यादव और उनके परिवार ने बैलगाड़ी को चुनकर यह बताया है कि हम अपनी परंपराओं के साथ भी शान से शादी कर सकते हैं। यह इको-फ्रेंडली’ बारात भविष्य की पीढ़ी के लिए एक मार्गदर्शक है। बारात बेगूसराय की सीमा पार कर समस्तीपुर के हसनपुर पहुंची तो रास्ते भर लोग वीडियो बनाते दिखे। जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।  

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