Iran Israel Conflict Update: अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता से पहले एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बढ़ गया है। इसी बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि जब तक अमेरिका ईरानी जहाजों और बंदरगाहों पर लगाए गए अपने नौसैनिक प्रतिबंध नहीं हटाता, तब तक इस अहम समुद्री मार्ग से किसी भी जहाज को गुजरने की अनुमति नहीं होगी। यदि कोई भी जहाज गुजरेगा तो उसे निशाना बनाया जाएगा।
दरअसल, पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच पहले दौर की वार्ता विफल होने के बाद अमेरिका ने होर्मुज में नाकेबंदी कर दी थी। इसके बाद ईरान ने भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को एक बार फिर बंद कर दिया।
‘जहाजों को आगे बढ़ने की नहीं है इजाजत’
IRGC ने कहा कि फारस की खाड़ी और ओमान सागर में खड़े किसी भी जहाज को आगे बढ़ने की इजाजत नहीं है। अगर कोई जहाज हॉर्मुज जलडमरूमध्य की ओर बढ़ता है, तो उसे दुश्मन का सहयोगी माना जाएगा और उसे निशाना बनाया जाएगा।
इसके बाद रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार को दो भारतीय जहाजों पर ईरानी नौसेना द्वारा फायरिंग करने का भी मामला सामने आया है। इस घटना के बाद भारत ने ईरानी राजदूत को तलब किया है।
ईरान के नियंत्रण में है होर्मुज
ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कालिबाफ ने भी होर्मुज को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह ईरान के नियंत्रण में है। उन्होंने अमेरिका के नौसैनिक कदम को अपरिपक्व और अज्ञानपूर्ण फैसला बताया।
बता दें कि यह घोषणा उस समय आई है, जब ईरान ने कुछ घंटों पहले ही इस जलमार्ग को अस्थायी रूप से खोला था। यह कदम इजरायल-लेबनान के बीच 10 दिन के सीजफायर के तहत उठाया गया था। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने शुक्रवार को कहा था कि जलडमरूमध्य सभी व्यावसायिक जहाजों के लिए पूरी तरह खुला है, जिसके बाद वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई थी।
ट्रंप ने दी चेतावनी
उधर, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की इस कार्रवाई पर सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि तेहरान इस तरह समुद्री मार्ग बंद कर वॉशिंगटन को ब्लैकमेल नहीं कर सकता। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि अगर तय समय सीमा तक समझौता नहीं हुआ, तो सीज़फायर खत्म कर दिया जाएगा और नौसैनिक प्रतिबंध जारी रहेगा।
वहीं, ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने कहा है कि उनकी नौसेना दुश्मनों को नई और कड़ी हार देने के लिए पूरी तरह तैयार है।


