US Marines Seize Iranian Vessel Touska Hormuz: होर्मुज जलडमरूमध्य के पास समुद्र में उस वक्त बेहद तनावपूर्ण हालात बन गए जब अमेरिकी नौसेना ने ईरानी-ध्वज वाले कार्गो जहाज टूस्का को रोककर उस पर कब्जा कर लिया। यह ऑपरेशन कई घंटों तक चली निगरानी, चेतावनियों और अंततः सैन्य कार्रवाई के बाद अंजाम दिया गया। पूरी घटना के वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गया है।
कई घंटों तक ट्रैक करता रहा अमेरिका
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना इस जहाज को लंबे समय से ट्रैक कर रही थी। यह जहाज होर्मुज के पास ईरानी जलक्षेत्र की ओर बढ़ रहा था। गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर यूएसएस स्प्रूअन्स (अमेरिकी नौसेना का विध्वंसक जहाज) ने जहाज का पीछा किया और उसे कई बार रुकने के लिए चेतावनी दी। हालांकि, जहाज ने इन चेतावनियों का पालन नहीं किया और अपनी दिशा में आगे बढ़ता रहा।
चेतावनी के बाद भी नहीं रुका जहाज
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, जहाज को कई बार रेडियो के जरिए चेतावनी दी गई, लेकिन उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। स्थिति को देखते हुए अमेरिकी बलों ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया। इसके तहत पहले जहाज की गति को नियंत्रित करने की कोशिश की गई।
गोलाबारी कर प्रोपल्शन सिस्टम किया निष्क्रिय
जब जहाज ने चेतावनियों को नजरअंदाज किया, तब अमेरिकी नौसेना ने फायरिंग करते हुए उसके प्रोपल्शन सिस्टम को निष्क्रिय कर दिया। इस कार्रवाई के बाद जहाज की गति धीमी हो गई और वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो गया। इसके बाद ऑपरेशन के अगले चरण की शुरुआत हुई।
हेलीकॉप्टर से उतरे मरीन कमांडोज
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि हेलीकॉप्टर जहाज के ऊपर मंडरा रहे हैं और अमेरिकी मरीन कमांडोज रस्सियों के जरिए जहाज पर उतर रहे हैं। कमांडोज के उतरते ही उन्होंने तेजी से जहाज के अलग-अलग हिस्सों पर कब्जा करना शुरू किया और कुछ ही देर में पूरे जहाज को अपने नियंत्रण में ले लिया है। यह पूरा ऑपरेशन बेहद तेज और योजनाबद्ध तरीके से किया गया, जिसे कैमरे में कैद किया गया।
ट्रंप ने क्या कहा
इस कार्रवाई पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि टूस्का नाम का यह जहाज अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को पार करने की कोशिश कर रहा था। उन्होंने कहा कि यह कोशिश सफल नहीं हो सकी और अमेरिकी बलों ने उसे रोक दिया।

ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद ईरान ने कड़ा विरोध जताया है। एक सैन्य प्रवक्ता ने इस कार्रवाई को सशस्त्र समुद्री डकैती करार देते हुए कहा कि इसका जवाब दिया जाएगा। ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति ने भी बयान देते हुए कहा कि अगर ईरान के तेल निर्यात को रोका जाएगा, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
होर्मुज में बढ़ता तनाव
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई का असर वैश्विक बाजारों और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है। यह घटना अमेरिका और ईरान के बीच पहले से चल रहे तनाव को और बढ़ाने वाली मानी जा रही है।
वीडियो में दिखा पूरा ऑपरेशन
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें चेतावनी फायरिंग से लेकर मरीन कमांडोज के जहाज पर उतरने और उसे कब्जे में लेने तक की पूरी प्रक्रिया दिखाई गई है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे हेलीकॉप्टर से कमांडोज रस्सियों के जरिए नीचे उतरते हैं और कुछ ही मिनटों में जहाज को सुरक्षित कर लेते हैं।


