पूर्णिया में जिला अधिवक्ता संघ का चुनाव को लेकर वोटिंग जारी है। 29 पदों के लिए 76 कैंडिडेट मैदान में हैं। इसे लेकर वकीलों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। जिले भर से 1280 एडवोकेट वोटिंग में शामिल हो रहे हैं। वोटिंग सुबह 9 बजे से शुरू है, जो शाम 5 बजे तक चलेगी। काउंटिंग देर रात से शुरू होगी, जबकि रिजल्ट अगले दिन सुबह तक जारी किए जाएंगे। ये चुनाव साल 2026-28 यानी दो साल के कार्यकाल के लिए हो रहा है। हर सीट पर सीधा मुकाबला है। जीत के लिए सभी कैंडिडेट्स ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। सबसे ज्यादा नजरें अध्यक्ष पद पर टिकी हुई हैं। इस एक पद के लिए 6 मजबूत कैंडिडेट आमने-सामने हैं। इनमें अजय कुमार सिन्हा, विभाकर प्रसाद सिंह, विश्वनाथ झा, जितेंद्र नारायण, संजय कुमार सिंह और सुदीप राय शामिल हैं। ये पद सबसे प्रतिष्ठित माना जाता है और इसके लिए कम से कम 20 साल का अनुभव जरूरी होता है। ऐसे में यहां सिर्फ चुनाव नहीं, बल्कि अनुभव, पकड़ और छवि की सीधी टक्कर देखने को मिल रही है। खासकर विभाकर प्रसाद सिंह जैसे वरीय अधिवक्ता, जो पहले भी अध्यक्ष रह चुके हैं, उनकी दावेदारी इस मुकाबले को और दिलचस्प बना रही है। उपाध्यक्ष के 3 पद के लिए 6 उम्मीदवार मैदान में अन्य पदों के लिए कड़ा मुकाबला है। उपाध्यक्ष के 3 पद के लिए 6 उम्मीदवार मैदान में हैं। महासचिव पद के लिए कई मजबूत दावेदार आमने-सामने हैं। संयुक्त सचिव के 3 पद के लिए 10 उम्मीदवार, सहायक सचिव के 3 पद के लिए 11, कार्यकारिणी सदस्य के 7 सीट के लिए 13, निगरानी सदस्य के 3 सीट के लिए 9 कैंडिडेट के अलावा कोषाध्यक्ष, अंकेक्षक और पुस्तकालय प्रभारी जैसे पदों पर भी सीधी टक्कर है। कोई भी सीट वन-साइडेड नहीं दिख रही। मतदान को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से कराने के लिए कोर्ट परिसर में 4 बूथ बनाए गए हैं। हर बूथ पर प्रजाइडिंग ऑफिसर, पोलिंग ऑफिसर और सहायक कर्मियों की तैनाती की गई है। पूरी चुनाव प्रक्रिया मुख्य चुनाव पदाधिकारी अवधेश कुमार तिवारी की निगरानी में हो रही है। जहां एक तरफ अनुभवी एडवोकेट अपनी साख बचाने और मजबूत करने में लगे हैं, वहीं युवा वकील भी पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में सक्रिय नजर आ रहे हैं। यही वजह है कि मुकाबला और ज्यादा रोमांचक हो गया है। ये चुनाव अब सिर्फ एक प्रक्रिया नहीं रह गया है, बल्कि पूरी तरह प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है। हर उम्मीदवार अपने समर्थन में वोटरों को साधने की कोशिश में लगा है। कोर्ट परिसर में लगातार हलचल बनी हुई है। मुख्य चुनाव पदाधिकारी अवधेश कुमार तिवारी ने बताया कि शाम 5 बजे वोटिंग खत्म होने के बाद देर रात से काउंटिंग शुरू होगी। सुबह तक नतीजे सामने आ जाएंगे। पूर्णिया में जिला अधिवक्ता संघ का चुनाव को लेकर वोटिंग जारी है। 29 पदों के लिए 76 कैंडिडेट मैदान में हैं। इसे लेकर वकीलों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। जिले भर से 1280 एडवोकेट वोटिंग में शामिल हो रहे हैं। वोटिंग सुबह 9 बजे से शुरू है, जो शाम 5 बजे तक चलेगी। काउंटिंग देर रात से शुरू होगी, जबकि रिजल्ट अगले दिन सुबह तक जारी किए जाएंगे। ये चुनाव साल 2026-28 यानी दो साल के कार्यकाल के लिए हो रहा है। हर सीट पर सीधा मुकाबला है। जीत के लिए सभी कैंडिडेट्स ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। सबसे ज्यादा नजरें अध्यक्ष पद पर टिकी हुई हैं। इस एक पद के लिए 6 मजबूत कैंडिडेट आमने-सामने हैं। इनमें अजय कुमार सिन्हा, विभाकर प्रसाद सिंह, विश्वनाथ झा, जितेंद्र नारायण, संजय कुमार सिंह और सुदीप राय शामिल हैं। ये पद सबसे प्रतिष्ठित माना जाता है और इसके लिए कम से कम 20 साल का अनुभव जरूरी होता है। ऐसे में यहां सिर्फ चुनाव नहीं, बल्कि अनुभव, पकड़ और छवि की सीधी टक्कर देखने को मिल रही है। खासकर विभाकर प्रसाद सिंह जैसे वरीय अधिवक्ता, जो पहले भी अध्यक्ष रह चुके हैं, उनकी दावेदारी इस मुकाबले को और दिलचस्प बना रही है। उपाध्यक्ष के 3 पद के लिए 6 उम्मीदवार मैदान में अन्य पदों के लिए कड़ा मुकाबला है। उपाध्यक्ष के 3 पद के लिए 6 उम्मीदवार मैदान में हैं। महासचिव पद के लिए कई मजबूत दावेदार आमने-सामने हैं। संयुक्त सचिव के 3 पद के लिए 10 उम्मीदवार, सहायक सचिव के 3 पद के लिए 11, कार्यकारिणी सदस्य के 7 सीट के लिए 13, निगरानी सदस्य के 3 सीट के लिए 9 कैंडिडेट के अलावा कोषाध्यक्ष, अंकेक्षक और पुस्तकालय प्रभारी जैसे पदों पर भी सीधी टक्कर है। कोई भी सीट वन-साइडेड नहीं दिख रही। मतदान को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से कराने के लिए कोर्ट परिसर में 4 बूथ बनाए गए हैं। हर बूथ पर प्रजाइडिंग ऑफिसर, पोलिंग ऑफिसर और सहायक कर्मियों की तैनाती की गई है। पूरी चुनाव प्रक्रिया मुख्य चुनाव पदाधिकारी अवधेश कुमार तिवारी की निगरानी में हो रही है। जहां एक तरफ अनुभवी एडवोकेट अपनी साख बचाने और मजबूत करने में लगे हैं, वहीं युवा वकील भी पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में सक्रिय नजर आ रहे हैं। यही वजह है कि मुकाबला और ज्यादा रोमांचक हो गया है। ये चुनाव अब सिर्फ एक प्रक्रिया नहीं रह गया है, बल्कि पूरी तरह प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है। हर उम्मीदवार अपने समर्थन में वोटरों को साधने की कोशिश में लगा है। कोर्ट परिसर में लगातार हलचल बनी हुई है। मुख्य चुनाव पदाधिकारी अवधेश कुमार तिवारी ने बताया कि शाम 5 बजे वोटिंग खत्म होने के बाद देर रात से काउंटिंग शुरू होगी। सुबह तक नतीजे सामने आ जाएंगे।


